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मुजफ्फर नगर

भोकरहेडी में ल्यूकोडर्मा बीमारी ने फैलाई दहशत

हिन्दुस्तान टीम,मुजफ्फर नगरPublished By: Newswrap
Wed, 01 Sep 2021 04:20 AM
भोकरहेडी में ल्यूकोडर्मा बीमारी ने फैलाई दहशत

वातावरण व दिनचर्या तथा खानपान में तेजी से हो रहे बदलाव के कारण संक्रामक व त्वचीय बीमारियां भी तेजी से फैल रही हैं। भोकरहेडी में ल्यूकोडर्मा अथवा सफेद दाग की बीमारी तेजी से पांव फैला रही है। अनेक पुरूष व महिला इस रोग से ग्रस्त हो गये हैं। शरीर के बिगडते रंग रूप से पीडित चिंतित हैं। वहीं रोग से ग्रस्त महिलाएं हीनभावना से ग्रस्त हो गयी है तथा तेजी से बढती ल्यूकोडर्मा की बीमारी के कारण कस्बे के नागरिक चिंतित हो गये हैं। कस्बावासियों ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी से कस्बे में कैम्प लगाकर इस बीमारी का उपाय व रोकथाम की मांग की है।

कस्बा भोकरहेडी में मुजस्सिम, नीटू, ओमप्रकाश प्रजापति, इकबाल सिंह व महिला नईमा ने बताया कि उनकी उंगलियों पर छोटे छोटे सफेद धब्बे हो गये थे। देखते ही देखते ये दाग बढने लगे। हाथों के बाद ये दाग चेहरे व उसके बाद सारे शरीर पर फैल गये हैं। कई चर्म रोग विशेषज्ञों के उपचार के बाद भी सफेद स्पॉट का बढना लगातार जारी है। वहीं कस्बे के सैकडों नागरिक इस बीमारी से ग्रस्त नजर आ रहे हैं। जानकारी के अभाव में कुछ नागरिक टोने टोटके भी कर रहे हैं। क्यूं यह बीमारी फैल रही है। किस कारण से फैल रही है। इसका सही जवाब किसी के भी पास नहीं है। बीमारी के प्राथमिक लक्षणों का पता स्वयं बीमार से ग्रस्त व्यक्तियों को भी नहीं है। अब तेजी से बढती बीमारी की चपेट में चालीस वर्ष से अधिक आयु वाली महिला भी आ गयी हैं। कामकाजी महिला के त्वचा के बेरंग होने से हीनभावना से ग्रस्त हो गयी है। नागरिकों ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी से ल्यूकोडर्मा बीमारी के फैलने के कारण उसकी रोकथाम को लेकर कैम्प कराने की मांग की है। प्रभारी चिकित्साधिकारी मोरना डॉ. अर्जुन सिंह ने बताया कि ल्यूकोडर्मा अथवा विटिलिगो एक प्रकार से त्वचीय फंगल रोग है। जो अधिकतर वंशानुगत होा है। किन्तु वर्तमान में इसके मरीज तेजी से बढ रहे हैं। बीमारी के फैलने के कारणों का पता लगाने के लिए गहनता से जांच की आवश्यकता है।

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न आंकडे, न जांच, न उपचार

चिकित्सा विज्ञान तरक्की के कितने भी दावे करे किन्तु नई नई बीमारियां उसके लिए चुनौतियां बनी हुई हैं। वहीं स्वास्थ्य विभाग भी लकीर पर फकीर की तरह ही काम कर रहा है। अनेक बीमारियां इस प्रकार फैली हुई हैं, जिनका सही आंकडा भी विभाग के पास नहीं है। उन्हीं बीमारियों में ल्यूकोडर्मा भी शामिल है। समय रहते अगर इस बीमारी की रोकथाम न की गई तो आने वाले समय में यही बीमारी बडा रूप धारण कर सकती है तथा एक बडी चुनौती पेश कर सकती है। ल्यूकोडर्मा भले ही घातक न हो किन्तु इसका प्रकोप रोगी को मानसिक रूप से चोट पहुंचा रहा है। वहीं तेज धूप में इस बीमारी के रोगी अपने आपको असहज महसूस करते हैं। इसके अलावा परिवार व समाज में इन रोगियों को विपरीत भावना से देखा जाता है जो रोगी के लिए मानसिक तनाव उत्पन्न करने वाला है।

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