बुढ़ाना सीमा विस्तार पर रार: हाईकोर्ट को गुमराह करने का आरोप, डीएम से की गई शिकायत
Muzaffar-nagar News - बुढ़ाना नगर पंचायत के सीमा विस्तार को लेकर 15 वर्षों का संघर्ष अब कानूनी विवाद में बदल गया है। अधिवक्ता एहतशाम सिद्दीकी ने डीएम को शिकायत पत्र देकर नगर पंचायत पर हाईकोर्ट को गुमराह करने का आरोप लगाया है। कोर्ट में गलत सूचना देने के कारण याचिका खारिज हो गई, जबकि सीमा विस्तार की मांग की गई है।

बुढ़ाना नगर पंचायत के सीमा विस्तार को लेकर पिछले 15 वर्षों से चल रहा संघर्ष अब एक नए कानूनी विवाद में तब्दील हो गया है। 'अधिवक्ता उत्थान समिति' के अध्यक्ष, एहतशाम सिद्दीकी एडवोकेट ने डीएम को शिकायती पत्र देकर नगर पंचायत बुढ़ाना पर उच्च न्यायालय को गुमराह करने का गंभीर आरोप लगाया है। डीएम से की गई शिकायत के अनुसार, वर्ष 2018 में हाईकोर्ट में बुढ़ाना के सीमा विस्तार और शफीपुर पट्टी को इसमें शामिल करने के लिए एक याचिका दायर की गई थी। आरोप है कि 13 अगस्त 2025 को सुनवाई के दौरान नगर पंचायत के अधिवक्ता ने अदालत में यह गलत जानकारी दी कि बुढ़ाना को पहले ही 'नगर पालिका' का दर्जा मिल चुका है।
इस गलत सूचना के आधार पर कोर्ट ने याचिका को यह मानते हुए खारिज कर दिया कि वादी का लक्ष्य पूरा हो गया है। एहतशाम सिद्दीकी का कहना है कि राजनैतिक कारणों और शफीपुर पट्टी के लगभग 12 हजार वोटों के डर से नगर पंचायत इस सीमा विस्तार को रोकना चाहती है। स्थानीय स्तर पर विरोध के बाद अधिशासी अधिकारी आलोक रंजन ने कोर्ट में 'रिकाल' प्रार्थना पत्र तो दिया, लेकिन पैरवी न होने के कारण वह महीनों से लंबित है। पत्र में मांग की गई है कि शासन के 2016 के निर्णय के अनुसार बुढ़ाना का सीमा विस्तार तत्काल सुनिश्चित किया जाए। इस सम्बंध में नगर पंचायत बुढ़ाना के अधिशासी अधिकारी आलोक रंजन ने बताया कि नगर पंचायत के अधिवक्ता के जूनियर द्वारा त्रुटिवश बुढ़ाना को नगर पालिका बता दिया गया था। बाद में नगर पंचायत के अधिवक्ता ने शपथ पत्र देकर बता दिया कि बुढ़ाना नगर पंचायत ही है।
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