कमिश्नर के पैर की हल्की ठोकर पर ही उखड़ी नई बनी सड़क, भड़के अफसर ने दिया एफआईआर का आदेश
यूपी की राजधानी लखनऊ में कमिश्नर के पैर की हल्की ठोकर पर ही नई बनी सड़क उखड़ गई। कमिश्नर मौके पर भड़क उठे और वहीं खड़े-खड़े ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने, उसे डिबार करने और जिम्मेदार इंजीनियरों पर सख्त कार्यवाही करने का निर्देश दिया।

लखनऊ में गोमतीनगर के विकल्प खंड में बुधवार को वह मंजर देखकर लोग दंग रह गए, जब लखनऊ के कमिश्नर विजय विश्वास पंत ने नई बनी सड़क पर पैर से ठोकर मारा और गिट्टी मुट्ठियों में निकलने लगी। यह नजारा किसी मामूली लापरवाही का नहीं, बल्कि करोड़ों के सरकारी बजट के साथ की गई खुली खिलवाड़ का सबूत है। कमिश्नर मौके पर भड़क उठे और वहीं खड़े-खड़े ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने, उसे डिबार करने और जिम्मेदार इंजीनियरों पर सख्त कार्यवाही करने का निर्देश दिया।
खुदाई, गिट्टी, बिटुमिन, सब फेल, सड़क बनते ही टूटी
कमिश्नर विजय विश्वास पंत नगर आयुक्त गौरव कुमार, अपर नगर आयुक्त नम्रता सिंह, अधिशासी अभियन्ता अतुल मिश्रा के साथ विकल्प खंड में सड़क निर्माण कार्य का औचक निरीक्षण करने पहुंचे। जैसे ही उन्होंने सड़क की परत को टटोला, कई हिस्सों पर तारकोल बेहद कम पाया गया, गिट्टी उखड़ी और सड़क पैरों तले टूटने लगी। आसपास मौजूद नागरिकों और पार्षद शैलेंद्र वर्मा ने बताया कि सड़क तीन महीने से अधूरी छोड़ दी गई थी, ऊपर से जो काम हुआ, वह भी पूरी तरह घटिया था। नगर निगम की पूर्व जांच में भी सड़क निर्माण घटिया पाया गया था और ठेकेदार पर 15 नवम्बर को 50,000 का जुर्माना लगाया गया था।
एलडीए के बजट से बन रही सड़क, गुणवत्ता शून्य
यह सड़क निर्माण कार्य एलडीए से मिले बजट तथा ई-निविदा में बची राशि कुल 27.58 लाख रुपए से किया जा रहा है। लेकिन मौके पर वास्तविकता यह मिली कि काम मानकों का एक प्रतिशत भी नहीं छू रहा था। निगम की टीम ने बताया कि सिर्फ डीबीएम की परत डाली गई थी, जबकि अंतिम बिटुमिनस कंक्रीट अभी बिछनी थी। परन्तु जो परत डाली गई, वही मानकों से इतनी नीचे मिली कि कमिश्नर ने तुरंत हटवाने के आदेश दे दिए।
अब सख्त कार्रवाई होगी, एक वर्ष के लिए ठेकेदार डिबार
ठेकेदार की मनमानी और भ्रष्टाचार की पुष्टि होने पर नगर निगम ने उस पर 50 हजार रुपए जुर्माना लगाया था। एक वर्ष की डिबार की कार्रवाई भी की गयी है। कमिश्नर ने ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का आदेश दिया है। इंजीनियरों पर कार्रवाई की रिपोर्ट शासन को भेजने की तैयारी है। कमिश्नर ने कहा कि यह सिर्फ सड़क की बात नहीं, बल्कि जनता के अधिकार, सार्वजनिक धन और सरकारी व्यवस्था की विश्वसनीयता का सवाल है। उन्होंने साफ चेतावनी दी कि किसी भी निर्माण में लापरवाही मिली तो कार्रवाई होगी।

लेखक के बारे में
Deep Pandeyदीप नरायन पांडेय लाइव हिन्दुस्तान में पिछले आठ सालों से यूपी टीम में हैं। दीप का डिजिटल, टीवी और प्रिंट जर्नलिज्म में 15 साल से अधिक का अनुभव है। यूपी के लखनऊ और वाराणसी समेत कई जिलों में पत्रकारिता कर चुके हैं। यूपी की राजनीति के साथ क्राइम की खबरों पर अच्छी पकड़ है। सामाजिक, इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यटन, शिक्षा और हेल्थ पर भी लिखने का शौक है। मास कम्युनिकेशन में बीए और एमए हैं। सरल भाषा में खबरों को पाठकों तक पहुंचाते हैं। खबर लिखने के अलावा साहित्य पढ़ने-लिखने में भी रुचि रखते हैं।
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