पांचवें दिन भी कुत्ते ने मां दुर्गा की मूर्ति के लगाए चक्कर, अब उसकी भी पूजा शुरू, दिल्ली से टीम पहुंची
यूपी के बिजनौर में नगीना के नंदपुर खुर्द गांव में प्राचीन सिद्ध पीठ नंदलाल देवता मंदिर में कुत्ते ने मां दुर्गा की मूर्ति के चक्कर लगाए। कुत्ते को लगातार चक्कर लगाता देखकर अब उसकी भी पूजा शुरू हो गई है। कुत्ते की जांच को दिल्ली से भी टीम पहुंची है।

यूपी के बिजनौर में नगीना क्षेत्र के ग्राम नंदपुर खुर्द में प्राचीन सिद्ध पीठ नंदलाल देवता मंदिर में पांचवें दिन शुक्रवार को भी आधा घंटे तक कुत्ते ने दुर्गा मां के चक्कर लगाए। अब लोगों ने उसकी भी पूजा करनी शुरू कर दी है। कुत्ते के लिए नई रजाई भी मंगवाई गई है। कुत्ता जब थककर आराम करने लगता है तो उसे ठंड से बचाने के लिए रजाई भी ओढ़ाई जाती है। वहीं, डॉक्टरों की टीम ने कुत्ते का परीक्षण किया। कुत्ता पांच दिन से कुछ खा पी नहीं रहा था, इसलिए डॉक्टरों ने उसके ड्रिप लगाई। इसके अलावा, दिल्ली से एनजीओ की टीम भी आई, जिसने कुत्ते की जांच की।
नगीना बढ़ापुर मार्ग स्थित ग्राम नन्दपुर खुर्द में गत सोमवार से एक कुत्ता हनुमान जी की मूर्ति के चक्कर लगा रहा था। मंगलवार को भी लगातार चक्कर लगाता देख लोगों ने कुत्ते की पूजा शुरू कर दी। इसके बाद गुरुवार को कुत्ते ने मां शेरो वाली की मूर्ति चक्कर लगाने शुरू किए। कुत्ते के चक्कर देखने और जांच के लिए डॉक्टरों की टीम भी आई।

डॉक्टरों ने कुत्ते को बिस्कुट भी खिलाने का प्रयास किया, लेकिन उसने नहीं खाया और वह चक्कर लगाता रहा। वहीं नगीना थाना प्रभारी अवनीत मान पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।
भैरवनाथ मंदिर के निर्माण की मांग
आस्था और कौतूहल के इस अनोखे संगम ने अब एक बड़े धार्मिक आयोजन का रूप ले लिया है, जहां पांचवें दिन भी कुत्ते की 'परिक्रमा' जारी रहने से ग्रामीण इसे साक्षात ईश्वरीय संकेत मान रहे हैं। स्थिति यह है कि जिस कुत्ते को पहले केवल एक जानवर के रूप में देखा जा रहा था, अब श्रद्धालु उसे 'भैरव बाबा' का रूप मानकर उसकी आरती उतार रहे हैं और तिलक लगाकर आशीर्वाद ले रहे हैं। ग्रामीणों की बढ़ती आस्था को देखते हुए अब मंदिर परिसर में भव्य 'भैरवनाथ मंदिर' निर्माण की मांग ने जोर पकड़ लिया है, जिसके लिए भक्तों ने दान-पुण्य और भजन-कीर्तन के साथ मेले जैसी तैयारियां भी शुरू कर दी हैं।
वहीं दूसरी ओर, दिल्ली से आई एनजीओ की टीम और स्थानीय प्रशासन इस बात को लेकर चिंतित है कि पांच दिनों से अन्न-जल त्याग चुके इस बेजुबान की सेहत न बिगड़े, जिसके चलते डॉक्टरों की निगरानी में उसे ड्रिप चढ़ाकर सुरक्षित रखने के हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।

लेखक के बारे में
Yogesh Yadavयोगेश यादव हिन्दुस्तान में डिप्टी न्यूज एडिटर के पद पर हैं।
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