बोले मुजफ्फरनगर: सद्दीक नगर की टूटी सड़कें, गंदगी बनी पहचान
Muzaffar-nagar News - सद्दीक नगर में बुनियादी सुविधाओं की कमी से लोग परेशान हैं। टूटी सड़कें और गंदे पानी की समस्या से जीवन मुश्किल हो गया है। बारिश में हालात और बिगड़ जाते हैं, जिससे बीमारियों का खतरा बढ़ता है। स्थानीय लोग प्रशासन से समाधान की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
नगर के सद्दीक नगर इलाके में बुनियादी सुविधाओं की कमी अब लोगों के लिए रोजमर्रा की मुसीबत बन चुकी है। टूटी-फूटी सड़कें, घरों से निकलने वाले गंदे पानी की निकासी का अभाव और जगह-जगह भरा दूषित पानी यहां के निवासियों की जिंदगी को नारकीय बना रहा है। हालात इतने बदतर हैं कि बरसात के दिनों में पूरी बस्ती जलभराव और कीचड़ में तब्दील हो जाती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायतों के बावजूद नगर पालिका की ओर से कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया। सद्दीक नगर की सबसे बड़ी समस्या गंदे पानी की निकासी न होना है।
अधिकांश घरों से निकलने वाला पानी सड़कों पर ही बहता है, जिससे सड़कें दलदल में बदल जाती हैं। कई जगहों पर महीनों तक गंदा पानी जमा रहता है। इस पानी से बदबू उठती रहती है, जिससे लोगों का घरों में रहना भी मुश्किल हो जाता है। --- अभिभावकों को डर लगा रहता है कहीं बच्चे गंदे पानी न गिर जाएं स्थानीय निवासी बताते हैं कि सुबह घर से निकलना किसी चुनौती से कम नहीं होता। बच्चों को स्कूल और मदरसे भेजने में अभिभावकों को डर लगता है कि कहीं वे गंदे पानी में गिर न जाएं या बीमार न पड़ जाएं। बस्ती के बीच स्थित मदरसे में छोटे-छोटे बच्चे तालीम हासिल करने आते हैं। मगर मदरसे तक जाने वाला रास्ता पूरी तरह से टूटा हुआ है और उस पर हमेशा गंदा पानी भरा रहता है। बरसात के दिनों में यह रास्ता पूरी तरह से बंद जैसा हो जाता है ।मदरसे के जिम्मेदारों का कहना है कि कई बार बच्चों के कपड़े और किताबें गंदे पानी में खराब हो चुकी हैं। संक्रमण का खतरा हमेशा बना रहता है। अभिभावक भी बच्चों की सेहत को लेकर चिंतित रहते हैं। सददीक नगर में श्मशान घाट और कब्रिस्तान भी स्थित हैं, जहां अंतिम संस्कार और दफन की प्रक्रिया होती है। लेकिन अफसोस की बात यह है कि इन पवित्र और संवेदनशील स्थानों तक जाने वाले रास्ते भी गंदगी और जलभराव से अछूते नहीं हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अंतिम संस्कार के समय शव को ले जाना भी कठिन हो जाता है। बरसात के मौसम में तो हालात और भी भयावह हो जाते हैं, जब कीचड़ और पानी के कारण लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। बरसात का मौसम सददीक नगर के लिए किसी आपदा से कम नहीं होता। थोड़ी सी बारिश होते ही सड़कों पर पानी भर जाता है। नालियों की सफाई न होने के कारण पानी की निकासी पूरी तरह से ठप हो जाती है। कई घरों में तो गंदा पानी अंदर तक घुस जाता है, जिससे घरेलू सामान खराब हो जाता है। ---- गंदगी व मच्छरों की भरमार से बीमारी फैलने का बना रहता है खतरा स्थानीय महिलाओं का कहना है कि बारिश के दिनों में बच्चों और बुजुर्गों को बाहर निकालना बेहद मुश्किल हो जाता है। मच्छरों की भरमार हो जाती है और बीमारियों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। घर के सामने भरे गंदे पानी के कारण बच्चों में त्वचा रोग, बुखार, डायरिया और मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा बना हुआ है। कई परिवारों का कहना है कि उनके बच्चे बार-बार बीमार पड़ रहे हैं। इलाज पर खर्च बढ़ गया है, लेकिन समस्या का मूल कारण जस का तस बना हुआ है। डॉक्टरों का भी मानना है कि लंबे समय तक गंदे पानी और गंदगी में रहने से गंभीर बीमारियां फैल सकती हैं। इसके बावजूद प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा। सददीक नगर के लोगों का आरोप है कि उन्होंने कई बार नगर पालिका के अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन केवल आश्वासन ही मिले। कभी नाली सफाई के नाम पर खानापूर्ति की जाती है, तो कभी सड़क मरम्मत के नाम पर अधूरा काम छोड़ दिया जाता है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि चुनाव के समय नेता बड़े-बड़े वादे करते हैं, लेकिन बाद में कोई सुध लेने नहीं आता। बस्ती के हालात वर्षों से जस के तस बने हुए हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, यहां बच्चों में त्वचा रोग, बुखार, दस्त, डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। गंदे पानी में खेलते बच्चे संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं, लेकिन मजबूरी के कारण उन्हें रोक पाना मुश्किल हो जाता है। एक अभिभावक ने बताया कि बच्चों को स्कूल भेजना भी जोखिम भरा हो गया है। स्कूल जाने के रास्ते में कीचड़ और पानी भरा रहता है, जिससे बच्चे गिर जाते हैं और बीमार पड़ जाते हैं। कई परिवारों को इलाज पर अतिरिक्त खर्च करना पड़ रहा है, जिससे आर्थिक स्थिति पर भी असर पड़ रहा है। बरसात के मौसम में सददीक नगर नई बस्ती की हालत पूरी तरह से बिगड़ जाती है। हल्की सी बारिश में ही सड़कें तालाब में तब्दील हो जाती हैं। कई गलियों में पानी घुटनों तक भर जाता है। वाहन तो दूर, पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के समय एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड या अन्य आपात सेवाओं का पहुंचना लगभग नामुमकिन हो जाता है। अगर किसी को अस्पताल ले जाना हो तो चार-पांच लोगों की मदद से उसे कीचड़ भरे रास्ते से बाहर निकालना पड़ता है। ----- पानी की निकासी नहीं, गंदगी के लगे हैं ढेर सद्दीक नगर की समस्याएं केवल सड़क और नाली तक सीमित नहीं हैं। यहां साफ-सफाई की भारी कमी है। जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे रहते हैं। स्ट्रीट लाइटें या तो खराब हैं या फिर लगी ही नहीं हैं, जिससे रात में अंधेरा छाया रहता है। इसके अलावा आवारा पशुओं का भी आतंक है, जो गंदे पानी और कूड़े के बीच घूमते रहते हैं। इससे दुर्घटनाओं का खतरा भी बना रहता है। बस्ती में कई बार आवारा पशुओं के हमले से कई लोग घायल भी हो चुके है। इसके अलावा बस्ती की सडकें तो पूरी से टूटी पडी है। पता ही नहीं चल पाता है कि यहा पर कभी सडक भी रही होगी। गडढों के अलावा कच्चे रास्ते पर कूढे के ढेर लगे होने से उसमे से उठती बदबू से लोगों का जीना मुहाल हो गया है। बस्ती के लोग ऐसी कई बडी समस्याओं से जूझ रहे है लेकिन समाधान नहीं हा पाया है। लोगों का कहना है कि नगर पालिका की ओर से पानी की पाईप लाइन तो बिछा दी गई है लेकिन आज तक उसको चालू नहीं किया गया है। पाइप लाइन से सडके भी कही जगह से उखाड दी गई है जिनकी आज तक मरम्मत तक नहीं हो पाई है। मकानों के अन्दर से निकलने वाला गंदा पानी हमेशा रास्ते में भरा रहता है। बस्ती में रहने वाले लोगों का कहना था कि कई बार तो ऐसा होता है कि बस्ती में फैली गंदगी से जहरीले कीडे भी देखने को मिलते है। लोगों का कहना था कि पालिका ने अभी तक बस्ती का सर्वे तक नहीं कराया है यहा से कोई भी टैक्स नहीं लिया जाता है। कई बार टैक्स के बारे में पालिका को भी अवगत कराया गया लेकिन नहीं कराया गया। कहना था कि हम जानते है कि पालिका बिना टैक्स के बस्ती में कोई विकास कार्य नहीं करायेगी। समस्याओं को लेकर विधायक,सांसद को भी अवगत कराया गया लेकिन समाधान वहा से भी नहीं हो पाया। लोग कहते है कि इस बार जब भी कोई नेता बस्ती में आयेगा तो उससे पहले बस्ती के लोगो की समस्याओं के समाधान कराया जायेगा। जो बस्ती की समस्याओं का समाधान करेगा उसको ही अपने वोट देगें। अंतिम संस्कार में जाने के समय भी गंदे पानी व कीचड़ से होकर गुजरना पड़ता अंतिम संस्कार के समय शोक में डूबे परिजनों को गंदे पानी और कीचड़ से होकर गुजरना पड़ता है। कई बार शव वाहन रास्ते में फंस जाते हैं, जिससे लोगों की पीड़ा और बढ़ जाती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह स्थिति न केवल अव्यवस्था को दर्शाती है, बल्कि मानवीय गरिमा के भी खिलाफ है। लोगों का कहना है कि चुनाव के समय नेता बड़ी-बड़ी बातें करते हैं और विकास के वादे करते हैं, लेकिन चुनाव खत्म होते ही बस्ती की सुध लेना कोई जरूरी नहीं समझता। न तो सड़कों का निर्माण कराया गया और न ही नालियों की व्यवस्था की गई। सददीक नगर नई बस्ती में केवल सड़क और नाली ही नहीं, बल्कि अन्य बुनियादी सुविधाओं की भी भारी कमी है। कई स्थानों पर स्ट्रीट लाइटें खराब पड़ी हैं, जिससे रात के समय अंधेरा रहता है और दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। गंदगी की नियमित सफाई नहीं होने से बस्ती में स्वच्छता की स्थिति भी बेहद खराब है। सुझाव: 1.सददीक नगर की बस्ती में टूटी सडकों का जल्द निर्माण कराया जाएं ताकि लोगों को परेशानी का सामना न करना पडे। बच्चे भी बीमारी से बच सकेगें 2.बस्ती में गंदे पानी की निकासी को लेकर प्रशासन को ठोस कदम उठाने चाहिए। पानी की निकासी होगी तो लोगों में फैल रही बीमारी से बचाव होगा। 3.बस्ती में जहां पर भी गंदगी फैली हुई है उसकी साफ सफाई होनी चाहिए। जो भी कूडे के ढेर लगे है उनको साफ कराया जाएं, पालिका को सफाई के लिए कर्मचारी लगाना चाहिए। 4. सददीक नगर की बस्ती का नगर पालिका को सर्वे करना चाहिए,ताकि उसने टैक्स वसूली की जा सके। टैक्स वसूली होगी तो पालिका बस्ती में विकास कार्य करायेगी शिकायतें 1.सद्दीक नगर की बस्ती में हर गलियों मे सडक का निर्माण कराया जाएं,इसके अलावा घर के बाहर बनी नालियों को भी पक्का कराया जाएं ताकि लोगों को गंदगी से छूटकारा मिल सके। 2.जिन लोगों के घर के सामने अतिक्रमण किया हुआ है उसको हटाया जाएं ताकि जो गलिया छोटी है वो सही हो सके। 3.बस्ती की कई बार शिकायत की गई,जिनके नाम शिकायत की गई थी उनसे उसकी जानकारी लेनी चाहिए ओर उनसे शिकायत के निस्तारण के बारे में जानकारी पालिका को करनी चाहिए। 4. शमशान घाट व कब्रिस्तान के सामने कच्चे रास्ते का निर्माण जरूरी है। जिससे लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े। ------------- हमारी भी सुनो बस्ती में जो भी सड़कें टूटी पड़ी है उनका निर्माण जल्द कराया जाए। कच्ची नालियों को भी पक्का किया जाएं। डा अनस पूरी बस्ती के हालत पूरी तरह से खराब हो गएं है। नगर पालिका को इस ओर गंभीरता से देखना चाहिए। बस्ती में अगर साफ सफाई होगी तो लोग बीमारी से बचेगें। मौ. समीर बस्ती में सड़क के निर्माण के अलावा कई ऐसी समस्याएं है जिनसे लोगों को बडी परेशानी का सामना करना पड रहा है। समाधान होगा तो लोग स्वास्थ्य रहेगें। मौ. अनीस बस्ती की गलियों के हालत तो बहुत ही बत्तर है सडके तो टूटी पडी है गंदगी भी फैली हुई है। गलियों की साफ सफाई कराई जाएं ताकि लोगों को राहत मिले। हैदर अली बरसात के दिनों में तो बस्ती के हालत बहुत ही खराब हो जाते है। कई दिनों तक लोग अपने घरों मे कैद हो जाते है। बरसात के पानी की निकासी का समाधान कराया जाएं। भूरा बस्ती का मेन रास्ता पूरी तरह से टूटा हुआ है। बस्ती के लोगों के अलावा कोई भी ठेली वाला,फेरी वाला नहीं जाता है। गडढो से बचने के लिए दूसरी बस्ती में चले जाते है। शहजाद अली सड़क के निर्माण न होने से गर्मी के दिनों में तो हालात ओर खराब हो जाते है। तेज हवा के चलते सडक से उठने वाली धूल घरों मे घुस जाती है जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पडता है। साजिद कच्चे रास्ते से उठने वाली धूल से बच्चों में बीमारिया फैलती है। अधिक गर्मी के दिनों में बच्चों का बुरा हाल हो जाता है। कई बच्चे गंभीर बीमारी की चपेट में आ गए हैं। अली जैदी खाली पड़े प्लाटों मे भी बरसात के दिनों में पानी भर जाता है जिससे मच्छरों का प्रकोप बढ जाता है। ऐसे प्लाटों की साफ सफाई करनी चाहिए।ताकि लोग परेशानी से बच सके। मौ. लियाकत बस्ती में बने कब्रिस्तान की सफाई भी होनी चाहिए। अधिक गंदगी होने से कब्रिस्तान में अंतिम संस्कार के जाने वाले लोगों को जहरीले कीडे का खतरा बना रहता है। सुभान बस्ती में फैली गंदगी से बच्चों के अलावा महिलाओं को अधिक परेशानी का सामना करना पड रहा है। घर के लोग तो मजदूरी पर निकल जाते है लेकिन महिलाओं को वही रहना पडता है। शादाब बस्ती की सडक का निर्माण न होने से घरों से निकलने वाला गंदा पानी भी रास्ते पर भरा रहता है जिससे लोगों को बडी परेशानी का सामना करना पड रहा है। इरफान बोले जिम्मेदार सददीक नगर बस्ती में जो भी समस्यां है उसके समाधान के लिए नगर पालिका में प्रस्ताव कराया जायेगा। बस्ती का जल्द ही सर्वे करा कर उन पर टैक्स की प्रक्रिया भी शुरू की जायेगी। गंदे पानी की निकासी का भी समाधान कराया जायेगा। इसके अलावा बस्ती में जो भी गंदगी है उसको साफ कराया जायेगा। शाहनवाज लालू नगर पालिका चेयरमैन, खतौली

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