छांगुर पर शिकंजा: गैर हिन्दुओं के धर्मांतरण पर आरोप तय, शरिया कानून लागू करना था मकसद

Yogesh Yadav लाइव हिन्दुस्तान
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लखनऊ की एनआईए अदालत ने जलालुद्दीन उर्फ छांगुर और उसके सात साथियों के खिलाफ अवैध धर्मांतरण, दुराचार और देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने की साजिश रचने के आरोप तय कर दिए हैं।

छांगुर पर शिकंजा: गैर हिन्दुओं के धर्मांतरण पर आरोप तय, शरिया कानून लागू करना था मकसद

बड़े पैमाने पर हिंदुओं और गैर मुस्लिम धर्म के लोगों को लालच देकर अवैध धर्मांतरण कराने और दुराचार के आरोपी जलालुद्दीन उर्फ छांगुर समेत आठ आरोपियों के विरुद्ध एनआईए कोर्ट ने आरोप तय कर दिए हैं। आरोप है कि छांगुर के गिरोह का मुख्य उद्देश्य धर्मांतरण की गतिविधियों को बढ़ाकर आबादी बढ़ाते हुए देश की एकता-अखंडता और संप्रभुता को छिन्न भिन्न करते हुए देश की लोकतांत्रिक सरकार को हटाकर शरिया कानून लागू करना था। वे इस्लामिक राष्ट्र बनाकर भारत की निर्वाचित सरकार को हटाकर इस्लामी राष्ट्र स्थापित करना था। आरोप है कि यह कृत्य भारत के विरुद्ध युद्ध छेड़ने का षडयंत्र माना गया है। एनआईए की विशेष जज नीतू पाठक ने आरोप तय करते हुए मामले में गवाही के लिए दो मई की तिथि तय की है।

विशेष अदालत ने जलालुद्दीन उर्फ छांगुर, नीतू रोहरा उर्फ नसरीन, सबरोज, शहाबुद्दीन, रशीद और राजेश उपाध्याय के विरुद्ध 16 नवंबर 2015 के बाद विभिन्न जगहों पर गिरोह बनाकर हिंदुओं और गैर मुस्लिम धर्म के लोगों को लालच देकर धर्मांतरण कराने का आरोप लगाया है। इनका मकसद धर्मांतरण बढ़ाकर जनसंख्या बढ़ाते हुए देश की एकता-अखंडता को खत्म कर लोकतांत्रिक सरकार को हटाना था। उद्देश्य चुनी हुई सरकार को हटाकर इस्लामी राष्ट्र की स्थापना करना और शरिया कानून लागू करना था। यह कृत्य भारत के विरुद्ध युद्ध छेड़ने की साजिश मानी गई है।

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NIA की जांच में बड़े खुलासे

एनआईए की विस्तृत जांच में यह भी सामने आया है कि इस सिंडिकेट का जाल उत्तर प्रदेश के कई जिलों सहित देश के अन्य राज्यों में भी फैला हुआ था। गिरोह के सदस्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों, महिलाओं और मूक-बधिर बच्चों को सॉफ्ट टारगेट बनाते थे। उन्हें नौकरी, शादी और बेहतर जीवन का झांसा देकर इस्लाम धर्म अपनाने के लिए मजबूर किया जाता था। जांच एजेंसी ने कोर्ट को बताया कि इस पूरी कथित अवैध गतिविधि के लिए विदेशों से भी संदिग्ध फंडिंग होने के पुख्ता सबूत मिले हैं। धर्मांतरण के बाद इन लोगों का इस्तेमाल राष्ट्र विरोधी गतिविधियों और देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को अस्थिर करने के लिए किए जाने की योजना थी।

साजिश के तार पाकिस्तान से जुड़े होने की आशंका

सूत्रों के मुताबिक, इस सिंडिकेट के तार पाकिस्तान और अन्य इस्लामिक देशों में सक्रिय आतंकी संगठनों से भी जुड़े होने की आशंका है। आरोपियों के मोबाइल और लैपटॉप की फॉरेंसिक जांच में कुछ ऐसी संदिग्ध चैट्स और वीडियो मिले हैं, जो देश की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा पैदा कर सकते थे।

एनआईए कोर्ट ने सभी आठ आरोपियों पर देशद्रोह (Sedition), भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने (Waging War against India), और अवैध धर्मांतरण निषेध कानून की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत आरोप तय किए हैं। इस मामले में अगली सुनवाई दो मई को होगी, जिसमें एनआईए अपने गवाहों और सबूतों को कोर्ट के सामने पेश करेगी। इस बड़े खुलासे के बाद पूरे देश में अवैध धर्मांतरण को लेकर राजनीतिक और सामाजिक विमर्श भी तेज हो गया है।

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Yogesh Yadav

योगेश यादव लाइव हिन्दुस्तान में पिछले छह वर्षों से यूपी सेक्शन को देख रहे हैं। यूपी की राजनीति, क्राइम और करेंट अफेयर से जुड़ी खबरों को कवर करने की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। यूपी की राजनीतिक खबरों के साथ क्राइम की खबरों पर खास पकड़ रखते हैं। यूपी में हो रहे विकास कार्यों, शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में आ रहे बदलाव के साथ यहां की मूलभूत समस्याओं पर गहरी नजर रखते हैं।

पत्रकारिता में दो दशक का लंबा अनुभव रखने वाले योगेश ने डिजिटल से पहले प्रिंट में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। लम्बे समय तक हिन्दुस्तान वाराणसी में सिटी और पूर्वांचल के नौ जिलों की अपकंट्री टीम को लीड किया है। वाराणसी से पहले चड़ीगढ़ और प्रयागराज हिन्दुस्तान को लांच कराने वाली टीम में शामिल रहे। प्रयागराज की सिटी टीम का नेतृत्व भी किया।

बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से बीकॉम में ग्रेजुएट और बनारस की ही काशी विद्यापीठ से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट योगेश ने कई स्पेशल प्रोजेक्ट पर काम भी किया है। राष्ट्रीय नेताओं के दौरों को कवर करते हुए उनके इंटरव्यू किये। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मौत से जुड़े रहस्यों पर हिन्दुस्तान के लिए सीरीज भी लिख चुके हैं।

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