बांके बिहारी मंदिर में आने वाले VIP के लिए लागू होंगे नए नियम, सुरक्षाकर्मियों के अंदर जाने पर लगेगी रोक

Dinesh Rathour मथुरा, भाषा
share

मथुरा के वृंदावन स्थित ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में दर्शन करने के लिए आने वाले वीआईपी को लेकर नए नियम लागू होने वाले हैं। अब वीआईपी अपने साथ निजी सुरक्षाकर्मियों को मंदिर के अंदर नहीं ले जा सकते हैं।

बांके बिहारी मंदिर में आने वाले VIP के लिए लागू होंगे नए नियम, सुरक्षाकर्मियों के अंदर जाने पर लगेगी रोक

Mathura News: मथुरा के वृंदावन स्थित ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में दर्शन करने के लिए आने वाले वीआईपी को लेकर नए नियम लागू होने वाले हैं। अब वीआईपी अपने साथ निजी सुरक्षाकर्मियों को मंदिर के अंदर नहीं ले जा सकते हैं। गुरुवार को उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश एवं समिति के अध्यक्ष की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई बैठक में यह फैसला लिया गया।

सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित उच्चाधिकार प्राप्त प्रबंधन समिति जल्द ही इस संबंध में दिशा-निर्देश लागू करेगी। विगत दिनों मध्य प्रदेश के एक विशिष्टजन के साथ आए निजी सुरक्षाकर्मी द्वारा जूते पहनकर मंदिर में प्रवेश करने और वहां तैनात सुरक्षार्मियों की ओर से बाहर जाने की सलाह दिए जाने के बाद भी आसानी से उसका पालन न करने पर हंगामा हुआ था।

Voice of UP 🎤: यूपी का सबसे बड़ा Talent Contest— Register करो, talent दिखाओ ✨ Download App

सुरक्षाकर्मी की हरकतों का भक्तों ने किया था विरोध

विशिष्टजन के साथ आए सुरक्षाकर्मी की हरकत का मंदिर के सेवायतों और भक्तों ने कड़ा विरोध किया था। समिति के अध्यक्ष अशोक कुमार पूर्व जिला न्यायाधीश मुकेश मिश्रा, जिला न्यायाधीश विकास कुमार, जिलाधिकारी एवं सचिव चन्द्र प्रकाश सिंह, नगर आयुक्त मथुरा-वृन्दावन नगर निगम जगप्रवेश आदि पदेन सदस्यों व सेवायत समूहों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में लिए गए निर्णय के मुताबिक मंदिर में निजी सुरक्षाकर्मियों की मनमानी पर रोक लगाने के लिए मंदिर के प्रबंधक को निर्देश दिए गए और तय किया गया कि जल्द ही इस संबंध में नए नियम लागू किए जाएंगे।

अब एक लाख एक रुपये से सजवा सकेंगे फूल-बंगला

मंदिर में ग्रीष्म काल में ठाकुरजी को गर्मी से राहत प्रदान करने के लिए सजाए जाने वाले 'फूल-बंगलों' के लिए तय की गई अपेक्षित राशि में 50 हजार रुपये की छूट दे दी गई है। अब सेवायत जिजमान से 1.51 लाख रुपये के स्थान पर 1.01 लाख रुपये जमा कराकर 'फूल-बंगला' सजवा सकेंगे। बैठक में मंदिर के चबूतरे से अतिक्रमण हटाने, कॉरिडोर योजना का मार्ग प्रशस्त करने के लिए अपेक्षित भवनों, दुकानों की रजिस्ट्री प्रक्रिया में तेजी लाने, मंदिर के खातों का सुचारू संचालन, मंदिर से जुड़े निधिवन की सेवा व्यवस्था व मंदिर की सुरक्षा में की जिम्मेदारी संभाल रही एजेंसी का ठेका अगले वित्त वर्ष के लिए लागू करने आदि दो दर्जन से अधिक विषयों पर चर्चा की गई।

प्रसाद में मिलावट पर जताई नाराजगी

समिति ने मंदिर के आसपास बिकने वाली खाद्य वस्तुओं में मिलावट की समस्या के निदान के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों से अनवरत छापेमारी कर कठोर कार्रवाई करने तथा अपमिश्रण पर रोकथाम लगाने के निर्देश दिए। समिति ने प्रसाद के रूप में प्रयोग किए जाने वाले मिलावटी पेड़ों की बिक्री पर गहरी नाराजगी प्रकट की। समिति ने फैसला किया कि मंदिर परिसर व आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों को एचडी एवं एआई तकनीकि से लैस किया जाएगा।

Dinesh Rathour

लेखक के बारे में

Dinesh Rathour

दिनेश राठौर वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। डिजिटल और प्रिंट पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले दिनेश ने अपने करियर की शुरुआत 2010 में हरदोई से की थी। कानपुर यूनिवर्सिटी से स्नातक दिनेश ने अपने सफर में हिन्दुस्तान (कानपुर, बरेली, मुरादाबाद), दैनिक जागरण और राजस्थान पत्रिका (डिजिटल) जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। हरदोई की गलियों से शुरू हुआ पत्रकारिता का सफर आज डिजिटल मीडिया के शिखर तक पहुँच चुका है। दिनेश राठौर ने यूपी और राजस्थान के विभिन्न शहरों की नब्ज को प्रिंट और डिजिटल माध्यमों से पहचाना है।
लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में कार्यरत दिनेश दिनेश, खबरों के पीछे की राजनीति और सोशल मीडिया के ट्रेंड्स (वायरल वीडियो) को बारीकी से विश्लेषण करने के लिए जाने जाते हैं।

पत्रकारिता का सफर
हरदोई ब्यूरो से करिअर की शुरुआत करने के बाद दिनेश ने कानपुर हिंदुस्तान से जुड़े। यहां बतौर स्ट्रिंगर डेस्क पर करीब एक साल तक काम किया। इसके बाद वह कानपुर में ही दैनिक जागरण से जुड़े। 2012 में मुरादाबाद हिंदुस्तान जब लांच हुआ तो उसका हिस्सा भी बने। करीब दो साल यहां नौकरी करने के बाद दिनेश राजस्थान पत्रिका से जुड़ गए। सीकर जिले में दिनेश ने करीब तीन साल तक पत्रकारिता की। उन्होंने एक साल तक डिजिटल का काम भी किया। 2017 में दिनेश ने बरेली हिंदुस्तान में प्रिंट के डेस्क पर वापसी की। लगभग दो साल की सेवाओं के बाद डिजिटल हिंदुस्तान में काम करने का मौका मिला जिसका सफर जारी है।

और पढ़ें
लेटेस्ट Hindi News, Lucknow News, Meerut News, Ghaziabad News, Agra News, Kanpur News और UP News अपडेट हिंदी में पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।