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6 दिसंबर, 2020|4:24|IST

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हरिद्वार से पवित्र गंगा जल लेकर शहर में पहुंचे गोल्डनबाबा को देखने भीड़ उमडी। गोल्डन बाबा 20 किलो सोने के आभूषणों से सुज्जित थे। उनके प्रशंसकों में रामपुर तिराहे से लेकर विकास भवन तक उनके साथ फोटो खिंचवाने की होड़ लगी रही। गोल्डनबाबा ने कहा कि वे तब तक कांवड लाते रहेंगे, जब तक उनमें दम है।

 हरिद्वार से पवित्र गंगा जल लेकर शहर में पहुंचे गोल्डनबाबा को देखने भीड़ उमडी। गोल्डन बाबा 20 किलो सोने के आभूषणों से सुज्जित थे। उनके प्रशंसकों में रामपुर तिराहे से लेकर विकास भवन तक उनके साथ फोटो खिंचवाने की होड़ लगी रही। गोल्डनबाबा ने कहा कि वे तब तक कांवड लाते रहेंगे, जब तक उनमें दम है।

हरिद्वार से पवित्र गंगा जल लेकर शहर में पहुंचे गोल्डनबाबा को देखने भीड़ उमडी। गोल्डन बाबा 20 किलो सोने के आभूषणों से सुज्जित थे। उनके प्रशंसकों में रामपुर तिराहे से लेकर विकास भवन तक उनके साथ फोटो खिंचवाने की होड़ लगी रही। गोल्डनबाबा ने कहा कि वे तब तक कांवड लाते रहेंगे, जब तक उनमें दम है।

दिल्ली निवासी 65 वर्षीय गोल्डन बाबा करीब 25 साल से हरिद्वार से कांवड लेकर आ रहे है। वे इस बार कांवड लाने की गोल्डन जुबली मना रहे हैं। उनका कहना है कि उन्हें जनता से बहुत प्यार मिलता है, जिससे वे प्रेरित होकर कांवड़ लाने का साहस करते हैं। उन्होंने कहा कि यह इस देश की जनता का ही प्यार है, जो उनके साथ हरिद्वार से ही सैकडो लोग चलते है। शुक्रवार प्रात: करीब 11 बजे पुरकाजी से चलकर जब उन्होंने मुजफ्फरनगर शहर की सीमा में प्रवेश किया तो रामपुर तिराहे पर उनका सैकड़ों प्रशंसकों ने भव्य स्वागत किया। बाबा ने कहा कि हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लाकर दिल्ली में मंदिर शिवलिंग पर जल चढाना तो उनके लिये शिव का असीम प्रेम है। गोल्डन बाबा कुछ देर तक शिव मूर्ति पर रुकना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने सुरक्षा कारणों से उन्हें दो या तीन मिनट ही रुकने दिया। उनके साथ दो सुरक्षाकर्मी भी थे। शहर कोतवाली पुलिस ने उन्हें सुरक्षा देकर विकास भवन से आगे कर दिया।