अब 5000 रुपए में अपने नाम करा सकेंगे ये संपत्तियां, योगी कैबिनेट से मिली मंजूरी
योगी सरकार ने अब औद्योगिक और व्यावसायिक संपत्तियां भी 5000 रुपये के स्टांप पर अपनों के नाम करने की सुविधा दे दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कैबिनेट की बैठक में यह फैसला हुआ।

योगी सरकार ने आवासीय व कृषि की तरह औद्योगिक और व्यावसायिक संपत्तियां भी 5000 रुपये के स्टांप पर अपनों के नाम करने की सुविधा दे दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को कैबिनेट की बैठक में यह फैसला हुआ। इस फैसले से पारिवारिक सदस्यों के बीच व्यावसायिक व औद्योगिक संपत्तियों के दान पर स्टांप शुल्क कम देना होगा। भारतीय स्टांप अधिनियम-1899 में अभी तक दान विलेखों पर संपत्ति के मूल्य के अनुसार हस्तांतरण पत्र (कन्वेयंस डीड) की भांति स्टांप शुल्क देय होता है, जबकि रजिस्ट्रेशन अधिनियम-1908 के प्रावधानों के अनुसार अचल संपत्ति के दान विलेख का पंजीकरण अनिवार्य है।
स्टांप तथा न्यायालय शुल्क एवं पंजीयन मंत्री रवींद्र जायसवाल ने बताया कि स्टांप व रजिस्ट्रेशन विभाग ने 3 अगस्त 2023 की अधिसूचना जारी करते हुए अचल संपत्ति का दान परिवार के सदस्यों में करने के लिए छूट देते हुए 5000 रुपये स्टांप पर करने की सुविधा दी थी। उस समय यह छूट केवल आवासीय व कृषि संपत्तियों पर दी गई थी। मुख्यमंत्री ने औद्योगिक और व्यासायिक संपत्तियों को परिवारिक सदस्यों के बीच 5000 रुपये के स्टांप पर करने की सुविधा दे दी है। इससे परिवारों के बीच संपत्तियों के बंटवारे की प्रक्रिया सरल, पारदर्शी और कम खर्चीली हो जाएगी।
उन्होंने बताया कि 2022 से पहले तक परिवार के रिश्ते में यदि कोई प्रॉपर्टी देता था तो उसे सर्किल रेट के बराबर पूरा स्टांप शुल्क देना पड़ता था। यह शुल्क शहर में सात प्रतिशत और गांवों में पांच प्रतिशत था। मुख्यमंत्री ने पहले चरण में आवासीय और कृषि संपत्तियों के बंटवारे की सुविधा दी थी और अब औद्योगिक व व्यावसायिक संपत्तियों पर भी दे दी है। उन्होंने बताया कि अधिसूचना जारी होने की तिथि से यह सुविधा प्रभावी होगी। इसके बाद 5000 रुपये के स्टांप पर संपत्तियों का बंटवारा अपनों के बीच आसानी से किया जा सकेगा।
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लेखक के बारे में
Deep Pandeyदीप नरायन पांडेय लाइव हिन्दुस्तान में पिछले आठ सालों से यूपी की खबरें करते हैं। डिजिटल, टीवी और प्रिंट जर्नलिज्म में 15 साल से अधिक का अनुभव रखने वाले दीप नरायन पांडेय वरिष्ठ पत्रकार हैं। दीप अब डिजिटल मीडिया के जाने माने नाम बन गए हैं। दीप हिंदी भाषा की डिजिटल पत्रकारिता के नए आयामों को बेहतर समझते हैं। यूपी की राजनीति के साथ क्राइम की खबरों पर अच्छी पकड़ है। सामाजिक, इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यटन, शिक्षा और हेल्थ पर भी लिखते हैं। दीप पाठकों की पसंद को समझने और उसी तरह से न्पूज प्रस्तुत करने में माहिर हैं। दीप सरल भाषा में खबरों को पाठकों तक पहुंचाते हैं। खबर लिखने के अलावा साहित्य पढ़ने-लिखने में भी रुचि रखते हैं। मास कम्युनिकेशन में बीए और एमए दीप नरायन पांडेय मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गोंडा के रहने वाले हैं। दीप ने पत्रकारिता की शुरुवात लखनऊ से की। टीवी चैनल से करियर का आगाज करने वाले दीप इसके बाद प्रिंट अमर उजाला लखनऊ में भी रहे। हिन्दुस्तान प्रिंट में वाराणसी, गोरखपुर, फिर लखनऊ में कार्य के दौरान विभिन्न जिलों के डेस्क इंचार्ज रहे हैं। यूपी विधानसभा चुनाव 2012, 2017, 2022, लोकसभा चुनाव, पंचायत चुनावों के दौरान बेहतर कवरेज कर चुके हैं।
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