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28 नवंबर, 2020|4:03|IST

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अक्टूबर में कोरोना के 1113 पॉजिटिव मिले, 1674 ठीक हुए

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जिले में अक्टूबर माह में पूरी तरह से अनलॉक होने के बीच कोरोना का कहर बना रहा। हालांकि राहत भरी बात यह रही कि पूरे महीने में कोरोना के नए पॉजिटिव केस मिलने के मुकाबले कोरोना पर विजय पाकर ठीक होने वाले संक्रमितों का औसत कहीं अच्छा रहा। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार अक्टूबर महीने में कुल 1113 नए पॉजिटिव सामने आए जबकि होम आइसोलेशन और कोविड अस्पताल में रहने वाले कुल 1674 मरीज ठीक हो गए। मौत का आंकड़ा भी नियंत्रण में रहा और केवल 8 मौत ही रिकार्ड हुई।

जिले में कोरोना में 31 अक्टूबर तक कोरोना के कुल मामलों की संख्या 5908 तक पहुंच गई है। जबकि एक अक्टूबर की सुबह तक यह संख्या 4795 थी। एक अक्टूबर की शुरुआत में मुजफ्फरनगर में कोरोना संक्रमित एक्टिव केस की संख्या करीब 904 थी। जबकि इस महीने के आखिरी दिन कोरोना संक्रमित एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 335 ही रह गई है। हालांकि कोई दिन अक्टूबर महीने में ऐसा नही गया जिसमें कोरोना संक्रमित न मिला हो। पर अधिकांश दिनों में कोरोना के नए मिलने वाले पॉजिटिव केस की संख्या के मुकाबले ठीक होकर डिस्चार्ज होने वाले मरीजों की संख्या अधिक रही। यही कारण है कि जिले में कोरोना के कुल मरीजों का आंकड़ा तो बढ़कर 31 अक्टूबर को 5908 तक पहुंच गया लेकिन मरीजों के ठीक होने पर डिस्चार्ज किए जाने की रफ्तार बहुत अच्छी रहने से ठीक होने वाले मरीजों की संख्या 31 अक्टूबर को 5490 हो गई है। एक अक्टूबर को ठीक होने वाले मरीजों का आंकड़ा केवल 3816 ही था। अक्टूबर माह में जिले में कोविड एल-2 एवं एल-3 अस्पताल के सुचारू हो जाने के कारण मौत का आंकडा भी नियंत्रण में रहा और अब तक जिले में कोरोना संक्रमण से हुई कुल 83 मौत में से केवल आठ मौत ही अक्टूबर में रिकार्ड की गई।

--अब नवंबर माह से कोरोना की सेकेंड वेव रोकने को विशेष इंतजाम

मुजफ्फरनगर। सर्दी में कोविड-19 के पुन: संभावित उछाल से निपटने को प्रदेश सरकार के अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद द्वारा अलर्ट जारी किया गया है। उन्होंने कहा है कि सर्दी में कोविड की रोकथाम को विशेष प्रबंध कराए जाएं। अपर सीएमओ डा. एसके अग्रवाल के अनुसार शासन का निर्देश है कि एक कोरोना पॉजिटिव मिलने पर औसतन उसके 25 संपकों का पता लगाकर उनकी जांच की जाएं। उन्होंने कहा कि अब प्रत्येक सरकारी और निजी अस्पताल में आने वाले आईएलआई (इन्फ्लुएंजा लाइक इलनेस) और सारी (सीवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी इन्फेक्शन) के मामलों में शत प्रतिशत कोविड जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि शासन ने निर्देश दिए हैं कि यदि किसी व्यक्ति के कोरोना के लक्षण हैं और उसकी रैपिड एंटीजन टेस्ट रिपोर्ट निगेटिव आ रही है तो उसका आरटीपीसीआर टेस्ट जरूर कराया जाएं।

कोरोना वैक्सीन टीकाकरण की तैयारी में जुटा विभाग

कोरोना टीकाकरण वैक्सीन के जल्द ही आने की संभावना के मद्देनजर शासन के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। शासन ने 15 दिसंबर 2020 तक जिले में कोल्ड चैन की तैयारी पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा सभी सार्वजनिक अस्पतालों व निजी अस्पतालों में कार्यरत स्वास्थ्यकर्मियों को सूचीबद्ध करने के भी निर्देश दिए गए हैं। अपर सीएमओ डा. एसके अग्रवाल के अनुसार शासन ने कोविड के किसी संभावित मरीज के मिलने पर उसके संपकों की तलाश कर पर्याप्त जांच के निर्देश दिए हैं। कोविड महामारी से मृत्यु रोकने को शासन ने होम आइसोलेशन में रखे गए मरीज को बीमारी के लक्षण मिलने पर तत्काल मेरठ मेडिकल में भर्ती करने के निर्देश दिए हैं।

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  • Web Title:Corona received 1113 positives in October 1674 recovered