Hindi NewsUP NewsNo dishonesty then, nor now; Election Commission reminds Akhilesh Yadav of the 'The Boy Who Cried Wolf' story
बेईमानी न पहले, न अब; चुनाव आयोग ने अखिलेश यादव को 'भेड़िया आया' की याद दिलाई

बेईमानी न पहले, न अब; चुनाव आयोग ने अखिलेश यादव को 'भेड़िया आया' की याद दिलाई

संक्षेप:

प्रसिद्ध कहानी 'भेड़िया आया, भेड़िया आया' के जरिए चुनाव आयोग ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव को बड़ी नसीहत दे डाली है। अखिलेश के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि न पहले बेईमानी हुई है और न अब हो रही है। 

Jan 08, 2026 02:32 pm ISTYogesh Yadav लाइव हिन्दुस्तान
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यूपी एसआईआर में करीब तीन करोड़ मतदाताओं के नाम कटने के बाद से विपक्षी दलों का निर्वाचन आयोग के साथ ही योगी सरकार पर हमला लगातार जारी है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने तो निर्वाचन आयोग पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश पर नाम काटने और जोड़ने का बड़ा आरोप लगा दिया। अब निर्वाचन आयोग ने पलटवार किया है। अखिलेश यादव ने सीएम योगी के एक बयान का हवाला देते हुए निर्वाचन आयोग से पूछा था कि पहले बेइमानी हो रही थी या बाद में हुई है। इसी के जवाब में निर्वाचन आयोग ने कहा कि न तो बेईमानी पहले हो रही थी और न ही अब हो रही है। इसके साथ ही 'भेड़िया आया' कहानी की याद भी दिलाई।

दरअसल निर्वाचन आयोग की तरफ से जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची में करीब तीन करोड़ नाम कटे हैं। इसी पर समाजवादी पार्टी ने सवाल किया था कि मुख्यमंत्री आदित्यनाथ जी पहले बोले थे कि 4 करोड़ नाम कट रहे हैं, उसके बाद चुनाव आयोग सक्रिय हुआ और लगभग 1 करोड़ नाम आनन फानन में जोड़े गए। समाजवादी पार्टी ने सवाल किया कि क्या निर्वाचन आयोग और सीईओ यह बताएंगे कि ये एक करोड़ नाम मुख्यमंत्री के बयान के बाद अचानक कहां से आ गए जुड़ने? या पहले बेईमानी हो रही थी या बाद में बेईमानी हुई या चुन चुन कर बेईमानी की जा रही है? यह भी चेतावनी दी कि चुनाव आयोग के लोग ये जान लें कि न्यायालय से कोई नहीं बच पाएगा, क्योंकि जब मामला न्यायालय जाएगा तो जवाब देना भारी पड़ जाएगा।

इसी के जवाब में सीईओ ने एक्स पर लिखा कि भारत निर्वाचन आयोग पहले भी सक्रिय था, आज भी सक्रिय है और आगे भी सक्रिय रहेगा। कहा कि नवम्बर माह के दूसरे सप्ताह में राजनीतिक दलों के साथ हुई राज्य स्तरीय बैठक में समाजवादी पार्टी और अन्य दलों ने दो सप्ताह की अवधि बढ़ाने के लिए भारत निर्वाचन आयोग से अनुरोध करने की मांग CEO से की थी। 12 नवंबर को विभिन्न मीडिया चैनल्स को दिए गए इंटरव्यू में CEO ने बताया था कि उत्तरप्रदेश में गणना चरण के लिए 15 दिन का अतिरिक्त समय इसलिये लिया जा रहा है क्योंकि 2.97 करोड़ से अधिक नाम ड्राफ़्ट मतदाता सूची में से निकल रहे हैं।

यह भी कहा कि इलेक्ट्रॉनिक चैनल्स को दी गई बाइट यूट्यूब पर उपलब्ध है जिसे आज ही देखा जा सकता है। 15 दिन के अतिरिक्त समय में राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट्स BLAs को ऐसे मतदाताओं की सूचियां दे दी गई थीं जिनका नाम कट रहा था। इस अवधि में 8-9 लाख लोगों को ड्राफ़्ट मतदाता सूची में और शामिल किया गया और इस प्रकार जब 26 दिसंबर को एसआईआर का काम पूरा हुआ तो 27 अक्तूबर 2025 की मतदाता सूची के मुक़ाबले 6 जनवरी 2026 की ड्रॉफ्ट मतदाता सूची में 2.8876 करोड़ नाम ही कम हुए। न तो बेईमानी पहले हो रही थी और न ही अब हो रही है।

इसके साथ ही निर्वाचन आयोग ने सपा को इशारों में बड़ी नसीहत भी दे डाली। कहा कि Aesop Fables में एक प्रसिद्ध कहानी The Boy who cried Wolf है। शिक्षाप्रद कहानी है। निर्वाचन आयोग का साफ इशारा भेड़िया आया, भेड़िया आया की तरफ था। भेड़िया आया कहानी से सबक मिलता है कि बार-बार कोई झूठ बोलता है तो एक समय ऐसा आता है जब वह सच भी बोल रहा होता है, तब भी लोग उसकी बात को झूठ ही मानते हैं।

Yogesh Yadav

लेखक के बारे में

Yogesh Yadav

योगेश यादव हिन्दुस्तान में डिप्टी न्यूज एडिटर के पद पर हैं। 

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