DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

बारिश में मकान की छत गिरी, मां व बेटे की मौत

बारिश में मकान की छत गिरी, मां व बेटे की मौत

1 / 3शनिवार देर रात मूसलाधार बारिश के दौरान गांव नरा में एक मकान की छत गिर गई। मलबे में दबने से मां-बेटे की मौत हो गई जबकि तीन बच्चों समेत चार लोग घायल हो गए। घायलों का उपचार मेडिकल कालेज में चल रहा है।...

बारिश में मकान की छत गिरी, मां व बेटे की मौत

2 / 3शनिवार देर रात मूसलाधार बारिश के दौरान गांव नरा में एक मकान की छत गिर गई। मलबे में दबने से मां-बेटे की मौत हो गई जबकि तीन बच्चों समेत चार लोग घायल हो गए। घायलों का उपचार मेडिकल कालेज में चल रहा है।...

बारिश में मकान की छत गिरी, मां व बेटे की मौत

3 / 3शनिवार देर रात मूसलाधार बारिश के दौरान गांव नरा में एक मकान की छत गिर गई। मलबे में दबने से मां-बेटे की मौत हो गई जबकि तीन बच्चों समेत चार लोग घायल हो गए। घायलों का उपचार मेडिकल कालेज में चल रहा है।...

PreviousNext

शनिवार देर रात मूसलाधार बारिश के दौरान गांव नरा में एक मकान की छत गिर गई। मलबे में दबने से मां-बेटे की मौत हो गई जबकि तीन बच्चों समेत चार लोग घायल हो गए। घायलों का उपचार मेडिकल कालेज में चल रहा है। गांव नरा में शनिवार देर रात्रि भारी बारिश के चलते अनिल प्रजापति के मकान की छत भरभरा कर गिर गई। मकान में सो रहे अनिल व उसकी पत्नी ललिता(26), बेटे गगन (03) बेटी नैना(01), पूर्णिमा (06), राशि (02) मलबे के नीचे दब गए।

आवाज सुनकर पड़ोस में रह रहे ग्रामीणों की आंख खुल गयी। ग्रामीणों ने पुलिस को घटना की जानकारी देते हुए घायलों को मलबे के नीचे से बाहर निकाला। गांव में पहुंची पुलिस ने घायलों को बैगराजपुर मेडिकल कालेज भिजवाया। डॉक्टरों ने ललिता व गगन को मृत घोषित कर दिया।दोपहर में पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद संजीव बालियान गांव में पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार को सरकार की ओर से प्राकृतिक आपदा राहत कोष योजना के तहत आर्थिक सहायता के रूप में दिलवाने के आश्वासन दिया। पुलिस ने दोनों शवों का पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए।लापरवाही की शिकायत रविवार सुबह एडीएम सियाराम मौर्य भी मौके पर पहुंचे और गिरे हुए मकान का मुआयना किया। परिजनों ने बेगराजपुर मेडिकल में मरीजों को सुविधाएं न मिल पाने के कारण नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि मेडिकल में रखी हुई जांच मशीन खराब बताई गई है। आरोप है कि सीनियर डॉक्टरों ने गंभीर घायलों का इलाज करने के लिए भी जहमत नहीं उठाई। उनके स्थान पर कॉलेज मे प्रैक्टिस कर रहे छात्रों को ही घायलों का इलाज करने के लिए भेजा गया। इलाज से असंतुष्ट होने पर सभी घायलों को मुजफ्फरनगर ले जाने के लिए परिजनों को बाध्य होना पड़ा।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:The roof of the house collapsed in the rain, the death of mother and son