राष्ट्रीय लोक अदालत में 4.21 लाख से अधिक मामलों का निस्तारण
Muzaffar-nagar News - मुजफ्फरनगर जनपद न्यायालय में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया, जिसमें 4,21,815 प्रकरणों का निस्तारण हुआ। जनपद न्यायाधीश ने लोक अदालत के महत्व पर प्रकाश डाला। मोटर दुर्घटना के 85 वादों का निस्तारण कर 8.97 करोड़ रुपये का प्रतिकर दिया गया। 15,866 राजस्व मामलों में 1.62 करोड़ रुपये का राजस्व वसूला गया।

मुजफ्फरनगर जनपद न्यायालय परिसर में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का भव्य आयोजन किया, जिसका शुभारंभ जनपद न्यायाधीश व अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बिरेन्द्र कुमार सिंह ने दीप प्रज्जवलित कर किया। इस अवसर पर उन्होंने लोक अदालत के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि आपसी समझौते से होने वाले निस्तारण में हार-जीत का प्रश्न समाप्त हो जाता है और सामाजिक सौहार्द बना रहता है।जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव डॉ. सत्येन्द्र कुमार चौधरी ने बताया कि इस लोक अदालत में रिकॉर्ड 4,21,815 प्रकरणों का निस्तारण किया। राष्ट्रीय लोक अदालत में पीठासीन अधिकारी आदेश नैन द्वारा मोटर दुर्घटना दावा के 85 वादों का निस्तारण कर 8.97 करोड़ रुपये से अधिक का प्रतिकर दिलाया गया।
प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय खलीकुज्जमा के प्रयासों से 162 पारिवारिक विवादों को सुलह-समझौते के आधार पर सुलझाया गया। डीएम उमेश कुमार मिश्रा के नेतृत्व में 15,866 राजस्व मामलों का निस्तारण कर 1.62 करोड़ रुपये का राजस्व वसूला गया।विभिन्न बैंकों ने 585 मामलों में 5.33 करोड़ रुपये का बैंक ऋण सेटलमेंट किया।नोडल अधिकारी अपर जिला जज रवि कुमार दिवाकर ने कहा कि लोक अदालत समाज के वंचित वर्गों के लिए त्वरित न्याय का वरदान साबित हो रही है। जनपद न्यायाधीश ने बैंक अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे ऋण मामलों में ग्राहकों को अधिकतम छूट प्रदान करें ताकि आमजन को राहत मिल सके।इस दौरान जिला बार संघ और सिविल बार संघ के पदाधिकारियों सहित भारी संख्या में न्यायिक अधिकारी, बैंक मैनेजर और वादकारी उपस्थित रहे। विभिन्न न्यायालयों द्वारा फौजदारी और दीवानी वादों में भी लाखों रुपये के अर्थदण्ड और अनुतोष प्रदान किए गए, जिससे हजारों परिवारों को वर्षों से लंबित कानूनी प्रक्रियाओं से मुक्ति मिली।इस अवसर पर जिला बार संघ अध्यक्ष प्रमोद त्यागी, महासचिव सुरेन्द्र मलिक, सिविल बार संघ अध्यक्ष सुनील कुमार मित्तल, महासचिव राज सिंह रावत, अपर जिला जज सीताराम, कनिष्क कुमार सिंह, काशिफ शेख, रेखा सिंह, दिनेश प्रताप सिंह, दिव्या भार्गव, मंजुला भलोटिया, निशान्त सिंगला, कमलापति प्रजापतिसहित समस्त न्यायिक अधिकारीगण, समस्त बैंको के अधिकारी एवं बडी संख्या में वादकारी उपस्थित रहे।-------------------------एसडीएम के पेशगार से लोक अदालत में की सुनवाईखतौली। शनिवार को तहसील में लगी लोक अदालत में 262 वादों का निस्तारण किया गया।लोक अदालत में तहसील का कोई अधिकारी मौजूद नहीं रहा। एसडीएम के पेशगार अरविन्द कुमार ने लोक अदालत में धारा 170,126 ओर 129 में दर्ज वादों का निस्तारण किया। बताया कि लोक अदालत सुबह दस बजे से पांच बजे तक चली। लोक अदालत में कोई अधिकारी न होने से फरियादियों में नाराजगी भी देखने को मिली।
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