यूपी में घरों की छत पर नमाज पर रोक नहीं; सार्वजनिक जगह, चौराहा, सड़क पर है पूरी मनाही

Ritesh Verma लाइव हिन्दुस्तान, लखनऊ
Follow us on Google News
share

  • ईद से पहले अलविदा की नमाज को लेकर उत्तर प्रदेश में पुलिस प्रशासन ने थाना स्तर पर शांति समितियों की बैठक के जरिए मुस्लिम समाज के लोगों के साथ बैठक कर सब कुछ शांति से संपन्न कराने की तैयारी की है।

यूपी में घरों की छत पर नमाज पर रोक नहीं; सार्वजनिक जगह, चौराहा, सड़क पर है पूरी मनाही

उत्तर प्रदेश में ईद से पहले जुमे की आखिरी नमाज यानी अलविदा की नमाज को लेकर पुलिस ने सभी थानों में शांति समिति की बैठक के जरिए मुस्लिम समाज के साथ बैठकर इसे अच्छे से संपन्न कराने की तैयारी पूरी कर ली है। नमाज से किसी को असुविधा ना हो इसके लिए पुलिस ने मस्जिद, ईदगाह और इसके लिए निर्धारित जगहों पर ही नमाज अता करने कहा है। घरों की छत पर नमाज पर कोई रोक नहीं है लेकिन सड़क, चौक-चौराहा और दूसरे सार्वजनिक जगहों पर नमाज पढ़ने की मनाही है। सार्वजनिक स्थानों पर नमाज से विधि व्यवस्था में व्यवधान की स्थिति पैदा होने की आशंका के मद्देजनर पुलिस ऐसे लोगों को टोकेगी, रोकेगी और जरूरत पड़ने पर कार्रवाई करेगी।

यूपी पुलिस के शीर्ष अधिकारियों के मुताबिक घरों की छत पर नमाज पढ़ने पर कोई रोक नहीं है और इस तरह का कोई आदेश शासन स्तर पर नहीं दिया गया है। सड़क और दूसरी सार्वजनिक जगहों पर नमाज नहीं पढ़ना है जो व्यवस्था पहले से लागू है। बता दें कि हाल में संवेदनशील जिले के तौर पर उभरे संभल में एक पुलिस अफसर ने कहा था कि घरों की छत पर नमाज नहीं पढ़ना है। जब इस रोक पर विरोध के स्वर उठे तो पुलिस अफसर ने सफाई दी कि जर्जर मकानों की छत पर लोगों को उनकी ही सुरक्षा के लिहाज से नमाज ना पढ़ने की सलाह दी गई है। पुराने मकान पर जरूरत से ज्यादा लोगों की भीड़ जुटने से कोई हादसा ना हो।

Voice of UP

सड़क-मस्जिद की छत पर नमाज पर रोक से भड़के इमरान मसूद, पीएम मोदी की किट घोषणा पर भी साधा निशाना

इस साल भारत में 1 मार्च को चांद दिखने के बाद 2 मार्च से रमजान की शुरुआत हुई थी। महीने भर से चल रहे रोजा और इफ्तार के बाद ईद का चांद दिखने के आधार पर भारत में 31 मार्च या 1 अप्रैल को ईद मनाई जा सकती है।

कृपया अपने अनुभव को रेट करें

Ritesh Verma

लेखक के बारे में

Ritesh Verma
रीतेश वर्मा पत्रकारिता में 25 साल से अलग-अलग भूमिका में अखबार, टीवी और डिजिटल में काम कर चुके हैं। दैनिक जागरण के साथ बिहार में 5 साल तक जिला स्तर की प्रशासनिक और क्राइम रिपोर्टिंग करने के बाद रीतेश ने आईआईएमसी, दिल्ली में दाखिला लेकर पत्रकारिता की पढ़ाई की। एक साल के अध्ययन ब्रेक के बाद रीतेश ने विराट वैभव से दोबारा काम शुरू किया। फिर दैनिक भास्कर में देश-विदेश का पेज देखा। आज समाज में पहले पन्ने पर काम किया। बीबीसी हिन्दी के साथ आउटसाइड कंट्रीब्यूटर के तौर पर जुड़े। अखबारों के बाद रीतेश ने स्टार न्यूज के जरिए टीवी मीडिया में कदम रखा। रीतेश ने टीवी चैनलों में रिसर्च डेस्क पर लंबे समय तक काम किया है और देश-दुनिया के विषयों पर तथ्यपरक जानकारी सहयोगियों को आगे इस्तेमाल के लिए मुहैया कराई है। सहारा समय और इंडिया न्यूज में भी रीतेश रिसर्च का काम करते रहे। इंडिया न्यूज की पारी के दौरान वो रिसर्च के साथ-साथ चैनल की वेब टीम के हेड बने और इनखबर न्यूज पोर्टल को बतौर संपादक शुरू किया। लाइव हिन्दुस्तान के साथ एडिटर- न्यू इनिशिएटिव के तौर पर पिछले 6 साल से जुड़े रीतेश फिलहाल उत्तर प्रदेश और बिहार की खबरों और दोनों राज्यों की टीम को देखते हैं। और पढ़ें
लेटेस्ट Hindi News, Lucknow News, Meerut News, Ghaziabad News, Agra News, Kanpur News , Pareet Yadav Death Live और UP News अपडेट हिंदी में पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।