Muzaffarnagar News: भोले की भक्ति में दांतों से खिंच रही अलीगढ़ के कांवड़ियें की कार
Muzaffarnagar News: सावन के महीने में मुजफ्फरनगर में एक अनोखी कांवड़ यात्रा हो रही है। किसान नरेंद्र जाट गंगाजल लेकर अपनी कार को दांतों से खींचकर चलते हैं। उनकी मन्नत गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित कराना और देश को हिंदू राष्ट्र के रूप में देखना है। इस चुनौतीपूर्ण साधना में उनके साथ सहयोगी भी हैं।

Muzaffarnagar News: सावन के पावन महीने में शिवभक्ति के तमाम अनूठे रंग कांवड़ मार्ग पर देखने का मिलते हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर से गुजर रही एक कांवड़ यात्रा इन दिनों श्रद्धा का केंद्र बनी हुई है। अलीगढ़ के छजूपुर गांव के रहने वाले किसान नरेंद्र जाट इस बार एक ऐसी हैरतअंगेज कांवड़ लेकर निकले हैं, जिसे देख हर कोई 'हर-हर महादेव' कह उठता है। हरिद्वार से गंगाजल लेकर चले नरेंद्र अपनी मन्नत लेकर एक स्विफ्ट कार को अपने दांतों से खींचकर पैदल यात्रा कर रहे हैं। रविवार शाम जब वें मुजफ्फरनगर के शिवचौक पहुंचे तो हर-हर महादेव के जयकारों से क्षेत्र गूंज उठा।
अनोखा दृश्य
रविवार को मुजफ्फरनगर में कांवड़ मार्ग पर अनोखा नजारा दिखाई दिया। अलीगढ़ के छजूपुर गांव निवासी नरेंद्र जाट कांवडि़यां भारी-भरकम कार को दांतों के सहारे रस्सी से खींचते हुए बेहद सहजता से आगे बढ़ते जा रहे हैं। इस कठिन साधना में उनके साथ उनके सहयोगी बिजेंद्रguruji और हरिओमguruji भी कदम से कदम मिलाकर चल रहे हैं। नरेंद्र जाट को इस तरह दांतों से कार खींचकर अलीगढ़ के गांव छजूपुर तक की लंबी दूरी तय करते देख हर कोई दांतों तले उंगली दबा रहा है। हरिद्वार से करीब 300 किलोमीटर की दूरी कावंडियें ऐसे ही तय करेंगे। दांतों से कार खींचकर कांवड लेकर जा रहे नरेंद्र जाट ने बताया कि उनके इस कठिन संकल्प के पीछे का संकल्प कठिन साधना के माध्यम से महादेव के चरणों में दो बड़ी प्रार्थनाएं लेकर जा रहे हैं। उनकी पहली मन्नत गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित कराना है और दूसरी देश को हिंदू राष्ट्र के रूप में देखना है। देश और धर्म के कल्याण की इसी भावना को मन में संजोए वे बिना थके अपनी मंजिल की ओर बढ़ रहे हैं। रास्ते में जगह-जगह भोले के इस अनूठे भक्त का फूल-मालाओं से स्वागत किया जा रहा है और लोग इस अद्भुत आस्था को नमन कर रहे हैं।
300 किलोमीटर से अधिक का सफर होगा तय
हरिद्वार से गंगा जल लेकर अपनी कार के आगे रस्सा बांधकर नरेंद्र जाट कावंडियां रस्से के एक सीहरे को अपने दांतों में दबाकर कार का खींच रहे हैं। हरिद्वार से मुजफ्फरनगर तक करीब 100 किलोमीटर का सफर उन्होंने तय कर लिया है। 28 जुलाई को कांवड़ मांग पर भीड़ बढ़ जाएगी, तब तक वह अलीगढ़ के नजदीक पहुंचेंगे। उनका यह सफल 300 किलोमीटर से अधिक का है, जिसका उन्होंने संकल्प लिया है।


