Hindi NewsUttar-pradesh NewsMuzaffar-nagar NewsGrassmandi Market Faces Issues Filth Traffic Jam and Lack of Basic Facilities
बोले मुजफ्फरनगर: गंदगी से परेशान घासमंडी के व्यापारी

बोले मुजफ्फरनगर: गंदगी से परेशान घासमंडी के व्यापारी

संक्षेप: Muzaffar-nagar News - घासमंडी बाजार समस्याओं से जूझ रहा है। सफाई की कमी, गंदगी, और अव्यवस्था के कारण दुकानदार और ग्राहक परेशान हैं। नालों की सफाई नहीं होने से बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। अतिक्रमण और जर्जर बिजली के तार भी...

Mon, 3 Nov 2025 06:41 PMNewswrap हिन्दुस्तान, मुजफ्फर नगर
share Share
Follow Us on

शहर के व्यस्ततम बाजारों में शुमार घासमंडी आज समस्याओं से जूझ रही है। कभी खरीददारों की चहल-पहल से गुलजार रहने वाली यह मंडी अब गंदगी, जाम और अव्यवस्था के कारण लोगों की परेशानी का सबब बन चुकी है। दुकानदारों से लेकर स्थानीय निवासियों तक, हर कोई प्रशासन की उदासीनता पर सवाल उठा रहा है। सबसे बड़ी समस्या है नालों की सफाई न होना। महीनों से नालों की ठीक से सफाई नहीं की गई, जिससे उनमें कचरा और गंदा पानी जमा हो गया है। जगह-जगह बदबू फैल रही है और मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। दुकानदारों का कहना है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद सफाई कर्मी नियमित रूप से नहीं आते।

LiveHindustan को अपना पसंदीदा Google न्यूज़ सोर्स बनाएं – यहां क्लिक करें।

बरसात के दिनों में स्थिति और भी भयावह हो जाती है जब नाले उफन कर सड़कों तक गंदा पानी फैला देते हैं। दूसरी बड़ी दिक्कत है अतिक्रमण और जाम की समस्या। दुकानों के आगे ठेले और रेहड़ी वालों ने कब्जा जमा रखा है। इससे सड़कें तंग हो गई हैं और जाम आम बात हो गई है। खरीदारों और राहगीरों को निकलने में भारी परेशानी होती है। व्यापारियों का कहना है कि प्रशासन कभी-कभी अभियान चलाता है, परंतु कुछ दिनों बाद फिर से वही हालात लौट आते हैं। इतना ही नहीं, मंडी में जगह-जगह खुले और झूलते बिजली के तार हादसों को न्योता दे रहे हैं। दुकानदारों का कहना है कि कई बार तारों से चिंगारी तक निकल चुकी है। बरसात में यह खतरा और बढ़ जाता है। लोगों ने बिजली विभाग से कई बार गुहार लगाई है कि तारों को व्यवस्थित किया जाए, लेकिन अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। स्थानीय लोगों ने यह भी मांग की है कि घासमंडी जैसे व्यस्त बाजार में वाटर कूलर और सार्वजनिक शौचालय की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। गर्मी के मौसम में खरीदारों को पीने के पानी के लिए भटकना पड़ता है, वहीं महिलाओं और बुजुर्गों को शौचालय की अनुपलब्धता से दिक्कत झेलनी पड़ती है। कारोबारियों का कहना है कि घासमंडी शहर की अर्थव्यवस्था का अहम हिस्सा है, लेकिन मूलभूत सुविधाओं के अभाव में यहाँ का व्यापार प्रभावित हो रहा है। हम सिर्फ सफाई, सुरक्षा और सुविधा की उम्मीद कर रहे हैं। यह कोई बड़ी मांग नहीं, बल्कि हर नागरिक का अधिकार है, एक दुकानदार ने कहा। कारोबारियों ने नगरपालिका और जिला प्रशासन से मांग की है कि जल्द कार्रवाई कर घासमंडी की सूरत बदली जाए। उनका कहना है कि नाले साफ हों, अतिक्रमण हटाया जाए, तारों को सुरक्षित किया जाए और बुनियादी सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएँ यही इस समय सबसे बड़ी जरूरत है। --------------- - पेयजल, सार्वजनिक शौचालय और पथप्रकाश से वंचित है ग्राहक व दुकानदार शहर का ऐतिहासिक और व्यस्ततम बाजार पुरानी घासमंडी हर दिन हजारों ग्राहकों की आवाजाही से गुलजार रहता है। लेकिन इतनी भीड़ और रौनक के बावजूद यह बाजार आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। पेयजल और सार्वजनिक शौचालय जैसी जरूरी व्यवस्थाएँ यहाँ दूर-दूर तक नजर नहीं आती है। दुकानदारों से लेकर खरीदारी करने आए ग्राहक तक इस समस्या से बेहद परेशान हैं। बाजार में नगरपालिका द्वारा लाइटें तो लगाई गई हैं, लेकिन कई स्थानों पर लाइटें खराब पड़ी हैं। शाम ढलते ही दुकानों के सामने अंधेरा छा जाता है, जिससे खरीदारों और व्यापारियों दोनों को असुविधा होती है। ग्राहकों का कहना है कि घासमंडी जैसे पुराने और प्रसिद्ध बाजार में रोशनी की पर्याप्त व्यवस्था न होना प्रशासन की लापरवाही को दर्शाता है। गर्मी के मौसम में जहां बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है, वहीं बाजार में वाटर कूलर तक नहीं लगे हैं। ग्राहकों को प्यास बुझाने के लिए या तो खुद पानी की बोतलें खरीदनी पड़ती हैं या दुकानदारों से पानी मांगना पड़ता है। कई दुकानदारों ने बताया कि उन्हें अपने खर्च पर पानी के केंपर मंगवाने पड़ते हैं ताकि ग्राहकों को कुछ राहत मिल सके। हर दिन इतनी भीड़ रहती है, लेकिन ठंडे पानी की व्यवस्था नहीं है। ग्राहक बार-बार पूछते हैं कि कहीं वाटर कूलर है क्या? पर हमारे पास जवाब नहीं होता,” एक दुकानदार ने बताया। इसके अलावा, बाजार में सार्वजनिक शौचालय का भी अभाव गंभीर समस्या बन चुका है। महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों के लिए यह सबसे बड़ी परेशानी है। ग्राहकों को आसपास के इलाकों में जाकर शौचालय ढूंढना पड़ता है, जिससे उन्हें काफी असुविधा होती है। कई व्यापारियों ने बताया कि शौचालय की अनुपलब्धता के कारण ग्राहक जल्दी-जल्दी खरीदारी कर वापस चले जाते हैं, जिससे कारोबार पर भी असर पड़ता है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि नगर पालिका ने वर्षों से इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। सफाई और रोशनी के अस्थायी इंतजाम तो कभी-कभी किए जाते हैं, लेकिन पेयजल और शौचालय जैसी स्थायी सुविधाएँ अब तक नहीं मिल पाई हैं। व्यापारियों ने नगर पालिका और जिला प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द बाजार में शीतल पेयजल की व्यवस्था और सार्वजनिक शौचालय का निर्माण कराया जाए। साथ ही खराब स्ट्रीट लाइटों को ठीक करवाया जाए ताकि शाम के समय बाजार सुरक्षित और सुविधाजनक बने। ---------------- - अतिक्रमण और जर्जर बिजली के तार बने मुसीबत घासमंडी बाजार आज बेतरतीबी और खतरे का पर्याय बनता जा रहा है। एक ओर अतिक्रमण ने सड़कों को संकुचित कर दिया है, वहीं दूसरी ओर जगह-जगह लटके जर्जर बिजली के तार हादसों को न्योता दे रहे हैं। व्यापारी और स्थानीय लोग प्रशासन से लगातार कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। हर दिन हजारों खरीदार इस बाजार में पहुंचते हैं, लेकिन दुकानों के बाहर लगे ठेले, रेहड़ियाँ और अवैध रूप से फैला सामान सड़क का आधा हिस्सा घेर लेता है। नतीजतन, सुबह से शाम तक जाम लगा रहता है। राहगीरों को निकलने में परेशानी होती है और ग्राहकों को अपनी गाड़ियों तक पहुंचने के लिए संघर्ष करना पड़ता है। व्यापारियों का कहना है कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई कभी-कभी होती है, पर कुछ दिनों बाद फिर से पुराना हाल लौट आता है। नगर पालिका की टीम सिर्फ दिखावा करती है। फोटो खिंचवाने आती है और फिर सब कुछ पहले जैसा हो जाता है। वहीं दूसरी बड़ी समस्या है बिजली के तारों की खतरनाक स्थिति। घासमंडी की कई गलियों में तार इतनी नीचे झूल रहे हैं कि सिर से टकराने का डर बना रहता है। कई जगहों पर तारों से चिंगारियाँ निकलती दिखी हैं। दुकानदारों का कहना है कि बरसात के दिनों में करंट लगने की घटनाओं की आशंका बनी रहती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बिजली विभाग को बार-बार शिकायत दी गई, लेकिन न तो पुराने तार बदले गए और न ही लाइनें व्यवस्थित की गईं। बाजार समिति और व्यापार मंडल ने जिला प्रशासन से मांग की है कि घासमंडी बाजार में तुरंत अतिक्रमण हटाने का स्थायी समाधान निकाला जाए। इसके साथ ही बिजली विभाग को निर्देश दिए जाएं कि सभी जर्जर तारों को बदलकर सुरक्षित लाइनें बिछाई जाएं। लोगों ने यह भी सुझाव दिया है कि अतिक्रमण हटाने के बाद सड़क किनारे पार्किंग की सुव्यवस्थित व्यवस्था की जाए ताकि जाम की स्थिति से राहत मिल सके। --------------- - घासमंडी बाजार में नाले की सफाई ठप, गंदगी से उठ रही बदबू शहर के व्यस्ततम घासमंडी बाजार में नाले की सफाई न होने से गंदगी का अंबार लग गया है। नाले के किनारों पर कचरे के ढेर और बदबूदार पानी से पूरा इलाका असहनीय दुर्गंध से भर गया है। व्यापारियों और ग्राहकों दोनो का कहना है कि सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। नाले में महीनों से जमा गंदगी से मच्छर और मक्खियों की भरमार हो गई है। इससे डेंगू, मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। कई दुकानदारों ने बताया कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद नगर निगम के अधिकारी अब तक मौके पर नहीं पहुँचे हैं। स्थानीय कारोबारियों का कहना है कि हम रोज़ गंदगी और बदबू के बीच काम करने को मजबूर हैं। अगर प्रशासन ने तुरंत सफाई नहीं कराई तो हम आंदोलन करने को मजबूर होंगे। ग्राहकों ने भी बाजार आने से कतराना शुरू कर दिया है, जिससे दुकानदारों की बिक्री पर असर पड़ रहा है। लोगों ने नगर निगम से तत्काल सफाई अभियान चलाने और नियमित निगरानी की माँग की है ताकि बाजार में स्वच्छता बहाल हो सके। ----------------- -- शिकायतें और सुझाव -- - शिकायतें 1. पुरानी घास मंडी मार्केट में वाहन पार्किंग नही होने के कारण ग्राहक सड़क किनारें व दुकानों के के बहार वाहन खड़े कर देते है। जिससे कई बार जाम की स्थिति बन जाती है। 2. सार्वजनिक शौचालय नही होने के कारण खरीदारी करने आए ग्राहकों में खासकर महिलाओं को शोच करने के लिए काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। 3. चिलचिलाती धूप में ग्राहकों को प्यास बुझाने के खुद से ही पानी खरीदना पड़ता है, वाटर कूलर का निर्माण नहीं होने से काफी परेशानी होती है। 4. नियमित साफ-सफाई न होने के कारण नालियों में गंदगी जमा हो जाती है, जिससे मच्छर पैदा होने के साथ ही बीमारी फैलने का खतरा बना रहता है। ----- - सुझाव 1. चिलचिलाती धूप में खरीदारी करने आए ग्राहकों के लिए गर्मी में प्यास बुझाने के लिए नगर पालिका द्वारा वाटर कूलर का निर्माण कराया जाना चाहिए। 2. पुरानी घास मंडी मार्केट में रोजाना हजारों ग्राहक खरीदारी करने के लिए आते है, संक्रामक बिमारी न फैले इसके लिए नियमित नालों की साफ-सफाई कराई जानी बहुत जरूरी है। 3. नगर पालिका को सर्वे कराकर पुरानी घास मंडी मार्केट में सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण कराना चाहिए, जिससे ग्राहकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। 4. पुरानी घास मंडी मार्केट में वाहन पार्किंग का निर्माण कराया जाना चाहिए, जिससे दुकानों के सामने वाहन खड़े न हो और जाम से निजात मिल सके। ---------------- - बोले जिम्मेदार घास मंडी के दुकानदारों द्वारा नगरपालिका में शिकायत नहीं कि गई है। हिन्दुस्तान के माध्यम से जो भी समस्याएं सामने आई है, उनका नगरपालिका की टीम से निरीक्षण कराया जाएगा। जो भी समस्या नगरपालिका स्तर की है, उनका आगामी बोर्ड बैठक में प्रमुखता के साथ समाधान कराया जाएगा। मीनाक्षी स्वरूप, चेयरपर्सन नगरपालिका ----------------- - सुने हमारी बात सड़क जगह जगह से जर्जर होने के कारण दुपहिया वाहन चालक हादसे का शिकार होते है, सड़क पर गड्ढे से बरसात में जलभराव की समस्या उत्पन्न हो जाती है। तस्लीम -------------- मेन रोड मार्केट सहित कालोनियों के लिए पानी निकासी की कोई उचित व्यवस्था नहीं की गई है, सीवर लाइन का निर्माण कराया जाए तो समस्या से निजात मिल सकती है। दीपक -------------- दुकानों के सामने दिनभर वाहन खड़े होने के कारण अतिक्रमण की समस्या बनी रहती है, जिस कारण पुरानी घास मंडी मार्केट में आवागमन प्रभावित होता है। सुशील त्यागी -------------- नालों पर हो रहे कारण समय से साफ-सफाई नहीं हो पाती है, जिससे मच्छर पैदा होने के कारण बीमारी फैलने का खतरा बना रहता है। कैफ -------------- वाहन पार्किंग की व्यवस्था नहीं होने के कारण ग्राहक दुकानों के बाहर ही वाहन खड़े कर देते है, जिस कारण दुकानों के बाहर वाहन खड़े हो जाने से जाम की स्थिति बन जाती है। सिकंदर -------------- सार्वजनिक शौचालय नहीं होने के कारण दुकानदारों के साथ ही ग्राहकों को भी काफी परेशानी होती है, जिसमें ज्यादातर खरीदारी करने आई महिलाओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। सलीम -------------- पेयजल की कोई व्यवस्था नहीं की गई है, न ही वाटर कूलर का निर्माण कराया गया है। जिस कारण दुकानदारों को खुद से ही पानी के कैंपर मंगवाने पड़ते है। धनंजय त्यागी -------------- पानी की निकासी और नालों की सफाई नहीं होने के कारण जलभराव की समस्या बनी रहती है, निकासी के लिए समय पर सीवर लाइन की सफाई होनी चाहिए। नफीस -------------- पुरानी घास मंडी मार्केट में खाली सार्वजनिक स्थान पर पार्क का निर्माण कराया जाना चाहिए, जिससे अतिक्रमण और गंदगी से स्थानीय लोगों को राहत मिल सके। अमरदीप सिंह --------------- सार्वजनिक शौचालय नही होने के कारण मार्केट में खरीदारी करने आए ग्राहकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है, सार्वजनिक शौचालय का जल्द निर्माण होना चाहिए। शिवनाथ त्यागी --------------- नाले में पशुओं का गोबर बहाने के कारण नाला चोक हो जाता है, जिस कारण गंदगी जमा होने से मार्केट का वातावरण दूषित होने से बीमारी फैलने का खतरा बना रहता है। नासिर