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मतदान से पहले बुर्के वाली महिलाओं की जांच पर सपा का एतराज, चुनाव आयोग से की ये मांग

मतदान से पहले बुर्के वाली महिलाओं की जांच पर सपा का एतराज, चुनाव आयोग से की ये मांग

संक्षेप: सपा ने कहा कि यह निर्देश आयोग की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर सवाल खड़ा कर रहा है। पार्टी ने आरोप लगाया कि इससे देश में एक विशेष सम्प्रदाय के मतदाताओं को निशाना बनाया गया है। कहा कि यह अलोकतात्रिक और असंवैधानिक है। पार्टी की ओर से लखनऊ में यूपी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को ज्ञापन दिया गया।

Tue, 14 Oct 2025 06:54 AMAjay Singh लाइव हिन्दुस्तान
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समाजवादी पार्टी ने चुनाव आयोग से बुर्के वाली महिलाओं की आंगनवाड़ी सेविकाओं से पहचान कराए जाने और जांच के बाद मतदान कराने संबंधी निर्देश वापस लेने की मांग की है। पार्टी ने कहा है कि नया निर्देश भारत निर्वाचन आयोग के नियमों के खिलाफ है। यह आयोग की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर सवाल खड़ा कर रहा है। देश में पारदर्शी, स्वतंत्र और भयमुक्त निष्पक्ष चुनाव हो सकें इसके लिए जरूरी है कि यह निर्देश वापस लिया जाए। बता दें कि बिहार विधानसभा चुनावों को लेकर चुनाव आयोग ने कहा है कि मतदान केंद्रों पर आंगनवाड़ी सेविकाएं मौजूद रहेंगी। आवश्यकता पड़ने पर वे बुर्का पहनी महिला मतदाताओं की पहचान में मदद करेंगी।

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सोशल मीडिया प्लेटफार्म ‘एक्स’ पर समाजवादी पार्टी ने एक पोस्ट में कहा कि निर्वाचन आयोग ने बिहार विधान सभा चुनाव में अपने निर्देश को सख्ती से लागू करने और आगामी विधान सभा और लोकसभा चुनावों में भी इसे लागू करने को कहा है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल की ओर से मुख्य निर्वाचन आयुक्त को सम्बोधित ज्ञापन लखनऊ में यूपी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को दिया गया। ज्ञापन देने वालों में सपा के प्रदेश सचिव केके श्रीवास्तव, वरिष्ठ नेता डॉ. हरिश्चंद्र सिंह और राधेश्याम शामिल रहे।

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ज्ञापन में कहा गया है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का नया निर्देश भारत निर्वाचन आयोग के नियमों के विपरीत है क्योंकि भारत निर्वाचन आयोग की *HAND BOOK FOR RETURING OFFICER* के पृष्ठ संख्या-143 के पैराग्राफ *13.6.9 Process of Identification of Voter by Polling Officer* में मतदान के दिन मतदान अधिकारी को मतदाता की आईडी (मतदाता पहचान पत्र की जांच करने का अधिकार दिया गया है।

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सपा के इस ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने भारत निर्वाचन आयोग के नियमों के विपरीत जा कर नया निर्देश जारी किया है। सपा ने कहा कि आयोग की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर सवाल खड़ा कर रहा है। पार्टी ने आरोप लगाया कि इस नये नियम से देश में एक विशेष सम्प्रदाय के मतदाताओं को निशाना बनाया गया है। यह अलोकतात्रिक और असंवैधानिक है। पार्टी ने कहा कि चुनाव आयोग का फैसला गलत है। नया निर्देश एक विशेष सम्प्रदाय को निशाना बनाने वाला है।

Ajay Singh

लेखक के बारे में

Ajay Singh
अजय कुमार सिंह दो दशक से अधिक अनुभव वाले वरिष्ठ पत्रकार हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की और टीवी होते हुए अब डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं। राजनीति, स्वास्थ्य, शिक्षा और पर्यावरण से जुड़ीं खबरों को गहराई से कवर किया है। फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान में असिस्टेंट एडिटर हैं और उत्तर प्रदेश की राजनीति और क्राइम खबरों पर विशेष फोकस रखते हैं। और पढ़ें
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