
साहिल बनकर नासिर हो गया सेना में भर्ती, ऐसे किया फर्जीवाड़ा, सात साल बाद गिरफ्तार
अपने रिश्तेदार साहिल के दस्तावेजों को फर्जीवाड़ा कर हासिल करने और आर्मी में भर्ती होने वाले नासिर को सात साल बाद पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। निसार अहमद को तब गिरफ्तार किया गया जब वह अपनी ससुराल रसूलाबाद थाना क्षेत्र के कठिका में साली की शादी में आया था।
कानपुर की बिल्हौर पुलिस ने साहिल बनकर फर्जी तरह से आर्मी में नौकरी करने वाले कन्नौज के निसार अहमद को सात साल बाद गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इंस्पेक्टर बिल्हौर के मुताबिक कन्नौज जिले के तिर्वा निवासी निसार अहमद अरौल के शेषपुर धर्मशाला गांव के साहिल का रिश्तेदार है। उनके मुताबिक निसार ने साहिल के हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की अंक पत्र गिर जाने की झूठी सूचना का प्रकाशन वर्ष 2013 में कराया था। इसके बाद साहिल का दूसरा अंक पत्र बनवाकर एक दलाल के माध्यम से साहिल के नाम से आर्मी में फर्जी तरह से नौकरी हासिल कर ली थी।
इंस्पेक्टर बिल्हौर के मुताबिक जुलाई 2013 में साहिल ने आरोपित निसार अहमद और उसके परिवार के तीन लोगों के खिलाफ गाली गलौज, धमकी और धोखाधड़ी की धारा में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें निसार अहमद को छोड़कर अन्य तीनों आरोपितों को हाईकोर्ट से स्टे मिल गया था। निसार के खिलाफ पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की थी। पुलिस ने आर्मी रेजीमेंट भी जाकर साहिल को निसार अहमद बताकर फर्जी प्रमाण पत्रों से नौकरी पाने का पत्राचार भी किया था। उसके खिलाफ कोर्ट से कुर्की की कार्रवाई होने के बाद परमानेंट गिरफ्तारी वारंट चल रहा था।
पुलिस ने आरोपित को ससुराल से दबोचा
इंस्पेक्टर बिल्हौर अशोक कुमार सरोज ने बताया कि आरोपित की गिरफ्तारी के लिए मुखबिर लगाए थे। निसार अहमद अपनी ससुराल रसूलाबाद थाना क्षेत्र के कठिका में अपनी साली की शादी में आया था। इसका पता चलते ही पुलिस ने निसार को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने पुलिस के सामने अपनी उम्र नौकरी में आड़े आने का हवाला देते हुए साहिल के अंकपत्रों और आधार बनाकर फर्जी तरह से नौकरी पाने की बात कबूली। आरोपित का पीड़ित साहिल से सामना भी कराया गया। इसके बाद उसे कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेजा गया है।
आरोपित को गिरफ्तार करने वाली टीम पुरस्कृत
डीसीपी वेस्ट दिनेश त्रिपाठी ने फर्जी अंकपत्र हासिल कर आर्मी में नौकरी करने वाले निसार अहमद को गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम के इंस्पेक्टर, एसआई जनमेद सिंह, शुभम देशवाल, अक्षय कुमार और आरक्षी धमेंद्र कुमार को 15 हजार पुरस्कार देने की बात कही है।
इंस्पेक्टर बिल्हौर अशोक कुमार सरोज के अनुसार बड़ी बात यह है कि आर्मी (सेना) देश की मुख्य सुरक्षा है, वहां पुलिस ने जाकर इसके फर्जी होने की अफसरों को जानकारी देकर पत्राचार भी किया, इसके बावजूद भी वह आर्मी में नौकरी कर रहा है, और जल्द रिटायर होने वाला है, कोर्ट से जारी परमानेंट वारंट पर निसार अहमद को गिफ्तार कर जेल भेजा गया है।

लेखक के बारे में
Yogesh Yadavयोगेश यादव हिन्दुस्तान में डिप्टी न्यूज एडिटर के पद पर हैं।
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