यूपी के इस जिले में लिफाफे में बंद हुई मां-बेटी की चर्चित हत्या की गुत्थी, होली बाद सुलझेगी
29 मार्च 2025 की देर रात पूनम और उसकी छोटी बेटी अनुष्का की धारदार हथियार से काटकर निर्मम हत्या कर दी गई थी। दोनों मां-बेटी रात का भोजन करने के बाद घर के बरामदे में सो रही थीं। रात करीब 1:30 बजे अज्ञात हमलावरों दोनों की मौके पर ही हत्या कर दी थी।

UP News: यूपी के गोरखपुर के चौरीचौरा में करीब एक साल पहले हुई मां-बेटी की निर्मम हत्या की उलझी हुई गुत्थी अब लिफाफे में बंद हो गई है। लिफाफा खुलते ही न सिर्फ इस रहस्य से परदा उठने वाला है बल्कि पुलिस आरोपित की गिरफ्तार कर अपनी कार्रवाई को भी आगे बढ़ाने की तैयारी कर रही है। होली के बाद बंद लिफाफा थाने पर पहुंचने की उम्मीद है। उधर,इस घटना के खुलासे को लेकर इलाके के लोगों को भी बेसब्री से इंतजार है।
चौरीचौरा के शिवपुर चकदहा गांव में 29 मार्च 2025 की देर रात पूनम और उसकी छोटी बेटी अनुष्का की धारदार हथियार (गड़ासा) से काटकर निर्मम हत्या कर दी गई थी। दोनों मां-बेटी रात का भोजन करने के बाद घर के बरामदे में सो रही थीं। रात करीब 1:30 बजे अज्ञात हमलावरों दोनों की मौके पर ही हत्या कर दी थी। घटना के बाद पूनम का एंड्रॉयड मोबाइल फोन भी आरोपित अपने साथ ले गए थे। वहीं घर में मौजूद बड़ी बेटी खुशबू को हमलावरों ने दूसरे कमरे में बंद कर दिया था। खुशबू ने पुलिस को बताया था कि उसने दरवाजे के छेद से हमलावरों को देखा था। उसकी तहरीर पर पुलिस ने गांव के एक परिवार के पिता और उसके दो पुत्रों को नामजद करते हुए मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने दबाव में आकर एक आरोपित को गिरफ्तार कर जेल भी भेजवा दिया था हालांकि इस कार्रवाई से पुलिस खुद संतुष्ट नहीं थी यही वजह थी कि समय सीमा पूरी होने के बाद भी केस में चार्जशीट नहीं दाखिल की गई और आरोपित को जमानत मिल गई।
जांच में आई चुनौतियां
पुलिस को हमेशा आशंका रही कि इस जघन्य हत्याकांड में अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं। जांच के दौरान 100 से अधिक लोगों से पूछताछ की गई और करीब 50 संदिग्धों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) खंगाले गए। कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ भी की गई, लेकिन ठोस साक्ष्य न मिलने के कारण उन्हें छोड़ना पड़ा।
पॉलीग्राफ टेस्ट से गुत्थी सुलझाने का निर्णय
केस की गुत्थी को सुलझाने के लिए पुलिस ने कोर्ट से अनुमति लेकर तीन आरोपितों सहित छह लोगों जिसमें वादी मुकदमा भी शामिल है का पुलिस ने पॉलीग्राफ टेस्ट कराने का निर्णय लिया। जनवरी में पुलिस ने पॉलीग्राफ टेस्ट करा लिया था और उसके बाद जांच रिपोर्ट मिलने की बात कही गई थी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक जांच रिपोर्ट डिसपैच कर दिया गया है। होली के बाद कभी भी पुलिस को यह लिफाफा मिल सकता है। उसके खुलते ही गुत्थी सुलझने की उम्मीद है।
लेखक के बारे में
Ajay Singhअजय कुमार सिंह पिछले आठ वर्षों से लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में पूर्वांचल के बड़े हिस्से से खबरों का कोआर्डिनेशन देख रहे हैं। वह हिन्दुस्तान ग्रुप से 2010 से जुड़े हैं। पत्रकारिता में 27 वर्षों का लंबा अनुभव रखने वाले अजय ने टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। हिन्दुस्तान से पहले वह ईटीवी, इंडिया न्यूज और दैनिक जागरण के लिए अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर चुके हैं। अजय राजनीति, क्राइम, सेहत, शिक्षा और पर्यावरण से जुड़ी खबरों को गहराई से कवर करते हैं। बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट अजय फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान में असिस्टेंट एडिटर हैं और उत्तर प्रदेश की राजनीति और क्राइम की खबरों पर विशेष फोकस रखते हैं।
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