Hindi NewsUP NewsNarcotic cough syrup racket: Several assistant commissioners and drug inspectors now under investigation
नशीले कफ सिरप रैकेट; अब निशाने पर कई सहायक आयुक्त और ड्रग इंस्पेक्टर, जांच शुरू

नशीले कफ सिरप रैकेट; अब निशाने पर कई सहायक आयुक्त और ड्रग इंस्पेक्टर, जांच शुरू

संक्षेप:

नशीले कफ सिरप की अवैध बिक्री के मामले में दवा कारोबारियों की गिरफ्तारी के बाद अब सहायुक आयुक्तों और ड्रग इंस्पेक्टरों पर शिकंजा कसने की तैयारी है। विवेचना में कई फर्मों के बोगस निकलने पर इनकी भूमिका संदेह के घेरे में मिली है। लाइसेंस जारी करने से पहले पते का भौतिक सत्यापन करना होता है, जो नहीं हुआ।

Dec 04, 2025 10:13 am ISTYogesh Yadav लाइव हिन्दुस्तान, मोदस्सिर खान
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कोडिनयुक्त कफ सिरप की अवैध खरीद-बिक्री के मामले में बीते छह वर्षों में थोक दवा लाइसेंस जारी करने वाले खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के सहायक आयुक्तों और ड्रग इंस्पेक्टरों की भूमिका संदेह के घेरे में है। कई फर्मों के सिर्फ कागजों पर संचालित होने के खुलासे के बाद विभाग के उच्चाधिकारियों ने बीते छह वर्षों में वाराणसी में तैनात दोनों रैंक के अफसरों की जांच शुरू कर दी है।

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प्रकरण की जांच में अब तक कई ऐसी फर्मों का खुलासा हुआ है, जो केवल कागज पर संचालित हो रही थीं। इसी वजह से इन्हें लाइसेंस जारी करने वाले खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) विभाग के अफसरों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। विभाग की अतिरिक्त सचिव रेखा एस. चौहान ने दूरभाष पर बताया कि मामले की जांच पूरी पारदर्शिता के साथ की जा रही है। व्यापारियों के साथ-साथ लाइसेंस जारी करने वाले सहायक आयुक्तों और ड्रग इंस्पेक्टरों की भूमिका भी जांच के दायरे में है। उन्होंने कहा कि किसी भी अधिकारी के दोषी पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।

उल्लेखनीय है कि मामले के मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल के पिता, भोला जायसवाल की रांची स्थित ‘शैली मेसर्स ट्रेडर्स’ ने बनारस की 126 फर्मों को कोडिनयुक्त कफ सिरप की सप्लाई की थी। इन फर्मों की जांच के दौरान कई बोगस पाई गईं। कहीं लाइसेंस पर दर्ज पते पर मकान मिला, तो कहीं जनरल स्टोर। जबकि नियमों के अनुसार लाइसेंस जारी करने से पहले ड्रग इंस्पेक्टर को मौके का निरीक्षण करना होता है। ऐसे में अलग-अगल समयों पर जारी किए गए लाइसेंस की वजह से सहायक आयुक्तों और ड्रग इंस्पेक्टरों की जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। बनारस में वर्ष 2019 से अब तक एफएसडीए में अलग-अलग अवधि में तीन सहायक आयुक्त और पांच ड्रग इंस्पेक्टर तैनात रहे हैं। इसी अवधि में थोक दवा के 89 लाइसेंस जारी किए गए।

‘आरोपी को जेल में मिल रहीं सुविधाएं’

लखनऊ। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने सिरप कांड में बर्खास्त सिपाही आलोक सिंह को लेकर आरोप लगाया है कि गिरफ्तारी के बाद सरकार उसे दामाद जैसा ट्रीटमेंट दे रही है। राय ने अपने फेसबुक पेज पर बुधवार को एक पोस्ट शेयर करते हुए यह बात कही है। लिखा है कि बाइक चोरी में पुलिस लंगड़ा कर देती है, लेकिन हज़ारों जिंदगियां बर्बाद करने वाले को ऐसा सम्मान क्यों?

वर्ष 2019 से अब वाराणसी में तैनात ड्रग इंस्पेक्टर

नाम जारी किए लाइसेंस

स्व. सौरभ दुबे 14

संजय दत्त 10

अमित बंसल 23

विवेक सिंह 21

जुनाब अली 21

(जुनाब अली वर्तमान में तैनात हैं)

2019 से अब तक वाराणसी में तैनात सहायक आयुक्त

केजी गुप्ता 17

नरेश मोहन दीपक 29

पीसी रस्तोगी 43

(पीसी रस्तोगी वर्तमान में तैनात हैं)