हनुमानगढ़ी परिसर में पढ़ी गई थी नमाज, बयान से पलटे बृजभूषण; पूर्व सांसद ने मांगी माफी
अयोध्या में हनुमानगढ़ी में नमाज को लेकर दिए अपने बयान से पूर्व सांसद बृजभूषण शरण पलट गए हैं। बृजभूषण ने कहा है कि हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नहीं पढ़ी गई, लेकिन परिसर में नमाज पढ़ी गई ।
भाजपा के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने अयोध्या की हनुमानगढ़ी में नमाज पढ़े जाने के मुद्दे पर अपनी सफाई दी है। उन्होंने सीएम योगी आदित्यनाथ के बयान को सही बताया। मंगलवार शाम मीडिया से बातचीत में कहा कि बृजभूषण सिंह ने कहा कि देखिए, मुझे जो मीडिया के लोगों ने प्रश्न किया था, वो प्रश्न सीधा-सादा था कि हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज पढ़ी गई कि नहीं। मैंने कहा, नहीं। हां, मुझे ये कहना चाहिए था कि सीढ़ियों पर नहीं पढ़ी गई, लेकिन परिसर में पढ़ी गई । उन्होंने कहा कि यदि उनके बयान से किसी की भावनाएं आहत हुई हैं तो मुझे क्षमा मांगने में कोई दिक्कत नहीं है। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। हालांकि, लाइव हिन्दुस्तान किसी वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है।
पूर्व सांसद बृजभूषण शरण ने साफ किया उन्होंने कहा कि हनुमानगढ़ी का निर्माण एक मुस्लिम ने कराया था, लेकिन यह अधूरी बात थी। उन्होंने कहा कि धार्मिक ग्रंथों में भगवान शिव ने स्वयं हनुमानगढ़ी का उल्लेख किया है, इसलिए यह कहना उचित नहीं कि इसका निर्माण किसी व्यक्ति ने कराया। उन्होंने दावा किया कि 18वीं शताब्दी में शुजाउद्दौला याचक के रूप में वहां आया था। वर्षों तक नागा साधुओं और मुस्लिम पक्ष के बीच चल रहे संघर्ष के बाद उसने 52 बीघा भूमि का पट्टा दिया और निर्माण कार्य में सहयोग किया। बृजभूषण सिंह ने कहा कि हनुमानगढ़ी पर सदियों तक आक्रांताओं के हमले हुए, लेकिन नागा साधुओं ने कभी उसे ध्वस्त नहीं होने दिया।
अधूरे जवाब के कारण विवाद बढ़ गया
उन्होंने कहा कि यदि 17 जुलाई को दिए गए मेरे बयान से किसी की भावनाएं आहत हुई हैं तो मैं क्षमा मांगता हूं। साथ ही उन्होंने कहा कि राम जन्मभूमि, सनातन और साधु-संतों से जुड़े हर आंदोलन में वह हमेशा उनके साथ खड़े रहे हैं। बृजभूषण सिंह ने कहा कि उनसे सवाल किया था कि क्या हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज पढ़ी गई थी? इस पर उन्होंने जवाब दिया था कि सीढ़ियों पर नमाज नहीं पढ़ी गई थी, उन्होंने माना कि उन्हें उसी समय यह भी स्पष्ट कर देना चाहिए था कि सीढ़ियों पर नहीं, लेकिन 52 बीघा परिसर में किसी स्थान पर नमाज पढ़ी गई थी। उन्होंने कहा कि इसी अधूरे जवाब के कारण विवाद बढ़ गया।
क्या बोले थे बृजभूषण
इसके पहले नंदिनी में समारोह के बाद पत्रकारों से बातचीत में बृजभूषण कई मामलों पर बोले। हनुमानगढ़ी में नमाज पढ़े जाने के सवाल पर पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा था कि हनुमानगढ़ी की सीढियों पर कभी नमाज नहीं पढ़ी गई। उन्होंने कहा था कि हनुमानगढ़ी का निर्माण बाराबंकी के मुस्लिम समाज के एक व्यक्ति ने कराया था। जिसने निर्माण कराया उसका हनुमानगढ़ी पर आज भी पत्थर लगा हुआ है।


