यूरिया का डायवर्जन मिला तो एनएसए में होगी कार्रवाई: डीएम

Newswrap हिन्दुस्तान, मुजफ्फर नगर
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यूरिया का डायवर्जन मिला तो एनएसए में होगी कार्रवाई: डीएम

सोमवार को डीएम उमेश मिश्रा ने विकास भवन के सभागार में उर्वरक निगरानी समिति के साथ बैठक की है। डीएम ने सख्त निर्देश दिए है कि यदि यूरिया, डीएपी आदि का डायवर्जन मिला तो संबंधित के खिलाफ एनएसए और ब्लैकमार्किट के तहत कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में चर्चा

डीएम ने सभी को नियमानुसार उर्वरक का वितरण करने के निर्देश दिए है। बैठक में जिला कृषि अधिकारी राहुल तेवतिया द्वारा वर्तमान समय में किसानों द्वारा रासायनिक उर्वरकों के बढते प्रयोग को कम करने तथा उर्वरकों के विवेकपूर्ण उपयोग के बारे में जागरूकता को बढाये जाने पर बल देते हुये विस्तारपूर्वक बताया गया। डीएम ने कृषकों को वैज्ञानिक तरीकों को अपनाने तथा रासायनिक उर्वरकों के अन्धाधुंध प्रयोग को कम करने, इनके दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी करायी जाये ।

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उर्वरक वितरण पर निर्देश

इनके स्थान पर वैकल्पिक उपायों जैसे जैविक खाद में गोबर की खाद, कम्पोस्ट खाद, वर्मी कम्पोस्ट, हरी खाद में ढैंचा, सनई, लोबिया जैसी फसलों को जोतकर मिट्टी में मिलाना तथा जैब उर्वरक (बायो-फर्टीलाइजर्स) राइजोबियम, एजोटोवेक्टर, फॉस्फेट साल्युबिलाइजिंग बैक्टीरिया (पी0एस0बी0) में प्रयोग के बारे में बताया गया। बैठक में बताया गया कि एक किसान को एक बार में अधिकतम 7 बैग यूरिया व 5 बैग डीएपी से ज्यादा ना दिया जाये तथा जोत के आधार का भी ध्यान रखा जाये इसमें दलहनी फसलों को फसल चक्र में शामिल करना व एक ही खेत में विभिन्न फसलें उगाने को कहा गया।

किसानों की सहायता

यदि फार्मर रजिस्ट्री नहीं है, तब विक्रेता को फार्मर रजिस्ट्री कराने में सहयोग किया जाये , जिससे कि वह दुकान पर आने पर किसानों की फार्मर रजिस्ट्री करा सके। डीएम ने कहा कि अन्नदाता किसान को किसी भी तरह की परेशानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सब्सिडीयुक्त उर्वरक का डायवर्जन नहीं होना चाहिए। उर्वरक के डायवर्जन, टैगिंग पर अंकुश, कालाबाजारी, निर्धारित दर से अधिक दर पर उर्वरक की बिक्री पर निगरानी रखनी होगी।

सख्त कार्रवाई का आश्वासन

उन्होंने कहा कि नियमों के बाहर वितरण या नकली खाद बेचने पर तत्काल एक्शन लिया जाएगा। किसान को अधिक कीमत वसूले जाने या खाद न मिलने से हुए नुकसान के लिए जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि पोश मशीन से उर्वरक का वितरण किया जाए। सीडीओ कंडाकर कमल किशोर देश भूषण ने उर्वरक की समीक्षा की है।

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वर्तमान मई और गत वर्ष मई माह में हुए उर्वरक के वितरण की सूची

उर्वरक वर्तमान मई गत वर्ष मई

यूरिया 23474 मैट्रिक टन 22012 मैट्रिक टन

डीएपी 5334 मैट्रिक टन 3819 मैट्रिक टन

एनपीके 1296 मैट्रिक टन 1389 मैट्रिक टन

एमओपी 236 मैट्रिक टन 702 मैट्रिक टन

एसएसपी 1130 मैट्रिक टन 1024 मैट्रिक टन

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डीएम की बैठक में नहीं पहुंचे डीडी

मुजफ्फरनगर। विकास भवन के सभागार में डीएम उमेश मिश्रा ने उर्वरक निगरानी समिति के साथ बैठक की। बैठक में सीडीओ, जिला कृषि अधिकारी, गन्ना अधिकारी, एआर कॉपरेटिव, विभिन्न कम्पनियों के प्रतिनिधि, थोक उर्वरक विक्रेता आदि उपस्थिति रहे, लेकिन इस दौरान उप कृषि निदेशक प्रमोद सिरोही डीएम की बैठक में नहीं पहुंच पाए। बताया जाता है कि जब डीएम उर्वरक निगरानी समिति की बैठक ले रहे थे उस समय डीडी मंसूरपुर क्षेत्र में दुकानों का निरीक्षण कर रहे थे। इस बात का पता उस समय लगा जब बैठक में मौजूद एक कम्पनी के प्रतिनिधि के पास बार-बार डीडी को फोन आ रहा था। डीडी उक्त कम्पनी के प्रतिनिधि को मौके पर मिलने के लिए बुला रहे थे। डीडी बैठक में क्यों नहीं पहुंचे इस संबंध में कई बार डीडी को फोन किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसिव नहीं किया।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डीएम उमेश मिश्रा ने बैठक में क्या निर्देश दिए?
डीएम ने निर्देश दिए कि यदि यूरिया, डीएपी आदि का डायवर्जन मिला तो संबंधित के खिलाफ एनएसए और ब्लैकमार्किट के तहत कार्रवाई की जाएगी।

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