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24 अक्तूबर, 2020|7:51|IST

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नवरात्र के दूसरे दिन मंदिरों में मां ब्रहमचारिणी की पूजा अर्चना हुई

नवरात्र के दूसरे दिन मंदिरों में मां ब्रहमचारिणी की पूजा अर्चना हुई

शारदीय नवरात्र पर्व के दूसरे दिन मंदिरों में माता के दूसरे स्वरूप ब्रहमचारिणी की पूजा अर्चना की गई। जिन मंदिरों में माता की मूर्ति स्थापित हैं वहां पर भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु माता की पूजा अर्चना करने के लिए पहुंचे।

लॉक डाउन के बाद पूरी तरह से अनलॉक होने पर भी धार्मिक आयोजनों पर गाइड लाइन के नियम लागू हैं जिस कारण इस बार नवरात्रि के अवसर पर कोई बड़ा आयोजन तो दुर्गा पूजा का नही किया जा रहा है लेकिन दुर्गा मंदिरों में माता की पूजा अर्चना करने को श्रद्धालुओं की भीड़ है। मंदिर समिति सोशल डिस्टैंसिंग का पालन कराते हुए पांच पांच श्रद्धालुओं को दर्शन करा रही है। नगर के माता वैष्णोदेवी मंदिर पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ रहती है। माता की पूजा अर्चना करने के साथ ही श्रद्धालु मां के दरबार में अपनी मन्नत भी मांग रहे हैं। नवरात्र के दूसरे दिन श्रद्धालुओं ने मां ब्रहमचारिणी को सफेद पुष्प के साथ ही सफेद मिष्ठान व सफेद मालाएं अर्पित की और सुख समृद्धि की कामनाएं की। नवरात्र व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं ने अपने घरों में स्थापित कलश व देवी प्रतिमा के समक्ष विधि विधान से अपनी पूजा अर्चना की। कई श्रद्धालुओं द्वारा प्रतिदिन अपने घरों में हवन भी किया जा रहा है। इसके अलावा ब्राहमणों से अपने घरों में पाठ भी बैठाए गए हैं। नगर के भरतिया कालोनी स्थित बालाजी मंदिर में स्थापित मां दुर्गा की शेर सवार मूर्ति का दर्शन करने के लिए भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। हालांकि मंदिर में कोविड-19 गाइड लाइन का पालन कराते हुए श्रद्धालुओं को मास्क लगाकर अंदर जाने का अनुरोध किया गया है। सराफा बाजार स्थित पंचायती दुर्गा मंदिर में आरती के समय बाजार के श्रद्धालु सोशल डिस्टेंस बनाकर शामिल हो रहे हैं जबकि लोहिया बाजार स्थित दुर्गा मंदिर में भी बाजार के दुकानदार आरती के समय मां के दरबार में हाजिरी लगाते हैं। महामृत्युंजय सेवा मिशन के पंडित संजीव शंकर ने बताया कि भविष्य पुराण में कहा गया है कि माता ब्रहमचारिणी का स्वरूप तपस्विनी का है। ब्रहम का अर्थ है तप और चारिणी का अर्थ है आचरण करने वाली यानि मां दुर्गा का दूसरा स्वरूप तप का आचरण करने वाली देवी का है। तभी तो इनके दाहिने हाथ में जप करने के लिए माला और बाएं हाथ में कमंडल होता है।

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  • Web Title:Mother Brahmacharini worshiped in temples on the second day of Navratri