Hindi NewsUP Newsnine vehicles catch fire simultaneously in Yamuna Expressway accident Even IRTI is baffled question still lingers
एक्सप्रेसवे हादसे में नौ वाहनों में एक साथ आग कैसे लगी? IRTI भी हैरान, अब भी सुलग रहा सवाल

एक्सप्रेसवे हादसे में नौ वाहनों में एक साथ आग कैसे लगी? IRTI भी हैरान, अब भी सुलग रहा सवाल

संक्षेप:

यमुना एक्सप्रेसवे पर हुए हादसे में अब तक 19 लोगों की मौत हो चुकी है। इस हादसे को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है हादसे तो होते रहते हैं लेकिन नौ वाहनों में एक साथ आग कैसे लगी। इंडियन रोड ट्रांसपोर्ट इंस्टीट्यूट (IRTI) की टीम पहुंची मगर वह भी इसका जवाब नहीं दे पाई

Dec 18, 2025 06:58 am ISTYogesh Yadav लाइव हिन्दुस्तान, आगरा
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यमुना एक्सप्रेसवे पर हादसे होते रहते हैं मगर एक साथ नौ वाहनों में आग कैसे लगी यह सवाल आग बुझने एक दिन बाद भी सुलग रहा है। इस सुलगते सवाल का जवाब तलाशने के लिए बुधवार को इंडियन रोड ट्रांसपोर्ट इंस्टीट्यूट (IRTI)की टीम पहुंची मगर वह भी इसका जवाब नहीं दे पाई। 11 सदस्यीय टीम के सदस्यों ने कहा कि एक्सीडेंट तो होते हैं लेकिन आग लगने की घटना जांच का विषय है। जांच अभी शुरू हुई है जल्द खुलासा भी हो जाएगा। यमुना एक्सप्रेस हादसे पर मंगलवार को प्रशासन ने 13 मौत होने की पुष्टि की थी। बुधवार को 18 शवों के पोस्टमार्टम हुए। देर रात आगरा में एक घायल ने भी दम तोड़ दिया। इस तरह हादसे में मरने वालों की संख्या 19 हो गई है। अभी तक मात्र तीन शवों की पहचान हो सकी है। अबतक 11 परिजनों ने डीएनए टेस्ट के लिए सैंपल दिए हैं।

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यमुना एक्सप्रेसवे के अबतक के सबसे बड़े हादसे के कारण के बारे में पहले दिन कहा गया था कि कानपुर से वृंदावन जा रही एक मारुति स्विफ्ट कार और बस की टक्कर के बाद एक के बाद एक वाहन भिड़े। यह कार बेकाबू हो गई। उसी समय ब्रेजा कार को पीछे से आया एक वाहन टक्कर मारते हुए आगे निकल गया। कार सवार उतरे ही थे कि पीछे से आती दूसरी कार खड़ी कार में घुस गई। इस कार से सवार उतरे ही थे कि स्लीपर कोच बस ने पीछे से ठोक दिया। दृश्यता शून्य होने के कारण एक के बाद एक बस पीछे से टकराती गई।

ब्रेजा कार को टक्कर मारने वाली

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स्लीपर कोच बस में आग लगी। आग ने कुछ ही देर में दूसरे वाहनों को भी अपनी चपेट में ले लिया। आग की लपटें एक के बाद एक वाहन में फैलती चली गईं और वाहन कुछ ही घंटों में राख के ढेर बन गए।

आग लगने के पीछे यह माना जा रहा है कि टक्कर मारने वाली कार में सीएनजी सिलेंडर फटा था मगर अभी तक आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा जा रहा है। किसी वाहन के इंजन की ओवर हीटिंग, किसी ज्वलनशील पदार्थ का रिसाव भी आग लगने का कारण हो सकता है। स्लीपर एसी बसों में अकसर सवारियों के साथ तरह-तरह का लगेज भी रखा जाता है। हो सकता है कि उसमें कोई ऐसा सामान हो जो आग लगने का कारण बना।

आग लगने से पहले धमाका हुआ था

हादसे के चश्मदीदों ने बताया था कि आग लगने से पहले इतना तेज धमाका हुआ कि लगा जैसे बम फटा हो। विशेषज्ञ मानते हैं कि तेज धमाका ईंधन टंकी फटने से हो सकता है। टायर गर्म होने या वाहन के एसी में स्पार्किंग भी कारण हो सकती है। जिस फ्यूल टंकी में धमका हुआ, वह गैस की थी या डीजल की। यह जांच के बाद ही सामने आएगा।

पहले भी हुआ है ऐसा हादसा

इसी तरह का हादसा आंध्र प्रदेश के कुरनूल में 24 अक्टूबर को हुआ था। यहां एक वॉल्वो बस बाइक से टकराने के बाद आग का गोला बन गई थी, जिसमें 10 से ज्यादा लोगों की जान चली गई। दोनों हादसों में समानता है मगर आंध्र प्रदेश में सिर्फ दो ही वाहन चपेट में आए मगर यमुना एक्सप्रेसवे पर बड़ी संख्या में वाहन जले। मृतक संख्या बढ़कर 18 पर पहुंच गई।

जांच चल रही है, अभी कुछ कहना जल्दबाजी: डॉ. श्रुति गुप्ता

हादसे की जांच के लिए बुधवार को इंस्टीट्यूट ऑफ रोड ट्रैफिक एजुकेशन फरीदाबाद की 11 सदस्यीय टीम ने निरीक्षण किया। आईआरटीई की फॉरेंसिक साइंस की हेड ऑफ द डिपार्टमेंड डॉ. श्रुति गुप्ता ने वाहनों में आग लगने के कारणों के बारे में अभी कुछ भी कहना बहुत जल्दबाजी होगी। घटना के चश्मदीद, ड्राइवर और पीड़ितों से बात करेंगे। आग लगने के कारण बहुत होते हैं, कई बार टायर से लग जाती है। एसी बसों में शार्ट सर्किट से भी आग लग सकती है। जांच करने में कुछ वक्त लगेगा।