
यूपी BJP के नए अध्यक्ष का हो सकता है ऐलान, लखनऊ आ रहे पीयूष गोयल; रेस में ये नाम
नए प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव के लिए अब केंद्रीय चुनाव अधिकारी पीयूष गोयल के लखनऊ आने का इंतजार है। उनके आने के बाद तेजी से यह प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। कई रिपोर्ट्स में 12 दिसम्बर को ही नए प्रदेश के नाम का ऐलान हो जाने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि कहीं से भी अब तक इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है।
उत्तर प्रदेश में भाजपा के नए प्रदेश का इंतजार अब खत्म होने वाला है। प्रदेश अध्यक्ष चुनाव प्रक्रिया के पर्यवेक्षक और केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के गुरुवार शाम तक लखनऊ पहुंचने की उम्मीद है। इस बीच कहा जा रहा है कि 12 दिसम्बर यानी कल ही नए प्रदेश अध्यक्ष के नाम का ऐलान हो सकता है। माना जा रहा है कि अगले साल होने वाले पंचायत चुनाव और 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा उत्तर प्रदेश में ओबीसी चेहरे पर दांव लगाने की तैयारी में है। पार्टी में इसे विपक्ष के पीडीए फॉर्मूले की काट के तौर पर भी देखा जा रहा है। प्रदेश अध्यक्ष पद के प्रमुख दावेदारों में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, कैबिनेट मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह और धर्मपाल सिंह के नाम लिया जा रहा है। इसके अलावा केंद्रीय मंत्री बीएल वर्मा, पूर्व केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति, राज्यसभा सांसद बाबूराम निषाद के नाम भी चर्चा में हैं।

नए प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव के लिए अब केंद्रीय चुनाव अधिकारी पीयूष गोयल के लखनऊ आने का इंतजार है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पीयूष गोयल गुरुवार की शाम तक लखनऊ पहुंच सकते हैं। इसके बाद तेजी से यह प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। कई रिपोर्ट्स में 12 दिसम्बर को ही नए प्रदेश के नाम का ऐलान हो जाने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि इस बारे में पार्टी में किसी स्तर से अब तक पुष्टि नहीं हो पाई है।
मिली जानकारी के अनुसार प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव में प्रदेश परिषद के सदस्यों के अलावा भाजपा विधानमंडल के सदस्यों की कुल संख्या का 10 फीसदी और यूपी कोटे के लोकसभा व राज्यसभा सांसदों की कुल संख्या के 10 फीसदी लोग मतदाता होंगे। यूपी में भाजपा के विधायकों की संख्या 258 और एमएलसी 79 हैं। वहीं पार्टी के 33 लोकसभा और 24 राज्यसभा सांसद हैं।
मंगलवार को घोषित किए गए थे 327 प्रदेश परिषद सदस्य
नए प्रदेश अध्यक्ष के ऐलान में तेजी की उम्मीद इससे भी जताई जा रही है क्योंकि मंगलवार को भाजपा ने 327 प्रदेश परिषद सदस्यों की घोषणा कर दी थी। प्रदेश चुनाव अधिकारी डा. महेंद्रनाथ पांडेय के निर्देश पर जिला चुनाव अधिकारियों ने इनका ऐलान किया। तभी से कहा जा रहा है कि प्रदेश भाजपा को नया प्रदेश अध्यक्ष जल्द मिलने की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। निर्वाचन प्रक्रिया की औपचारिकता जल्द से जल्द पूरी होने की संभावना है। बता देे कि प्रदेश परिषद सदस्य प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव में मतदाता की भूमिका निभाएंगे।
लंबे समय से चर्चा है नए अध्यक्ष का चुनाव
यूपी भाजपा में लंबे समय से नए प्रदेश अध्यक्ष को लेकर चर्चाओं का दौर चल रहा है। इसी वजह से मंगलवार को जब अचानक जिलों से ताबड़तोड़ प्रदेश परिषद की सूचियां जारी की गईं तो नए प्रदेश अध्यक्ष का ऐलान जल्द से जल्द होने की संभावना जताई जाने लगी। जिन 84 जिलों में पार्टी जिलाध्यक्ष घोषित कर चुकी है, वहां प्रदेश परिषद के सदस्य घोषित कर दिए गए हैं। हर विधानसभा क्षेत्र से एक सदस्य बनाया गया है। बता दें कि प्रदेश में भाजपा के कुल 98 संगठनात्मक जिले हैं। 14 जिलों में अभी नया अध्यक्ष बनना बाकी है। पार्टी संविधान के मुताबिक प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव के लिए किसी प्रदेश में 50 फीसदी से अधिक जिलाध्यक्षों का घोषित होना जरूरी है।





