
डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी ही नहीं, GST रेड के बाद रुपयों की डील फंसेंगे कई और अफसर; CBI जांच तेज
डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी ही नहीं, अब जीएसटी रेड के बाद रुपयों की डील कई और अफसर फंसेंगे। रिश्वत प्रकरण का खुलासा करने वाली सीबीआई ने अपनी जांच का दायरा बढ़ा दिया है। सीबीआई पिछले चार सालों में जीएसटी के बड़े कारोबारियों के यहां पड़े छापों का ब्योरा भी जुटाएगी।
झांसी में डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी रिश्वत प्रकरण का खुलासा करने वाली सीबीआई ने अपनी जांच का दायरा बढ़ा दिया है। सीबीआई पिछले चार सालों में जीएसटी के बड़े कारोबारियों के यहां पड़े छापों का ब्योरा भी जुटाएगी। इस दौरान व्यापारियों से मिले दस्तावेजों और उन पर हुई कार्रवाई की फाइल भी खंगालेगी। सीबीआई ने यह कार्रवाई विभाग के ही कुछ अफसरों और कर्मचारियों के बयान से मिले कुछ तथ्यों के आधार पर शुरू की है। दावा किया जा रहा है कि छापेमारी के बाद रिश्वत के खेल में पहले तैनात रहे कई और अफसर-कर्मचारी भी कार्रवाई के दायरे में आएंगे।
सीबीआई ने झांसी की डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी, सुपरवाइजर अनिल तिवारी, अजय शर्मा, वकील नरेश गुप्ता, जय दुर्गा हार्डवेयर के संचालक राजू मंगतानी को गिरफ्तार किया था। आरोपियों के घर से बरामद लाखों रुपये की नगदी व जेवर के साथ सम्पत्तियों के दस्तावेजों से मामले ने तूल पकड़ लिया। सीबीआई ने विभाग के लोगों के बयान लेना शुरू किए तो कई खुलासे हुए। विभाग के कुछ कर्मचारियों और इस विभाग से परेशान व्यापारियों ने सीबीआई को कई जनकारियां दी। इन जानकारियों के आधार पर सीबीआई ने जांच बढ़ाई तो चौंकाने वाले खुलासे होने लगे। इसमें ही पता चला कि पिछले कुछ छापों के दौरान भी इस विभाग के अफसरों व कर्मचारियों ने कई खेल किए। इस खेल से जुड़े कई तथ्य भी सीबीआई अफसरों को उपलब्ध कराए गए है। सीबीआई इन तथ्यों की सत्यता परख रही है।
विभाग की फाइलों को खंगालेंगे अफसर
सीबीआई वर्ष 2022 से वर्ष 2025 में लखनऊ और कानपुर समेत अन्य शहरों में सीजीएसटी व जीएसटी के बड़े छापों से जुड़ी फाइलें भी खंगालेगी। अब तक सामने आए तथ्यों का सच इन फाइलों में ढूंढ़ेगी। इसके बाद मिले साक्ष्यों के आधार पर ही सीबीआई आगे की कार्रवाई करेगी। सीबीआई सूत्रों के मुताबिक झांसी जीएसटी प्रकरण में भी कई और कर्मचारियों की भूमिका देखी जा रही है। दावा किया जा रहा है कि रिश्वतखोरी में लिप्त अफसरों का साथ देने वाले कर्मचारियों का पूरा रैकेट काम कर रहा था। इस रैकेटे से जुड़े कई और को रडार पर लिया जा चुका है।





