लड़कियों पर लाठी बरसाती दिखी नोएडा पुलिस, VIDEO शेयर कर सांसद चंद्रशेखर आजाद ने पूछा- यही है नारी वंदन
नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने नोएडा श्रमिक हिंसा के बाद महिलाओं पर हुए पुलिसिया लाठीचार्ज का वीडियो शेयर कर योगी सरकार पर हमला बोला है। सरकार से पूछा यही 'नारी वंदन' है?

उत्तर प्रदेश के औद्योगिक केंद्र नोएडा में भड़की श्रमिक हिंसा और उसके बाद हुई पुलिसिया कार्रवाई ने राजनीतिक रंग ले लिया है। नगीना सीट से सांसद और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने इस मुद्दे पर योगी सरकार को कटघरे में खड़ा किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया है, जिसमें पुलिसकर्मी सरेराह महिलाओं पर लाठियां बरसाते नजर आ रहे हैं। इस वीडियो के साथ उन्होंने 'नारी शक्ति वंदन' के नारों पर तीखे सवाल उठाए हैं।
शोषण के खिलाफ आक्रोश का विस्फोट
सांसद चंद्रशेखर आजाद ने एक्स पर वीडियो के साथ लिखा कि 13 अप्रैल को नोएडा के औद्योगिक क्षेत्रों में श्रमिकों का जो व्यापक आक्रोश देखने को मिला, वह कोई सामान्य या अचानक हुई घटना नहीं है। उनके अनुसार, यह वर्षों से चले आ रहे श्रमिकों के शोषण, न्यूनतम से भी कम वेतन, असुरक्षित कार्य परिस्थितियों और उनकी दबाई गई आवाज़ों का एक स्वाभाविक विस्फोट है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब मजदूर की बुनियादी जरूरतों और गरिमा को लंबे समय तक कुचला जाता है, तो ऐसा असंतोष पैदा होना अनिवार्य है।
पुलिसिया कार्रवाई पर उठाए सवाल
चंद्रशेखर ने घटना के बाद हुई पुलिस कार्रवाई को 'भयावह और शर्मनाक' बताया है। उन्होंने वीडियो का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि सड़कों पर पुरुष पुलिसकर्मियों द्वारा महिलाओं और मासूम बच्चियों को बेरहमी से पीटना और उन पर लाठियां बरसाना किसी भी तरह से "कानून-व्यवस्था" बनाए रखना नहीं कहा जा सकता। उन्होंने इसे भाजपा की 'डबल इंजन' सरकार का एक निर्मम और क्रूर चेहरा करार दिया है।
नारी वंदन बनाम लाठीतंत्र
सांसद ने भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व और प्रदेश सरकार के विरोधाभास पर प्रहार करते हुए कहा कि एक तरफ सरकार 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' पारित कर महिलाओं के सम्मान का दावा करती है, वहीं दूसरी तरफ जमीन पर उन्हीं महिलाओं और बच्चियों को सड़कों पर पुलिस के जूतों और लाठियों से कुचला जा रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सीधे संबोधित करते हुए सवाल पूछा— "मुख्यमंत्री जी, क्या यही है आपका नारी वंदन?"
सियासी गरमाहट और जांच का दबाव
चंद्रशेखर आजाद की इस टिप्पणी ने नोएडा प्रकरण को 'श्रमिक विवाद' से हटाकर 'मानवाधिकार और महिला सुरक्षा' के बड़े मुद्दे में तब्दील कर दिया है। जहां पुलिस हिंसा को एक सोची-समझी साजिश बता रही है, वहीं विपक्ष इसे सरकार की प्रशासनिक विफलता और तानाशाही बताकर प्रदर्शनकारियों के पक्ष में खड़ा हो गया है। इस वीडियो के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर भी तीखी बहस छिड़ गई है, जिससे प्रशासन पर निष्पक्ष जांच और दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई का दबाव बढ़ गया है।
लेखक के बारे में
Yogesh Yadavयोगेश यादव लाइव हिन्दुस्तान में पिछले छह वर्षों से यूपी सेक्शन को देख रहे हैं। यूपी की राजनीति, क्राइम और करेंट अफेयर से जुड़ी खबरों को कवर करने की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। यूपी की राजनीतिक खबरों के साथ क्राइम की खबरों पर खास पकड़ रखते हैं। यूपी में हो रहे विकास कार्यों, शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में आ रहे बदलाव के साथ यहां की मूलभूत समस्याओं पर गहरी नजर रखते हैं।
पत्रकारिता में दो दशक का लंबा अनुभव रखने वाले योगेश ने डिजिटल से पहले प्रिंट में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। लम्बे समय तक हिन्दुस्तान वाराणसी में सिटी और पूर्वांचल के नौ जिलों की अपकंट्री टीम को लीड किया है। वाराणसी से पहले चड़ीगढ़ और प्रयागराज हिन्दुस्तान को लांच कराने वाली टीम में शामिल रहे। प्रयागराज की सिटी टीम का नेतृत्व भी किया।
बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से बीकॉम में ग्रेजुएट और बनारस की ही काशी विद्यापीठ से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट योगेश ने कई स्पेशल प्रोजेक्ट पर काम भी किया है। राष्ट्रीय नेताओं के दौरों को कवर करते हुए उनके इंटरव्यू किये। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मौत से जुड़े रहस्यों पर हिन्दुस्तान के लिए सीरीज भी लिख चुके हैं।


