जेल में बंद आजम खां की अपील पर यूपी सरकार को नोटिस, दो जुलाई को फिर होगी सुनवाई
2019 में हुए लोकसभा चुनाव के दौरान आजम खां द्वारा डीएम को लेकर की गई अभद्र टिप्पणी मामले में कोर्ट ने दो साल की सजा सुना चुकी है। इस मामले में आजम ने कोर्ट में अपील दाखिल की, जिस पर यूपी सरकार को नोटिस जारी किया गया है।

Rampur News: तनखइया से मत डरियो...प्रकरण में लोअर कोर्ट से दो साल की सजा से दंडित किये गए सपा नेता आजम खां ने एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट में शुक्रवार को अपील दाखिल की। आजम की अपील पर कोर्ट ने राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है। इस मामले में अगली सुनवाई दो जुलाई को होगी।
मालूम हो कि 2019 में हुए लोकसभा चुनाव में आजम खां समाजवादी पार्टी से प्रत्याशी थे। इस दौरान भोट थाना क्षेत्र में आयोजित रोड शो के दौरान आजम खां के एक विवादित बयान का वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें आजम खां तत्कालीन जिलाधिकारी पर निशाना साधते हुए कहते सुनाई दे रहे थे कि ये तनखइया हैं, इनसे मत डरियो, उन्हीं के साथ गठबंधन है जो जूते साफ करा लेती हैं, इंशा अल्लाह चुनाव बाद इनसे जूते साफ कराऊंगा....। आजम के इस वीडियो पर दिल्ली में चुनाव आयोग ने संज्ञान लिया और राज्य निर्वाचन आयोग से रिपोर्ट तलब की थी।
16 मई को आजम को कोर्ट ने सुनाई थी दो साल की सजा
राज्य निर्वाचन आयोग ने जिला निर्वाचन अधिकारी से रिपोर्ट मांगते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए थे, जिस पर तत्कालीन जिलाधिकारी एवं वर्तमान में कमिश्नर मुरादाबाद आन्जनेय कुमार सिंह के आदेश पर तत्कालीन एसडीएम टांडा एवं चमरौआ विस क्षेत्र के एआरओ घनश्याम त्रिपाठी की ओर से भोट थाने में केस दर्ज कराया गया था। इसमें आजम खां के खिलाफ चार्जशीट अदालत दाखिल की गई। एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट में इस केस का ट्रायल चल रहा था, जिसमें 16 मई को अदालत ने आजम खां को दो साल कैद की सजा से दंडित किया था। आजम खां के अधिवक्ता नासिर सुल्तान ने बताया कि लोअर कोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट में अपील दाखिल की गई है, जिस पर शुक्रवार को सुनवाई हुई और कोर्ट ने राज्य सरकार को नोटिस जारी करते हुए दो जुलाई की तारीख मुकर्रर की है।
गवाह को धमकाने में 18 को होगी सुनवाई
आजम खां के खिलाफ गंज कोतवाली में दर्ज गवाह को धमकाने के केस में शुक्रवार को गवाह के नहीं पहुंचने के चलते सुनवाई टल गई। अब इस मामले में अगली सुनवाई 18 जून को होगी।
आजम के खिलाफ अपील पर सुनवाई टली
सपा नेता आजम खां के खिलाफ एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट में दाखिल अपील पर गुरुवार को सुनवाई टल गई। अब इस मामले में अगली सुनवाई 15 जून को होगी। मालूम हो कि सपा से राज्यसभा सदस्य अमर सिंह की बेटी और परिजनों को तेजाब से नहलाने का विवादित बयान देने में आजम के खिलाफ पूर्व में केस दायर हुआ था, जिसमें एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट से वह बरी हो गए थे। लोअर कोर्ट के इस फैसले के खिलाफ शासन की ओर से एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट में अपील दाखिल की गई थी। जिसमें अब 15 जून को सुनवाई होगी।
लेखक के बारे में
Dinesh Rathourदिनेश राठौर वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। डिजिटल और प्रिंट
पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले दिनेश ने अपने करियर की शुरुआत 2010 में हरदोई से की थी। कानपुर
यूनिवर्सिटी से स्नातक दिनेश ने अपने सफर में हिन्दुस्तान (कानपुर, बरेली, मुरादाबाद), दैनिक जागरण और राजस्थान पत्रिका
(डिजिटल) जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। हरदोई की गलियों से शुरू हुआ पत्रकारिता का सफर
आज डिजिटल मीडिया के शिखर तक पहुँच चुका है। दिनेश राठौर ने यूपी और राजस्थान के विभिन्न शहरों की नब्ज को प्रिंट और
डिजिटल माध्यमों से पहचाना है।
लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में कार्यरत दिनेश दिनेश, खबरों के पीछे की राजनीति और सोशल मीडिया के ट्रेंड्स (वायरल
वीडियो) को बारीकी से विश्लेषण करने के लिए जाने जाते हैं।
पत्रकारिता का सफर
हरदोई ब्यूरो से करिअर की शुरुआत करने के बाद दिनेश ने कानपुर हिंदुस्तान से जुड़े। यहां बतौर स्ट्रिंगर डेस्क पर करीब
एक साल तक काम किया। इसके बाद वह कानपुर में ही दैनिक जागरण से जुड़े। 2012 में मुरादाबाद हिंदुस्तान जब लांच हुआ तो
उसका हिस्सा भी बने। करीब दो साल यहां नौकरी करने के बाद दिनेश राजस्थान पत्रिका से जुड़ गए। सीकर जिले में दिनेश ने
करीब तीन साल तक पत्रकारिता की। उन्होंने एक साल तक डिजिटल का काम भी किया। 2017 में दिनेश ने बरेली हिंदुस्तान में
प्रिंट के डेस्क पर वापसी की। लगभग दो साल की सेवाओं के बाद डिजिटल हिंदुस्तान में काम करने का मौका मिला जिसका सफर जारी
है।


