
तीन-चार सीट दे भाजपा तो वापस ले लेंगे कैंडिडेट; ओमप्रकाश राजभर की बढ़ रही छटपटाहट
भारतीय सुहेलदेव पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और यूपी की सरकार में पंचायती राज व अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री ओम प्रकाश राजभर बिहार में भाजपा से गठबंधन न होने से नाराज़ हैं।
बिहार में चुनावी बिगुल बज चुका है। राजनीतिक दल भी पूरी तरह से अब एक्टिव हो हो गए हैं। एनडीए ने अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है। जैसे ही भाजपा ने उम्मीदवारों के नामों की लिस्ट जारी कि उसे देखक ओम प्रकाश राजभर नाराज हो गए। भाजपा उम्मीदवारों की लिस्ट आने के बाद से ही राजभर छटपटाते नजर आ रहे हैं। इसके बाद राजभर ने भी 153 सीटों पर अपने प्रत्याशियों को चुनावी मेदान में उतार दिया। हालांकि राजभर अब भी भाजपा से उम्मीद लगाए बैठे हैं कि उनको अगर तीन-चार सीटें मिल जाती हैं तो वह अपने उम्मीदवारों का नाम वापस ले लेंगे। इसको लेकर राजभर ने एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर जारी किया।

भारतीय सुहेलदेव पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और यूपी की सरकार में पंचायती राज व अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री ओम प्रकाश राजभर बिहार में भाजपा से गठबंधन न होने से नाराज़ हैं। उन्होंने हालांकि 153 प्रत्याशियों को मैदान में उतारने की तैयारी करने का दावा किया है, फिर भी उन्होंने भाजपा से तीन-चार सीटें मिलने पर प्रत्याशियों के नाम वापस लेने की बात कही है। ओम प्रकाश राजभर ने गुरुवार को वीडियो जारी कर कहा कि भाजपा की बिहार इकाई को यह लग रहा था कि मेरी पार्टी वहां भी पांव जमा लेगी। जीतेगी तो मंत्रिमंडल में भी लेना पड़ेगा। बिहार में जब चार सीटों पर हुए उपचुनाव में हमने प्रत्याशी उतारे थे तो वहां के भाजपा प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप जायसवाल ने कहा कि प्रत्याशियों के नाम वापस ले लीजिए वरना हम लोग चुनाव हार जाएंगे। ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि जब लोकसभा के चुनाव हुए तो वादा किया गया था कि आयोग आदि में सुभासपा को हिस्सेदारी दी जाएगी। आयोग में लोगों को पद दिए गए लेकिन सुभासपा को तवज्जो नहीं दी गई।
ओम प्रकाश ने कहा कि बाद में विनोद तावड़े, जेपी नड्डा और अमित शाह का फोन आया तो यह बात हो गई कि आप नाम वापस ले लीजिए तो आयोग में लिया जाएगा लेकिन नहीं लिया गया। फिर जब बिहार का चुनाव आया तो सुभासपा ने कोशिश की कि गठबंधन हो जाए। यूपी के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक, राज्यसभा सांसद दिनेश शर्मा और दयाशंकर सिंह के जरिये प्रयास किया गया कि बिहार में गठबंधन हो जाए लेकिन नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि हम लोग चार-पांच सीटें मांग रहे थे लेकिन बात नहीं बनी। अब पार्टी बिहार में 153 सीटों पर अकेले अपने दम पर चुनाव लड़ेगी।
भाजपा तीन-चार सीटें दे दें तो नाम वापस ले लेंगे
ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि अब भागीदारी पार्टी के साथ मिलकर चुनाव लड़ेंगे। बिहार में प्रजापति समाज की अच्छी खासी संख्या है। दोनों पार्टियां बैठकर तय करेंगे जहां टकराव होगा, वहां तय कर लिया जाएगा। हर विधानसभा में कम से कम 5 से 10 हजार प्रजापति मतदाता हैं। उन्होंने कहा कि यूपी में गठबंधन पर इससे कोई असर नहीं पड़ेगा। यूपी में परिश्रम करने वाले नेता हैं। अगर हम पार्टी का विकास नहीं करेंगे तो क्या करेंगे? भारतीय जनता पार्टी आज भी चाहे तो तीन-चार सीटें दे दे तो हम प्रत्याशियों के नाम वापस ले लेंगे।



