रामपुर तिराहाकांड: फर्जी हथियार बरामदगी मामला 27 मई तक टला
मुजफ्फरनगर रामपुर तिराहाकांड में सरकार बनाम ब्रजकिशोर मामले का फैसला नहीं सुनाया गया। अगले सुनवाई की तारीख 27 मई तय की गई है। इस मामले में तीन पुलिसकर्मी आरोपी हैं। इसी तरह अन्य मामलों में भी सुनवाई नहीं हो सकी।

मुजफ्फरनगर रामपुर तिराहाकांड से जुड़े सरकार बनाम ब्रजकिशोर मामले में कोर्ट फैसला नही सुना पायी। निर्णय के लिए 27 मई की तिथि नियत की गयी है। मामले की सुनवाई एसीजेएम प्रथम की कोर्ट में चल रही है। इस मामले में इंस्पेक्टर समेत तीन पुलिसकर्मी आरोपी है, जबकि एक पुलिसकर्मी की मौत हो चुकी है।वहीं सरकार बनाम एसपी मिश्रा व सरकार बनाम राधा मोहन द्विवेदी मामले में भी सुनवाई नहीं हो सकी। एक अक्टूबर 1994 की रात पृथक राज्य की मांग के उत्तराखंड से दिल्ली जा रहे आंदोलनकारियों को पुलिस ने रामपुर तिराहे पर रोक लिया था। जहां पुलिस का आंदोलनकारियों से टकराव हो गया।
पुलिसकर्मियों पर महिलाओं से छेड़छाड़ व दुष्कर्म के आरोप लगे थे। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सात मुकदमे दर्ज कराए गए थे। आंदोलनकारियों से फर्जी हथियार बरामदगी दिखाए जाने के मामले में सरकार बनाम ब्रजकिशोर मामले की सुनवाई एसीजेएम प्रथम के न्यायाधीश देवेन्द्र फौजदार की कोर्ट में चल रही है। सरकार बनाम ब्रजकिशोर मामले में थाना झिंझाना के तत्कालीन थाना प्रभारी ब्रजकिशोर, तत्कालीन कांस्टेबल उमेश चंद और अनिल कुमार आरोपी हैं। आरोप था कि तत्कालीन थाना प्रभारी झिंझाना ब्रजकिशोर ने आंदोलनकारियों से फर्जी तरीके से अवैध हथियारों की बरामदगी दिखाई थी। कोर्ट में शुक्रवार को फैसले पर सुनवाई नही हो सकी। निर्णय के लिए 27 मई की तिथि नियत की गयी है। वही सरकार बनाम एसपी मिश्रा में 27 मई व सरकार बनाम राधा मोहन द्विवेदी में 26 मई को सुनवाई होगी।
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