अफसर MLA का नहीं उठाते फोन, विपक्ष की बात पर मंत्री सुरेश खन्ना बोले-ऐसे अधिकारियों पर होगा ऐक्शन
अफसर MLA का फोन नहीं उठाते हैं। विपक्ष की बात पर मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी। स्पीकर महाना ने भी व्यवस्था बनाने की बात की।

यूपी विधानसभा में मंगलवार को विपक्ष ने फिर अधिकारियों पर निशाना साधा है। विपक्षी सदस्यों ने कहा है कि विधानसभा अध्यक्ष की पीठ से निर्देश के बाद भी अधिकारी फोन नहीं उठाते हैं। संसदीय कार्यमंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि इसको बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, ऐसे अधिकारियों पर कार्रवाई होगी। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा कि संसादीय कार्य मंत्री के साथ बैठक कर इसके लिए कोई व्यवस्था बनाते हैं।
संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि कार्यपालिका व्यवस्थापिका पर हाबी है, यह आरोप बर्दाश्त नहीं करेंगे। इसी सदन ने चार पुलिस कर्मियों को सजा दी। अधिकारी फोन का जवाब नहीं देते हैं, तो उन्हें देना चाहिए। नंबर का रिकार्ड वे रखें, नहीं तो कार्रवाई होगी। सरकार इसको बर्दाश्त नहीं करेगी। समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण ने सुझाव दिया कि फोन न उठने की समस्या को देखते हुए विधानसभा की ओर से एक नंबर जारी किया जाए, जिसे सभी अधिकारियों को सेव कराया जाए। अधिकारियों द्वारा फोन न उठाने पर इस पर शिकायत की जाए और इसी नंबर से उसको संदेश भेजा जाए, जिससे बात हो सके।
नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने कहा कि कार्यपालिका लोकतंत्र को कमजोर करने में लगी हुई है। सपा के कमाल अख्तर ने कहा कि यह समस्या केवल विपक्ष की नहीं बल्कि सत्ता पक्ष की भी है। मंत्रियों व विधायकों तक की अधिकारी बात नहीं सुन रहे हैं। सत्ता पक्ष के विधायकों व मंत्रियों तक को धरना देना पड़ रहा है। सपा की डा. रागिनी ने कहा कि अधिकारी यदि मीटिंग में व्यस्त हैं, तो उन्हें बाद में फोन करना चाहिए।
आरटीई के तहत स्कूलों की शुल्क प्रतिपूर्ति की राशि अभी नहीं बढ़ेगी
विधान परिषद में मंगलवार को सरकार ने कहा कि आरटीई के तहत स्कूलों को शुल्क के रूप में दी जाने वाली सरकारी सहायता में वृद्धि का कोई विचार नहीं है। सरकार की तरफ बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री संदीप सिंह ने कहा कि अभी इसमें वृद्धि करने का कोई प्रस्ताव नहीं है। निर्दलीय समूह के राजबहादुर सिंह चंदेल एवं डा. आकाश अग्रवाल ने शून्यकाल में शिक्षा के अधिकार के माध्यम से 6 से 14 साल के बच्चों को निःशुल्क पढ़ाये गये छात्रों की फीस का भुगतान सरकार द्वारा वित्तविहीन विद्यालयों को समय पर नहीं दिया जाता है। दिया भी जाता है तो वह इतना कम है कि इससे वित्तविहीन स्कूल को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है। डा. आकाश अग्रवाल ने कहा कि निजी विद्यालयों को शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए अधिकतम 450 रुपये प्रतिमाह की दर से 11 महीने के लिए दिए जाते हैं, जिसका नियम वर्ष 2011 में बना था। तब से 14 वर्ष बीत चुके हैं और महंगाई दर भी काफी बढ़ गई है। ऐसे में सरकार को शुल्क प्रतिपूर्ति की दर प्रति छात्र 3000 रुपये करना चाहिए।
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Deep Pandeyदीप नरायन पांडेय लाइव हिन्दुस्तान में पिछले आठ सालों से यूपी की खबरें करते हैं। डिजिटल, टीवी और प्रिंट जर्नलिज्म में 15 साल से अधिक का अनुभव रखने वाले दीप नरायन पांडेय वरिष्ठ पत्रकार हैं। दीप अब डिजिटल मीडिया के जाने माने नाम बन गए हैं। दीप हिंदी भाषा की डिजिटल पत्रकारिता के नए आयामों को बेहतर समझते हैं। यूपी की राजनीति के साथ क्राइम की खबरों पर अच्छी पकड़ है। सामाजिक, इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यटन, शिक्षा और हेल्थ पर भी लिखते हैं। दीप पाठकों की पसंद को समझने और उसी तरह से न्पूज प्रस्तुत करने में माहिर हैं। दीप सरल भाषा में खबरों को पाठकों तक पहुंचाते हैं। खबर लिखने के अलावा साहित्य पढ़ने-लिखने में भी रुचि रखते हैं। मास कम्युनिकेशन में बीए और एमए दीप नरायन पांडेय मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गोंडा के रहने वाले हैं। दीप ने पत्रकारिता की शुरुवात लखनऊ से की। टीवी चैनल से करियर का आगाज करने वाले दीप इसके बाद प्रिंट अमर उजाला लखनऊ में भी रहे। हिन्दुस्तान प्रिंट में वाराणसी, गोरखपुर, फिर लखनऊ में कार्य के दौरान विभिन्न जिलों के डेस्क इंचार्ज रहे हैं। यूपी विधानसभा चुनाव 2012, 2017, 2022, लोकसभा चुनाव, पंचायत चुनावों के दौरान बेहतर कवरेज कर चुके हैं।
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