DA Image
हिंदी न्यूज़ › उत्तर प्रदेश › मुजफ्फर नगर › बिजली के निजीकरण को लेकर हड़ताल, चार करोड़ का नुकसान
मुजफ्फर नगर

बिजली के निजीकरण को लेकर हड़ताल, चार करोड़ का नुकसान

हिन्दुस्तान टीम,मुजफ्फर नगरPublished By: Newswrap
Mon, 05 Oct 2020 05:52 PM
बिजली के निजीकरण को लेकर हड़ताल, चार करोड़ का नुकसान

पूर्वांचल में चल रहे बिजली के निजीकरण के विरोध में सोमवार को पावर कारपोरेशन के अधिकारी और कर्मचारियों ने हड़ताल कर दी। एसई, एक्सईएन, एसडीओ, जेई और कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार करते हुए नुमाईश कैम्प अधीक्षण कार्यालय परिसर में धरना प्रदर्शन किया। सोमवार को ग्रामीण क्षेत्र के अधिकारी और कर्मचारी भी हड़ताल में शामिल रहे। सोमवार को कैश काउंटर भी बंद रहे, जिस कारण कोई बिजली बिल जमा नहीं हुआ है। हड़ताल के पहले दिन पावर कारपोरेशन को करीब चार करोड़ का नुकसान हुआ है।

बिजली के निजीकरण को लेकर लगातार विरोध बढ़ता जा रहा है। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के बेनर तले आदि दिन धरना प्रदर्शन हो रहे है। सोमवार को पावर कारपोरेशन के अधिकारी और कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार कर दिया और हड़ताल पर चले गए। हड़ताल के पहले दिन कार्यालयों में काम काज बंद रहा। इस दौरान बिजली बिल जमा करने वाले कैश काउंटर भी बंद रहे है। जिस कारण पावर कारपोरेशन को करीब चार करोड का नुकसान हड़ताल के पहले दिन हुआ है। निजीकरण को लेकर हुई हड़ताल में अभी संविदा कर्मचारियों को शामिल नहीं किया गया है। जनपद में करीब 70 प्रतिशत संविदा कर्मचारी है। सोमवार को हुई हड़ताल में पावर कारपोरेशन सरकारी अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए है। नुमाईश कैम्प पर चल रहे धरने में सोमवार को ग्रामीण क्षेत्र के अधिकारी और कर्मचारी, लाइनमैन आदि भी शामिल हुए है। संगठन के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि निजीकरण को नहीं रोका गया तो उग्र आंदोलन होगा। इस दौरान बिजली सप्लाई भी बंद रह सकती है।

संबंधित खबरें