जमीन के बंटवारे के लिए अब ऑनलाइन आवेदन, 3 नए पोर्टल से दफ्तरों के चक्कर लगाने की झंझट खत्म

विशेष संवाददाता, लखनऊ
Follow us on Google News
share

लोगों को अब विभाजन का वाद दाखिल करने के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत कम होगी। तीन नए पोर्टल बनने से सह-खातेदार जमीन बंटवारे के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। नया डिजिटल सिस्टम इन सभी प्रक्रियाओं को तकनीक के माध्यम से अधिक सरल और पारदर्शी बनाने में मदद करेगा। 

now apply for land division online with 3 new portals eliminating the hassle of running around offices
जमीन के बंटवारे के लिए अब ऑनलाइन आवेदन, 3 नए पोर्टल से दफ्तरों के चक्कर लगाने की झंझट खत्म

उत्तर प्रदेश में जमीन के बंटवारे के लिए आवेदन करना अब बहुत आसान होगा। तीन नए पोर्टल बनने से सह-खातेदार जमीन बंटवारे के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। इससे लोगों को विभाजन का वाद दाखिल करने के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत कम होगी। आवेदन के बाद नोटिस और उद्घोषणा की प्रक्रिया भी डिजिटल होगी। लेखपाल की रिपोर्ट भी पोर्टल पर उपलब्ध होगी। पोर्टल में जीआईएस टेक्नोलॉजी की सुविधा जोड़ी गई है। इससे भूमि की वास्तविक भौगोलिक स्थिति देख सकेंगे। धारा 116 के तहत सह-खातेदार द्वारा होल्डिंग के विभाजन का वाद किया जा सकता है।

ऐसे मामलों में खतौनी, संबंधित अभिलेख और भूमि के नक्शे की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। नया डिजिटल सिस्टम इन सभी प्रक्रियाओं को तकनीक के माध्यम से अधिक सरल और पारदर्शी बनाने में मदद करेगा। इससे भूमि विभाजन से जुड़े मामलों के निस्तारण में तेजी आने की उम्मीद है। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग प्रमाण पत्र के लिए ईडब्ल्यूएस पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। लेखपाल और तहसीलदार रिपोर्ट ऑनलाइन भेजेंगे। आवेदन किस स्तर पर है और उसकी प्रगति क्या है, इसकी जानकारी डिजिटल माध्यम से दर्ज की जा सकेगी। सरलीकृत खतौनी में भूमि का क्षेत्रफल छह दशमलव स्थानों तक प्रदर्शित किया जाएगा। इससे जमीन के क्षेत्रफल की जानकारी अधिक सटीक तरीके से उपलब्ध होगी। विशेष रूप से छोटे भूखंडों और भूमि से जुड़े मामलों में इससे लोगों को स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी।

ईडब्ल्ल्यूएस प्रमाण पत्र और खतौन बनवाना भी हुआ और आसान

बंटवारे ही नहीं जमीन, नामांतरण (म्यूटेशन या दाखिल-खारिज), पैमाइश और अन्य राजस्व मामलों का समाधान भी अब समय पर हो जाएगा। राजस्व परिषद ने डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए आवेदन से लेकर निस्तारण तक की प्रक्रिया को ट्रैक करने की व्यवस्था की है। योगी सरकान ने शुक्रवार को धारा 116 पोर्टल, ईडब्ल्यूएस पोर्टल और सरलीकृत खतौनी का शुभारंभ किया है। इस मौके पर ट्रेनी पीसीएस अधिकारी भी मौजूद रहे।

अनावश्यक भागदौड़ और कागजी प्रक्रिया से राहत

राजस्व परिषद की अध्यक्ष अर्चना अग्रवाल ने बताया कि इन 3 पोर्टल से लोगों को राजस्व से जुड़ी सेवाओं के लिए अनावश्यक भागदौड़ और कागजी प्रक्रिया से राहत मिल जाएगी। जमीन से संबंधित मामलों में पारदर्शिता बढ़ाने, अधिकारियों की जवाबदेही तय करने और प्रकरणों का समयबद्ध ढंग से निस्तारण करने पर जोर दिया गया है। उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता की धारा 116 के तहत जमीन बंटवारे से जुड़े मामलों के लिए नया पोर्टल शुरू किया गया है। अब सह-खातेदार जमीन बंटवारे के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। आर्थिक रूप से कमजोर (ईडब्ल्यूएस) प्रमाण पत्र के लिए भी ऑनलाइन आवेदन किया जा सकेगा। लेखपाल और तहसीलदार रिपोर्ट ऑनलाइन भेजेंगे। आवेदन किस स्तर पर है और उसकी प्रगति क्या है, इसकी जानकारी डिजिटल माध्यम से दर्ज और मॉनिटर की जा सकेगी।

Ajay Singh

लेखक के बारे में

Ajay Singh

अजय कुमार सिंह पिछले आठ वर्षों से लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में पूर्वांचल के बड़े हिस्से से खबरों का कोआर्डिनेशन देख रहे हैं। वह हिन्दुस्तान ग्रुप से 2010 से जुड़े हैं। पत्रकारिता में 27 वर्षों का लंबा अनुभव रखने वाले अजय ने टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। हिन्दुस्तान से पहले वह ईटीवी, इंडिया न्यूज और दैनिक जागरण के लिए अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर चुके हैं। अजय राजनीति, क्राइम, सेहत, शिक्षा और पर्यावरण से जुड़ी खबरों को गहराई से कवर करते हैं। बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट अजय फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान में असिस्टेंट एडिटर हैं और उत्तर प्रदेश की राजनीति और क्राइम की खबरों पर विशेष फोकस रखते हैं।

और पढ़ें
लेटेस्ट Hindi News, UP News, Lucknow News, Meerut News, Ghaziabad News, Agra News, Kanpur News, और lucknow Weather अपडेट हिंदी में पढ़ें। साथ ही UP Chunav 2027 , UP Vidhan Sabha Seats और UP Election 2027 Candidates से जुड़ी ताज़ा खबरों के लिए Live Hindustan App अभी डाउनलोड करें।
Hindi NewsUP Newsजमीन बंटवारे के लिए अब ऑनलाइन आवेदन, दफ्तरों के चक्कर लगाने की झंझट हुई खत्म