अब एक कार्निया से तीन मरीजों को मिलेगी रोशनी, ‘दुआ लेयर’ से नेत्र प्रत्यारोपण में नई क्रांति

अब एक कार्निया से तीन मरीजों को मिलेगी रोशनी, ‘दुआ लेयर’ से नेत्र प्रत्यारोपण में नई क्रांति

संक्षेप:

डॉ. दुआ ने बताया कि आंख के पारदर्शी हिस्से कार्निया में अब तक पांच परतें मानी जाती थीं। रिसर्च के दौरान इनके बीच एक अत्यंत पतली और मजबूत छठीं परत मिली है। यहीं कार्निया की संरचना में स्थायित्व के लिए महत्वपूर्ण है। इस परत की खोज ने प्रत्यारोपण की तकनीक को पूरी तरह बदल दिया है।

Nov 08, 2025 07:12 am ISTAjay Singh वरिष्ठ संवाददाता, गोरखपुर
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Eye Transplant: आंखों में सबसे अहम हिस्सा होता है कार्निया। यहीं से आंखों को दृष्टि मिलती है। आमतौर पर एक कार्निया के प्रत्यारोपण से एक आंख की रोशनी वापस मिलती थी। इस तस्वीर को ब्रिटेन में रहने वाले भारतीय मूल के चिकित्सक डॉ. हरमिंदर सिंह दुआ ने बदल दिया है। डॉ. हरमिंदर ने कार्निया की छठीं लेयर की खोज की है। इस लेयर को उनके नाम पर ‘दुआ लेयर’ कहा गया है। इसने नेत्र प्रत्यारोपण की दुनिया में एक नई क्रांति ला दी है। इस खोज से अब एक कार्निया से तीन मरीजों की आंखों में रोशनी लौटाई जा सकती है।

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शुक्रवार को गोरखपुर के गुलरिहा के रिजार्ट में आप्थलमोलाजिकल सोसाइटी की राज्य स्तरीय कांफ्रेंस गोरक्षआईकान- 2025 में डॉ. दुआ बतौर मुख्य अतिथि मौजूद रहे। तीन दिवसीय इस कांफ्रेंस का उद्घाटन शनिवार को सीएम योगी आदित्यनाथ कर सकते हैं। इसमें देश-विदेश के करीब 1100 नेत्ररोग विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं।

डॉ. दुआ ने बताया कि आंख के पारदर्शी हिस्से कार्निया में अब तक पांच परतें मानी जाती थीं। रिसर्च के दौरान इनके बीच एक अत्यंत पतली और मजबूत छठीं परत मिली। यहीं कार्निया की संरचना में स्थायित्व के लिए महत्वपूर्ण है। इस परत की खोज ने प्रत्यारोपण की तकनीक को पूरी तरह बदल दिया है। पहले किसी भी रोगी को कार्निया ट्रांसप्लांट की जरूरत होती थी तो पूरा कार्निया बदला जाता था, लेकिन अब केवल क्षतिग्रस्त लेयर को ही बदला जा सकता है।

आंखों में धंसे लोहे के टुकड़े को सर्जरी कर निकाला

सेमिनार के दौरान पहले दिन डॉक्टरों ने अपने द्वारा की गई 12 सर्जरी की वीडियो का प्रदर्शन कर सर्जरी की बारिकियों और बीमारी के बारे में बताया। बनारस के डॉ. अभिषेक दीक्षित ने आंखों के अंदर धंसे लोहे के टुकड़े को निकालने की सर्जरी का प्रदर्शन किया। गोरखपुर के नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ शशांक कुमार ने ग्लूकोमा और कैटरेक्ट की बीमारी से जूझ रहे मरीज की सर्जरी के बारे में बताया।

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Ajay Singh
अजय कुमार सिंह दो दशक से अधिक अनुभव वाले वरिष्ठ पत्रकार हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की और टीवी होते हुए अब डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं। राजनीति, स्वास्थ्य, शिक्षा और पर्यावरण से जुड़ीं खबरों को गहराई से कवर किया है। फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान में असिस्टेंट एडिटर हैं और उत्तर प्रदेश की राजनीति और क्राइम खबरों पर विशेष फोकस रखते हैं। और पढ़ें
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