
एसआईआर में पुराने पते से नाम गायब, नए पते पर नहीं जुड़ा; CEO ने बताया क्या करें
यूपी में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत जारी की गई ड्राफ्ट मतदाता सूची को लेकर उठ रही आपत्तियों और शिकायतों पर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) नवदीप रिणवा खुद मोर्चा संभाले हुए हैं।
उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत जारी की गई ड्राफ्ट मतदाता सूची को लेकर इन दिनों प्रदेश भर में चर्चाओं और शिकायतों का बाजार गर्म है। बड़ी संख्या में ऐसे मतदाता सामने आ रहे हैं जिनका नाम पुराने पते से तो कट चुका है, लेकिन नए पते की सूची में अभी तक शामिल नहीं हो सका है। इस गंभीर विषय पर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) नवदीप रिणवा ने समाधान बताया है। सीईओ ने खुद मोर्चा संभालते हुए नागरिकों और राजनीतिक दलों की शंकाओं का समाधान शुरू किया है।
यह केवल 'ड्राफ्ट' है, अंतिम सूची नहीं: सीईओ
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर सक्रिय होते हुए मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने स्पष्ट किया कि अभी जो सूची सामने आई है, वह केवल एक प्रारंभिक ड्राफ्ट है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों और आम जनता को आश्वस्त किया कि एसआईआर का अभी केवल पहला चरण पूरा हुआ है। मतदाता सूची का अंतिम और निर्णायक स्वरूप 6 मार्च को जारी होने वाली 'अंतिम मतदाता सूची' के साथ ही सामने आएगा।
पुराने पते से नाम हटने पर घबराएं नहीं
सीईओ ने उन मतदाताओं को विशेष सलाह दी है जो अपना निवास स्थान बदल चुके हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी मतदाता का नाम पुराने पते की सूची से हट गया है और वह नए पते पर अभी नहीं दिख रहा है, तो इसे यह न माना जाए कि उनका नाम हमेशा के लिए हटा दिया गया है। यह एक तकनीकी प्रक्रिया का हिस्सा हो सकता है।
बताया कि ऐसे मतदाताओं को बिना देर किए फॉर्म-6 भरना चाहिए ताकि नए पते पर उनका नाम सुनिश्चित किया जा सके। सीईओ ने भरोसा दिलाया है कि आयोग हर पात्र नागरिक को मतदान का अधिकार देने के लिए प्रतिबद्ध है और किसी भी वैध मतदाता का नाम सूची से बाहर नहीं रहने दिया जाएगा।
सियासी आपत्तियों पर दिया जवाब
कांग्रेस नेता गुरदीप सिंह सप्पल द्वारा उठाई गई आपत्तियों पर प्रतिक्रिया देते हुए सीईओ ने कहा कि ड्राफ्ट सूची में नाम होना या न होना निर्णायक नहीं होता। प्रशासन का मुख्य लक्ष्य त्रुटिमुक्त और पारदर्शी मतदाता सूची तैयार करना है। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों और जागरूक नागरिकों से अपील की है कि वे इस सुधार प्रक्रिया में हिस्सा लें और विसंगतियों को दूर करने में सहयोग करें।
कैसे जुड़वाएं अपना नाम?
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने मतदाताओं से अपील की है कि वे ऑनलाइन या ऑफलाइन माध्यम से अपनी जानकारी अपडेट करें:
वोटर हेल्पलाइन ऐप या पोर्टल: मतदाता डिजिटल माध्यम से अपना नाम चेक कर सकते हैं।
फॉर्म-6 का प्रयोग: यदि नाम सूची में नहीं है, तो तुरंत फॉर्म-6 भरकर आवेदन करें।
अंतिम तिथि का ध्यान: 6 मार्च की समयसीमा से पहले सभी सुधार और आपत्तियां दर्ज कराई जानी अनिवार्य हैं।

लेखक के बारे में
Yogesh Yadavयोगेश यादव हिन्दुस्तान में डिप्टी न्यूज एडिटर के पद पर हैं।
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