
ठंड बढ़ते ही जिला अस्पताल में मरीजों की भीड़, सर्दी—खांसी और बुखार के बढ़े मामले
Muzaffar-nagar News - जनपद में रात का तापमान 10 डिग्री से नीचे गिरने से लोगों में बीमारियों का मामला बढ़ रहा है। जिला अस्पताल में सर्दी, खांसी और बुखार के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। डॉक्टरों का कहना है कि मौसमी बदलाव के कारण वायरल संक्रमण फैल रहा है। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष ध्यान देने की सलाह दी गई है।
जनपद में कुछ दिनों से रात का तापमान 10 डिग्री से नीचे गिरता जा रहा है और दिन में धूप तेज होने के कारण हल्की गर्मी का अहसास हो रहा है। जिस कारण जनपद में लोग बीमार पड़ रहे हैं। ठंड बढ़ते ही जिला अस्पताल में मरीजों की भीड़, सर्दी-खांसी और बुखार के बढ़े मामलेठंड शुरू होते ही जिला अस्पताल में सर्दी, खांसी, बुखार और सांस लेने में तकलीफ के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ गई है। जनपद में इन दिनों सुबह और रात में ठंड काफी बढ़ गई है और रात में तापमान भी पिछले कुछ दिनों लगातार गिरता जा रहा है।
ठंड बढ़ते ही जिला अस्पताल में मरीजों की भीड़ काफी बढ़ गई है। इन दिनों सर्दी-खांसी और बुखार व सांस लेने में परेशानी आदि के मामले काफी तेजी से बढ़ रहे हैं। सुबह से ही अस्पताल के ओपीडी में लंबी कतारें लगी नजर आ रही हैं। डॉक्टरों का कहना है कि मौसमी बदलाव और गिरते तापमान के कारण वायरल संक्रमण तेजी से फैल रहा है। अस्पताल में रोजाना सैकड़ों लोग सर्दी-जुकाम और बुखार की समस्या लेकर पहुंच रहे हैं। बाल रोग विभाग में भी छोटे बच्चों की संख्या बीते सप्ताह की तुलना में करीब दोगुनी हो गई है। वहीं, वृद्ध मरीजों में खांसी और सांस की तकलीफ काफी बढ़ती जा रही है। डॉक्टरों ने अस्थमा और सीओपीडी के मरीजों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। शुक्रवार को तापमान अधिकतम 26.2 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम 8.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। रात में बच्चों व बुजुर्गों का रखें विशेष ध्यान : डा. योगेन्द्र त्रिखा जिला चिकित्सालय के सीनिय फिजीशियन डाक्टर योगेन्द्र कुमार त्रिखा का कहना है कि इन दिनेां दिन में धूप तेज निकलने के कारण बच्चे व बुजुर्ग हल्के गर्म कपड़े में रहते हैं। रात में ठंड अधिक होने और प्रदूषण के कारण बच्चों व बुजुर्गों में स्वास्थ्य संबंधी परेशानी देखने में आ रही हैं। डा. त्रिखा ने बताया कि इन दिनों डायरिया आदि के मरीज काफी आ रहे हैं, जिन्हें उल्टी, दस्त व पेट समस्या अधिक हो रही है। -- डा. त्रिखा ने बताया कि शाम को बच्चों व बुजुर्गों को गर्म कपड़े पहनाकर रखें। -- पैरों में गर्म जुराब रखें। -- शाम व रात में बच्चों व बुजुर्गों को घर से बाहर न निकलने दें। घरों में भी गर्म कपड़ों में रखें। -- सांस वाले मरीजों का धूल मिट्टी से बचाव रखें। -- बच्चों व बुजुगों को हल्के गर्म पानी का सेवन कराएं व खुद भी सेवन करें। -- खट्टी चीजों से परहेज रखें। शादी विवाह आदि में ज्यादा तेल वाला भोजन लेने से बचें। -- सांस वाले मरीज अपना खास ध्यान रखें। इन्हेलर व दवा आदि समय से लेते रहें।

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