
ताजमहल दिखाने के बहाने पति को आगरा लाकर सिर कूंचकर हत्या, पत्नी और प्रेमी को उम्रकैद
ताजमहल घूमने के बहाने पति को आगरा लाने के बाद मथुरा में हत्या करने वाली पत्नी और उसके प्रेमी को अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। सजा सुनाने के दौरान जज ने कड़ी टिप्पणी भी की। कहा कि अगर पति पसंद नहीं था तो हत्या के अलावा भी कई विकल्प थे।
प्रेमी संग मिलकर पति की सिर कुचलकर हत्या कर शव को मथुरा के राया कट पर फेंकने वाली पत्नी और उसके प्रेमी को एडीजे विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट डा. पल्लवी अग्रवाल ने आजीवन कारावास और 30-30 हजार रुपये अर्थदण्ड की सजा से दण्डित किया है। शासन की ओर से मुकदमे की पैरवी सहायक शासकीय अधिवक्ता अवनीश उपाध्याय द्वारा की गई। राया थाना क्षेत्र स्थित एक्सप्रेस वे के राया कट के निकट झाड़ियों में 16 दिसंबर 2020 की सुबह अज्ञात युवक का शव पुलिस ने बरामद किया था। युवक की हत्या सिर कुचलकर की गई थी।

अगले दिन 17 दिसंबर को शव की पहचान ग्राम सेवली थाना मुंडकटी जिला पलवल हरियाणा निवासी शिव कुमार पुत्र स्वर्गीय भरतलाल के रूप में उसके चचेरे भाई हरीशचंद पुत्र लक्ष्मण सिंह ने पोस्टमार्टम गृह पहुंच कर ली। हरीशचंद ने हत्या का शक मृतक की पत्नी पूनम पुत्री चंद्रपाल निवासी ग्राम गोरोला थाना टप्पल अलीगढ़ और उसके ही गांव के प्रेमी संदीप पुत्र महावीर पर जाहिर करते हुए राया थाने में हत्या कर शव फेंकने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
हरीशचंद ने पुलिस को बताया था कि शिवकुमार अपनी पत्नी के साथ आगरा ताजमहल घूमने की बात कहकर 14 दिसंबर 2020 को घर से निकला था। इसके बाद से उसका कोई पता नहीं था। राया पुलिस ने पूनम व उसके प्रेमी संदीप को शिवकुमार की हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेजा था।
पुलिस ने पूनम और संदीप के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। मुकदमे की सुनवाई एडीजे विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट डा. पल्लवी अग्रवाल की अदालत में हुई। एडीजीसी अवनीश उपाध्याय ने बताया कि अदालत ने पूनम व उसके प्रेमी संदीप को हत्या का दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और तीस-तीस हजार रुपये अर्थदण्ड की सजा से दण्डित किया है। दोनों जमानत पर थे। निर्णय सुनाए जाने के बाद अदालत ने दोनों का सजाई वारंट बना उन्हें सजा भुगतने के लिए जेल भेज दिया।
विवाह के छह माह बाद ही कर दी हत्या
प्रेमी संग मिलकर पति की सिर कुचलकर हत्या करने वाली पत्नी को लेकर अदालत ने तल्ख टिप्पणी की है। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने पत्नी और उसके प्रेमी की कम उम्र व पारिवारिक स्थिति को लेकर कम से कम सजा दिए जाने का तर्क अदालत में दिया। इस पर अदालत ने कहा कि अभियुक्ता पूनम ने संदीप के साथ मिलकर विवाह के छह माह के अंदर ही विवाहेत्तर प्रेम संबंध में अपने पति की हत्या पत्थर मार-मारकर नृशंस तरीके से की तथा शव को लावारिस की हालत में छोड़कर भाग गये। अभियुक्तगण का अपराध गंभीर प्रकृति का है।
अदालत ने कहा कि अभियुक्ता को अपने पति के साथ नहीं रहना था, तो उसके पास हत्या के अलावा भी अन्य कई विकल्प थे, किंतु उसने न केवल अपने पति की नृशंस हत्या कारित की है, अपितु समाज के सर्वाधिक दैश्वात्तिक संबंधों की भी हत्या की है। वैवाहिक संबंध समाज के गठन में प्रारंभिक वैश्वासिक सोपान है, जिस पर स्वस्थ समाज का निर्माण होता है।
अन्य व्यक्ति से प्रेम-प्रसंग रखते हुए पति की हत्या, निश्चित तौर पर अभियुक्तगण की दूषित मानसिकता को दर्शित करता है, जो कि न केवल विधिक अपराध है, अपितु समाजिक ढांचे को भी नष्ट करता है, क्योंकि अपराध का कारण कोई मानसिक विद्वेष या आत्मरक्षा न होकर, मात्र विकृत मानसिकता को दर्शित करता है।

लेखक के बारे में
Yogesh Yadavयोगेश यादव हिन्दुस्तान में डिप्टी न्यूज एडिटर के पद पर हैं।
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