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मुजफ्फर नगर

उद्योगपतियों ने रखी आम बजट 2020-21 पर अपनी राय

हिन्दुस्तान टीम,मुजफ्फर नगरPublished By: Newswrap
Sat, 01 Feb 2020 11:30 PM
उद्योगपतियों ने रखी आम बजट 2020-21 पर अपनी राय

वित्त मंत्री सीतारण ने शनिवार को लोकसभा में आम बजट 2020 पेश किया। उद्यमियों ने डिवीडेंट टैक्स हटाने का स्वागत किया है। साथ ही कोटेड और अनकोटेड पेपर के आयात पर बैन को भी बड़े उद्यमियों के लिए सही बताया हालांकि व्हाईट और क्राफ्ट पेपर के आयात पर बैन लगाने की मांग भी की जिससे घरेलू पेपर उद्योग को कुछ रफ्तार मिल सके। शनिवार को वित्त मंत्री सीतारण के बजट भाषण के बाद जनपद के प्रमुख उद्यमी भीमसेन कंसल ने कहा कि वित्त मंत्री ने बजट में अगले दस वर्ष का खाका खींचा है।

उन्होंने कहा कि कंपनियों को इस बात कि छूट मिलनी चाहिए कि जब कंपनी की आर्थिक हालत खराब हो तो किसी से अनसिक्योर लोन लेकर कंपनी में लगाकर उसे बचा सके। उन्होंने कहा कि अभी ऐसा नहीं है। जिस कारण उद्योगपति जब खराब अर्थिक स्थिती से जुझ रहा होता है तो उसे कंपनी बंद करनी पड़ती है। जिस कारण रोजगार में भी भारी कमी आ रही है। यदि कंपनी किसी भी रिश्तेदार या अन्य किसी का भी पैसा असुरक्षित ऋण के रूप में कंपनी में लगाने की अनुमति मिलें तो बंद होने वाली कंपनी फिर से जीवित हो उठेगी। और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। पेपर इंडस्ट्रीज से जुड़े मयंक बिंदल ने बताया कि बजट अच्छा रहा, वित्त मंत्री ने कोटीड, अनकोटीड पेपर बैन कर दिया है इसी प्रकार को व्हाईट पेपर के आयात को भी बैन करना चाहिए था। किसी भी उद्योग के लिए कच्चे माल पर कस्टम ड्यूटी को घटानी चाहिए। वित्त मंत्री को इस भी ध्यान देना था। उद्यमी अजय कपूर ने बताया कि उद्योगों को राहत देने के लिए टरबाइन और बायलर में उपयोग में आने वाले कोयले पर सेस ड्यूटी हटाने की उम्मीद सबको थी लेकिन वित्त मंत्री ने इस पर ध्यान नही देकर निराश किया है। यह करीब 400 रूपए टन है। सेस हटने से उद्योग जगत को काफी फायदा होगा। घरेलू उद्योगों को इससे राहत मिलेगी।

टिहरी पेपर मिल के सचिन बिंदल ने बताया कि उद्योगों पर लगने वाले आयकर के 30 प्रतिशत स्लैब्स से रहात मिलनी चाहिए थी। जो नहीं मिली है। इस से उद्योगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ गया है। जिससे कई कंपनियों को भारी नुकसान हुआ है। कुछ कंपनियां बंद होने की कगार पर है। कामेश्वरी पेपर के ऑनर देवेश बंसल ने कहा कि बजट में कुछ भी ऐसा नहीं है कि उस पर बैठ कर चर्चा की जाए। उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री ने कोडिड या अन कोडिड पैपर के आयात पर बैन लगाया है। इससी तरह क्राफ्ट पेपर के आयात पर भी बैन लगना चाहिए। उन्होंने किसानों को लिए बजट अच्छा बताया है।

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