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1 अगस्त, 2020|8:15|IST

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दोपहर 11.37 से 3 बजे तक राखी बांधना फलदायी

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भारतीय पर्व श्रृंखला में श्रावण पूर्णिमा का विशेष महत्व है। इस दिन भाई-बहनों का पवित्र त्योहार रक्षा बन्धन पर्व मनाया जाता है। विष्णुलोक के संस्थापक ज्योतिषविद पं. विष्णु शर्मा ने बताया कि श्रावण शुक्ल पूर्णिमा में रक्षाबन्धन, गायत्री जयंती, श्रावणी उपकर्म, अमरनाथ शिव बाबा बर्फानी का दर्शन, सत्यनारायण व्रत तथा शिव पुराण की पूर्णाहुति आदि पर्व मनाये जाते हैं। इसी दिन भगवान शिव ने अमरनाथ गुफा में पार्वती को अमर कथा भागवत सुनाई थी।पंडित विष्णु शर्मा ने बताया कि इस वर्ष रक्षाबन्धन का पर्व 3 अगस्त दिन सोमवार को है। इस दिन बहने यदि दोपहर 11.37 से 3 बजे तक भाइयों को राखी बांधे, तो अत्यन्त श्रेष्ठ व फलदायी रहेगा। इस अवधि में अभिजीत मुहुर्त एवं गुलीक काल भी रहेगा जो लाभदायक है। इस वर्ष 3 अगस्त को प्रात: 9 बजकर 28 मिनट तक भद्रा है। भद्रकाल में रक्षाबंधन नहीं होता, लेकिन भद्रा पाताल लोक में रहेगी अत: भद्रा का कोई प्रभाव रक्षाबंधन पर्व पर नहीं पड़ेगा। सोमवार को प्रात: 7.30 बजे से 9 बजे तक राहूकाल भी रहेगा। राहूकाल अशुभ समझा जाता है। बहनें अपने भाई की कलाई पर प्रात: 9 बजे के बाद पूरे दिन राखी बांध सकेंगी।

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  • Web Title:Rakhi tying from 11 37 am to 3 pm is fruitful