राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मुकदमे में नए नाम आ सकते हैं, साक्ष्यों होगी फोरेंसिक जांच भी

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अयोध्या में राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मुकदमे की विवेचना में कुछ नए नाम आ सकते हैं। चढ़ावा चोरी प्रकरण में अब तक जुटाए गए अन्य साक्ष्यों का फोरेंसिक जांच भी की जाएगी।

Ram Mandir
राम मंदिर

यूपी के अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले में दर्ज मुकदमे की विवेचना में कुछ नए नाम भी सामने आ सकते हैं। पुलिस मामले में सीसीटीवी फुटेज और अब तक जुटाए गए अन्य साक्ष्यों का फोरेंसिक परीक्षण भी कराएगी। साक्ष्यों के आधार पर आरोपितों की भूमिका तय किए जाने के साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि ट्रस्ट पदाधिकारियों व अन्य की चोरी के मामले में लापरवाही किस हद की रही है। उन पर किसी तरह की आपराधिक जिम्मेदारी बनती है अथवा नहीं।

सुप्रीम कोर्ट में एसआईटी की स्टेटस रिपोर्ट प्रस्तुत किए जाने के बाद अब अयोध्या की श्रीरामजन्म भूमि कोतवाली में दर्ज एफआईआर की विवेचना के लिए दूसरी एसआईटी का गठन होना है। इस एसआईटी में तीन आईपीएस अधिकारी शामिल होंगे, जिनकी निगरानी में विवेचना को पूरा कराकर आरोपितों के विरुद्ध कोर्ट में आरोपपत्र दाखिल होगा। प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट की निगरानी के चलते पुलिस अपनी जांच में पूरी सतर्कता बरत रही है। अब तक जुटाए गए साक्ष्यों का फारेंसिक परीक्षण कराकर उन्हें पूरी मजबूती से कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। ताकि किसी स्तर पुलिस जांच पर कहीं कोई सवाल न उठे। सीसीटीवी फुटेज डिलीट करने के दोषियों के विरुद्ध भी साक्ष्य जुटाए जाएंगे।

लापरवाही के दोषियों की मंशा भी जांच के दायरे में

एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट में की गई सिफारिश पर मामले में मुकदमा दर्ज कराया गया था। पुलिस ने प्रारंभिक जांच रिपोर्ट का गहनता से अध्ययन किया है और उसके सभी प्रमुख बिंदुओं को विवेचना का हिस्सा बनाया है। पुलिस मामले में गिरफ‌तार आठ आरोपितों से अलग-अलग भी पूछताछ कर चुकी है। उनसे बयानों के आधार पर चढ़ावे की गणना की निगरानी में बरती गई लापरवाही के दोषियों की मंशा भी जांच के दायरे में है।

13 जून को एसआईटी का गठन किया गया था

आपको बता दें कि मामले में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर ट्रस्ट के अनुरोध पर 13 जून को एसआईटी का गठन किया गया था, जिसमें लखनऊ के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, आईजी किरन एसस और विशेष सचिव वित्त नील रतन शामिल हैं। एसआईटी के प्रमुख सदस्य मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत ने 23 जून को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट गृह विभाग को सौंपी थी, जिसमें चढ़ावे की रकम में हेराफेरी के मामले में कठोर संस्तुतियां की गई थीं। जिनके आधार पर 25 जून को ट्रस्ट के सदस्य कृष्णमोहन की तहरीर पर अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि थाने में आठ नामजद आरोपितों व अन्य अज्ञात के विरुद्ध पहली एफआईआर दर्ज हुई थी। पुलिस सभी आठ नामजद आरोपितों अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडेय, रमाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।

Deep Pandey

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Deep Pandey

दीप नरायन पांडेय लाइव हिन्दुस्तान में पिछले आठ सालों से यूपी की खबरें करते हैं। डिजिटल, टीवी और प्रिंट जर्नलिज्म में 15 साल से अधिक का अनुभव रखने वाले दीप नरायन पांडेय वरिष्ठ पत्रकार हैं। दीप अब डिजिटल मीडिया के जाने माने नाम बन गए हैं। दीप हिंदी भाषा की डिजिटल पत्रकारिता के नए आयामों को बेहतर समझते हैं। यूपी की राजनीति के साथ क्राइम की खबरों पर अच्छी पकड़ है। सामाजिक, इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यटन, शिक्षा और हेल्थ पर भी लिखते हैं। दीप पाठकों की पसंद को समझने और उसी तरह से न्पूज प्रस्तुत करने में माहिर हैं। दीप सरल भाषा में खबरों को पाठकों तक पहुंचाते हैं। खबर लिखने के अलावा साहित्य पढ़ने-लिखने में भी रुचि रखते हैं। मास कम्युनिकेशन में बीए और एमए दीप नरायन पांडेय मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गोंडा के रहने वाले हैं। दीप ने पत्रकारिता की शुरुवात लखनऊ से की। टीवी चैनल से करियर का आगाज करने वाले दीप इसके बाद प्रिंट अमर उजाला लखनऊ में भी रहे। हिन्दुस्तान प्रिंट में वाराणसी, गोरखपुर, फिर लखनऊ में कार्य के दौरान विभिन्न जिलों के डेस्क इंचार्ज रहे हैं। यूपी विधानसभा चुनाव 2012, 2017, 2022, लोकसभा चुनाव, पंचायत चुनावों के दौरान बेहतर कवरेज कर चुके हैं।

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