राम मंदिर चढ़ावा मामले में अब आरोप लगाने वालों की बारी; SIT करेगी पूछताछ, जांच के 7 दिन पूरे
राम मंदिर चढ़ावा हेराफेरी के आरोपों की जांच कर रही एसआईटी अब सोशल मीडिया पर ट्रस्ट पर सवाल उठाने वालों से पूछताछ करेगी। सोमवार से दूसरे चरण की जांच शुरू होगी। पूर्व कर्मचारी होने का दावा करने वाले महिपाल समेत कई लोगों ने चढ़ावे और बहुमूल्य धातुओं के प्रबंधन को लेकर आरोप लगाए हैं।

राम मंदिर के चढ़ावे की रकम में हेराफेरी के आरोप की जांच एसआईटी ने शुरू की तो कई लोगों ने अपने को रामजन्मभूमि का पूर्व कर्मचारी बताकर कई खुलासे किए। पूर्व इंजीनियर होने का दावा करने वाले ने तो निर्माण कार्य में भी व्यापक घोटाले का आरोप लगा दिया है। अभी तक जितने भी लोगों ने सोशल मीडिया के माध्यम से श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के क्रियाकलापों पर प्रश्न चिन्ह लगाया है, अब एसआईटी उन लोगों से पूछताछ कर मामले की तह तक जाएगी। सोमवार से दूसरे चरण की जांच प्रस्तावित है। इस बीच बीते सात दिनों की जांच में अधिकारियों के सामने कई मामलों की परतें खुलीं। इसकी कुछ की प्रारंभिक पूछताछ के आधार पर रिपोर्ट तैयार की गई है। जो मुख्यालय पहुंच भी गई है। इससे पहले के घटनाक्रम को देखें तो सबसे पहले सोशल मीडिया पर महिपाल ने अपने को पूर्व कर्मचारी बताते हुए चढ़ावे की रकम में बड़े पैमाने पर हेराफेरी का आरोप लगाया। इसके बाद मामले ने और तूल पकड़ लिया। इसके बाद मामले की चर्चा पूरे देश में शुरू हो गई।
कई लोगों ने सोशल मीडिया पर लगाए हेराफेरी के आरोप
हालांकि महिपाल एक बार बयान देने के बाद दोबारा किसी चैनल और सोशल मीडिया पर नजर नहीं आए। उन्होंने लोगों का फोन उठाना तक बंद कर दिया। सोशल मीडिया पर अपने बयान के बीच उन्होंने दावा किया था कि जांच में पूरा सहयोग करेंगे। इसके बाद रोकडिया हनुमान मंदिर के पीठाधीश्वर आचार्य विनोद मिश्रा ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को जानकारी दी कि जौनपुर के जंघई में रहने वाले शिष्य अजय विश्वकर्मा द्वारा गले का सुंदर हार, चरण पादुका रामलला को अर्पित किया गया था। मगर राम मंदिर ट्रस्ट ने उसकी कोई रसीद और सबूत एक वर्ष बीतने के बाद भी उपलब्ध नहीं कराई है। इसके बाद ही धातुओं की हेराफेरी के भी आरोप लगने लगे।
पूर्व इंजीनियर बताते हुए दीनानाथ ने लगाए थे आरोप
फिर खुद को राम जन्मभूमि परिसर का प्रोजेक्ट इंजीनियर बताते हुए दीनानाथ वर्मा ने भी सोशल मीडिया का सहारा लिया और उन्होंने कई सनसनीखेज खुलासे किए। ट्रस्ट के एक सदस्य डॉक्टर अनिल मिश्रा पर कमीशन लेकर निर्माण कार्य कराने का बड़ा आरोप लगाया। उन्होंने राम मंदिर की नींव खुदने में निकलने वाली मिट्टी तक को बिक जाने का दावा किया। इसके बाद निर्माण कार्य में घोटाले का धुआं उठने लगा। एक दिन पहले एक किरदार की और एंट्री हुई। कर्नाटक में रहने वाले बजरंग दल के कार्यकर्ता शशिकांत शर्मा ने भी एक कर्मचारी का नाम लेकर कुछ आरोप लगाए।
अब आरोप लगाने वालों से SIT करेगी पूछताछ
एक सप्ताह के भीतर देखें तो एसआईटी की जांच के बीच कुछ लोगों ने निर्माण से लेकर मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाने वाले रुपए और धातुओं को गायब करने का आरोप लगाया है। सूत्र बताते हैं कि अब जांच के दूसरे चरण में सोशल मीडिया सहित अन्य माध्यमों से जिन लोगों ने विभिन्न प्रकार के आरोप लगाए हैं अब उनसे भी पूछताछ की जाएगी। इसके बाद ही पता चल सकेगा कि उनके दावे में कितनी सच्चाई थी। इसके बाद बड़ी कार्रवाई की चर्चा है।


