
बोले मुजफ्फरनगर : फारूख कालोनी को चाहिए समस्याओं से निजात
Muzaffar-nagar News - ग्राम शेरपुर के फारुख कॉलोनी में करीब 35 हजार लोग रहते हैं। नगर पालिका में शामिल होने के बावजूद, यहां पेयजल, सफाई और जल निकासी जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। स्थानीय निवासी प्रशासन से विकास की मांग...
शहर क्षेत्र से सटे ग्राम शेरपुर से ठीक पहले स्थित फारुख कालोनी नगर पालिका के वार्ड संख्या-15 में समाहित है। पूर्व में ग्राम पंचायत शेरपुर का हिस्सा रहा यह क्षेत्र करीब तीन साल पूर्व नगर पालिका में शामिल किया गया था, लेकिन इसके बावजूद यहां मूलभूत सुविधाओं का पूरी तरह से अभाव है। पेयजल सप्लाई सीमित समय के लिए होने के साथ ही यहां साफ-सफाई व्यवस्था भी पूरी तरह से लचर है। गंदे पानी की निकासी न होने के कारण मुख्य मार्ग के साथ ही गली-मोहल्लों में भी सड़कों पर ही पानी भरा रहने से हर समय कीचड़ रहता है, जिससे होकर गुजरना स्थानीय निवासियों के लिए नर्क के समान बन चुका है।

ऐसे में स्थानीय निवासी व कारोबारी नगर पालिका के साथ ही जिला प्रशासन से भी इस क्षेत्र के सुनियोजित विकास की गुहार लगा रहे हैं, ताकि वे भी विकास की मुख्यधारा में शामिल हो सके। ------- मस्जिद उमर फारुख क्षेत्र मुजफ्फरनगर। शहर क्षेत्र से सटे ग्राम शेरपुर के मुख्य मार्ग पर स्थित फारूख कालोनी आबादी वाला आवासीय क्षेत्र है, जहां 35 हजार से अधिक संख्या में लोग निवास करते हैं। इसके साथ ही यहां बड़ी संख्या में व्यवसायिक दुकानें भी स्थित हैं, जिन पर करीब चार हजार परिवारों की आजीविका निर्भर करती है। पूर्व में ग्राम पंचायत शेरपुर का हिस्सा रहे इस क्षेत्र को करीब तीन साल पूर्व सीमा विस्तार के तहत नगरपालिका क्षेत्र में शामिल कियाा गया था, जो अब पालिका के वार्ड संख्या-15 का हिस्सा है। नगरपालिका में शामिल हुए करीब तीन साल का समय गुजरने के बावजूद यहां के स्थानीय निवासी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। स्थानीय निवासी मोहम्मद इमरान और फुरकान कहते हैं कि इस रिहायशी क्षेत्र में 35 हजार से अधिक लोग रहते हैं, लेकिन इसके बावजूद यहां मूलभूत सुविधाएं न के बराबर हैं। करीब तीन साल पहले इस क्षेत्र को ग्राम पंचायत शेरपुर से हटाकर नगरपालिका के वार्ड संख्या-15 में शामिल किया गया था, लेकिन करीब तीन साल का अरसा गुजरने के बावजूद यह क्षेत्र विकास में पूरी तरह से पिछड़ा हुआ है। यहां की सबसे बड़ी समस्या पेयजल का अभाव है और यहां की आबादी नगरपालिका में शामिल होने के बावजूद पीने के पानी के लिए अभी भी हैंडपंपों पर ही निर्भर है। भूजल स्तर काफी नीचे चले जाने के कारण हैंडपंपों से भी शुद्ध पेयजल नहीं मिल पाता है और हैंडपंप दूषित पानी उगलते हैं, जिससे यहां के लोग विभिन्न बीमारियों से त्रस्त रहते हैं। इसके अलावा, इस क्षेत्र की सफाई व्यवस्था भी पूरी तरह लचर बनी हुई है। ग्राम पंचायत में होने पर यहां पहले नियमित अंतराल पर साफ-सफाई होती रहती थी, लेकिन नगरपालिका के वार्ड-15 में शामिल होने के बाद से सफाई व्यवस्था की स्थिति भी बिगड़ी है। क्षेत्र में नगरपालिका से सफाई कर्मचारी नियमित रूप से नहीं आते हैं, जिसके चलते मुख्य मार्ग के साथ ही जगह-जगह कूड़े व गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। सफाई व्यवस्था की बदहाली का आलम यह है कि स्थानीय लोग सफाई कर्मचारी नहीं आने के कारण अपने प्रतिष्ठान व घरों के बाहर खुद ही सफाई करते हैं, लेकिन वह कूड़ा भी समय से नहीं उठाया जाता, जिससे कूड़ा व गंदगी इधर-उधर फैली रहती है और इससे लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ती है। इसके साथ ही क्षेत्र में स्ट्रीट लाइटों का भी पूरी तरह से अभाव है और मुख्य मार्ग पर स्थित बिजली के खंभों पर भी स्ट्रीट लाइटें नहीं लगी हैं, जिससे रात्रि के समय इस क्षेत्र में अंधकार रहता है और लोगों को आवागमन में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में व्याप्त समस्याओं के समाधान को लेकर कई बार नगरपालिका में शिकायतें दर्ज कराई जा चुकी है, लेकिन इस संबंध में अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। इसके चलते अब जिला प्रशासन से भी क्षेत्र की समस्याओं का समाधान कराने की मांग की जाएगी, ताकि यह क्षेत्र भी विकास की राह में शहर के अन्य हिस्सों की तर्ज पर आगे बढ़ सके। ------- गंदे पानी की निकासी की व्यवस्था नहीं मुजफ्फरनगर। मस्जिद उमर फारुख क्षेत्र के निवासी मोहम्मद अरशद और सलीम का कहना है कि नगर पालिका वार्ड संख्या 15 का हिस्सा होने के बावजूद इस क्षेत्र में गंदे पानी की निकासी की कोई व्यवस्था नहीं है। मुख्य मार्ग के साथ ही गली-मोहल्लों में भी गंदे पानी की निकासी के लिए पक्की नालियां और नाले नहीं हैं। इसके चलते घरों से निकलने वाला गंदा पानी सड़कों पर ही भरा रहता है। कॉलोनी में पक्की सड़कें न होने से इन गली-मोहल्लों में सड़कें कीचड़ का रूप ले लेती हैं, जिससे यहां से पैदल तो दूर, वाहन लेकर निकलना भी दूभर हो जाता है। विशेषकर बरसात के समय तो मुख्य मार्ग व गली मोहल्लों में भारी जलभराव हो जाता है और जलनिकासी के साधन न होने के कारण यह पानी यहां कई-कई दिन तक भरा रहता है, जिससे क्षेत्र में आवाजाही कई दिन तक प्रभावित रहती है। कई बार शिकायतों के बावजूद यहां पानी निकासी के लिए पक्की नालियां और मुख्य मार्ग पर नाले का निर्माण नहीं कराया गया है, जिससे लोगों को समस्याओं का सामना करना पड़ता है। -------- --- शिकायतें और सुझाव --- शिकायतें --- - मस्जिद उमर फारुख नगर पालिका का हिस्सा होने के बावजूद यहां पेयजल सप्लाई की व्यवस्था नहीं है, जिससे परेशानी उठानी पड़ती है। - मुख्य मार्ग के साथ ही गली-मोहल्लों में भी पक्की नालियां व नाले न होने से गंदे पानी की निकासी की सुचारू व्यवस्था नहीं है। - कॉलोनी में स्ट्रीट लाइटों का अभाव होने से रात्रि में अंधकार रहता है, जिससे आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता है। - सफाई कर्मचारी नियमित रूप से नहीं आने के कारण जगह-जगह गंदगी व कूड़े के ढेर लगे रहते हैं, जिससे स्थानीय निवासी परेशान हैं। ---- सुझाव --- - नगर पालिका प्रशासन को क्षेत्र में हैंडपंपों की व्यवस्था सुधारने के साथ ही टंकी या ट्यूबवेल से पेयजल सप्लाई की व्यवस्था करनी चाहिए। - कॉलोनी में मुख्य मार्ग के साथ गली-मोहल्लों में भी पक्की नाली व नाले का निर्माण कराकर गंदे पानी की निकासी की व्यवस्था होनी चाहिए। - मुख्य मार्ग के साथ ही संपर्क मार्गों पर भी स्ट्रीट लाइटों की व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि रात्रि में आवागमन में किसी तरह की परेशानी न हो। - सफाई कर्मचारियों की नियमित ड्यूटी लगाई जानी चाहिए, ताकि सफाई व्यवस्था के साथ ही कूड़ा उठान की भी व्यवस्था सुचारू बनी रहे। ------- इन्होंने कहा - यह मामला संज्ञान में नहीं है, यदि कहीं पर विकास संबंधी किसी प्रकार के काम होने हैं तो इसके लिए कालोनीवासियों को सभासद के साथ नगर पालिका कार्यालय में संपर्क करना चाहिए। जिससे कि समस्याओं का निदान हो सके। मीनाक्षी स्वरूप, चेयरपर्सन नगरपालिका ----- - मस्जिद उमर फारुख क्षेत्र घनी आबादी वाला रिहायशी क्षेत्र होने के बावजूद यहां मूलभूत सुविधाए नहीं हैं, जिससे स्थानीय निवासियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। मोहम्मद इमरान ----- - नगरपालिका का हिस्सा होने के बावजूद क्षेत्र में पेयजल व्यवस्था काफी लचर है और आज भी लोग पेयजल के लिए हैंडपंपों पर ही आश्रित हैं। पेयजल सप्लाई की सुचारू व्यवस्था की जानी चाहिए। फुरकान ----- - क्षेत्र की सफाई व्यवस्था पूरी तरह लचर है। सफाई कर्मचारी नियमित रूप से नहीं आने के कारण जगह-जगह कूड़े व गंदगी के ढेर लगे हुए हैं, जिससे उठने वाली बदबू से लोग परेशान रहते हैं। मोहम्मद अरशद ----- - नगरपालिका का हिस्सा बने करीब तीन साल होने के बावजूद अब तक यहां गंदे पानी की निकासी के लिए पक्की नालियां व नाले नहीं हैं, जिससे गंदा पानी सड़कों पर भरा रहता है। सलीम ----- - कॉलोनी के मुख्य मार्ग के साथ ही संपर्क मार्गों पर भी पर्याप्त संख्या में स्ट्रीट लाइटें नहीं हैं, जिससे रात्रि में अंधकार रहता है और आने-जाने में काफी परेशानी उठानी पड़ती है। इदरीश ----- - नगरपालिका में शामिल होने के बावजूद मुख्य मार्ग व संपर्क मार्गों पर कच्चे रास्ते ही हैं, जिन पर गंदा पानी भरने के कारण कीचड़ भरा रहता है, जिससे पैदल तो दूर वाहन निकालना भी मुश्किल रहता है। मौलाना इरशाद ----- - क्षेत्र की सफाई व्यवस्था पूरी तरह से बदहाल है, जिसके चलते मुख्य मार्ग के साथ ही कॉलोनी में जगह-जगह कूड़े व गंदगी के ढेर लगे रहते हैं। इससे उठने वाली बदबू से काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। गफ्फार ----- - कॉलोनी में सबसे बड़ी समस्या गंदे पानी की पर्याप्त निकासी नहीं होना है। इसके चलते बरसात के समय कई-कई दिन तक पूरे क्षेत्र में भारी जलभराव की स्थिति रहती है। जाहिद ----- - क्षेत्र में पेयजल समस्या के चलते काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। क्षेत्र की आबादी अभी भी पेयजल के लिए हैंडपंपों पर ही निर्भर है, जिससे काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। मोहम्मद फुरकान ----- - कॉलोनी की सफाई व्यवस्था पूरी तरह बदहाल है। पूरे मुख्य मार्ग पर जगह-जगह गंदा पानी जमा रहने के साथ ही कूड़ा व गंदगी भी फैली रहती है, जिससे काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। साजिद ----- - गंदे पानी की निकासी नहीं होना क्षेत्र की सबसे बड़ी समस्या है, क्योंकि मुख्य मार्ग समेत अन्य रास्तों पर भी हर समय गंदा पानी भरा रहता है, जिससे आने-जाने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। सलीम ----- - क्षेत्र में पर्याप्त सफाई व्यवस्था व स्ट्रीट लाइटें नहीं होने से काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। कूड़ा उठाने की भी सुचारू व्यवस्था नहीं है, जिससे लोग परेशान हैं। रईस अहमद ----- - नगरपालिका में शामिल हुए करीब तीन साल होने के बावजूद क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। कई बार शिकायत करने के बावजूद अधिकारी इस क्षेत्र की तरफ ध्यान नहीं दे रहे हैं, जिससे काफी परेशानी होती है। अब्दुल गफ्फार

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