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बोले मुजफ्फरनगर: बस अड्डा खाली, सड़क पर खड़ी हो रहीं बसें

बोले मुजफ्फरनगर: बस अड्डा खाली, सड़क पर खड़ी हो रहीं बसें

संक्षेप: Muzaffar-nagar News - बुढ़ाना के महावीर तिराहे पर रोडवेज बसों के सड़क पर खड़े होने से लोगों को आवागमन में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जाम लगने से दुकानदारों का व्यापार प्रभावित हो रहा है। नागरिकों ने प्रशासन से बसों के लिए अस्थाई अड्डा बनाने की मांग की है ताकि जाम की समस्या कम हो सके।

Thu, 6 Nov 2025 11:31 PMNewswrap हिन्दुस्तान, मुजफ्फर नगर
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कस्बे के महावीर तिराहे पर रोडवेज बसों के खड़े हो जाने से लोगों को आवागमन में खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसके साथ ही जहां सड़क पर जाम लग जाता है, वहीं दुकानदारों के व्यापार पर भी प्रभाव पड़ता है। लोगो का कहना है कि राज्य सड़क परिवहन निगम की बड़ौत, मुजफ्फरनगर, खतौली, कांधला व शामली जाने वाली सभी बसें महावीर चोक पर खड़ी हो जाती हैं। जिससे अक्सर घंटों जाम लगा रहता है। लोगों ने प्रशासनिक अधिकारियों से कई बार सड़क पर बसों के खड़े होने पर रोक लगाए जाने की मांग की है। लेकिन समस्या का कोई भी समाधान नहीं हुआ है।

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महावीर चोक के दुकानदारों का कहना है कि कस्बे में रोडवेज बसों का कोई अड्डा नही होने से चालक रोडवेज की बसे को अकसर महावीर चौक व चौधरी चरण सिंह चोक पर दुकानों के सामने खड़ी कर देते है। सड़क में ही विभिन्न मार्गो की बसों द्वारा सवारियां भरने व उतारने का काम किया जाता है। ऐसे में कोई दूसरी बस या वाहन के निकलने पर जाम लग जाता है। यह जाम घंटों लगा रहता है। जिससे लोगों को आने जाने में खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पहले खतौली रोडवेज डिपो द्वारा नगर पंचायत कार्यालय के बाहर अपना कार्यालय बना रखा था। जहां से खतौली की बसों का संचालन होता था। लेकिन कई वर्ष पूर्व वह कार्यालय भी बंद कर दिया गया था। वर्तमान में रोडवेज बसों का संचालन सड़क से ही किया जा रहा है। बसों के सड़क पर खड़े होने से आवागमन बाधित हो रहा है। लोगों का कहना है कि रोडवेज बस अड्डा चालू होने तक रोडवेज बस का अस्थाई स्टैंड महावीर चोक पर पुलिस चौकी के निकट नहर विभाग की खाली पड़ी भूमि से कर लिया जाए। रोडवेज बसों का संचालन वहां से होने पर किसी हद तक सड़क पर लगने वाले जाम से निजात मिलने के साथ ही दुकानदारों को भी परेशानी से निजात मिलेगी। ------ रोडवेज बस अड्डे का 15 वर्ष पूर्व हुआ था लोकार्पण बुढ़ाना में रोडवेज बस अड्डे के संचालन का प्रयास पहले भी कई बार हो चुका है। नगर पंचायत ने योगपुरा रोड पर करीब 26 लाख रुपये की लागत से रोडवेज बस स्टैंड तैयार कराया था। नगर पंचायत द्वारा बनाए गए बस स्टैंड का 5 दिसंबर 2010 को तत्कालीन चेयरमैन शहाबुद्दीन मुन्नन के कार्यकाल में प्रदेश राज्यमंत्री योगराज सिंह व विधायक बलवीर सिंह ने बसपा सरकार के समय लोकार्पण किया था। लोकार्पण के समय नेताओं के द्वारा नागरिकों से शीघ्र ही इस रोडवेज बस स्टैंड के संचालन कराने का वायदा किया था। चुनाव के बाद प्रदेश में सरकार बदली, तो यह रोडवेज बस स्टैंड का मामला ठंडे बस्ते में पड़ गया। इस बस स्टैंड का दोबारा से संचालन करने का शुरु हुआ, तो नगर पंचायत ने परिवहन निगम के अधिकारियों के अनुसार बिल्डिंग का आकार बदलने में 39 लाख रुपये पुनः खर्च किए। इसमें यात्री स्टैंड, बस के खड़े होने का स्थान, टिकट घर, पूछताछ केंद्र व कार्यालय आदि बनाए गए थे। उसके बाद यह बस स्टैंड राजनीति की भेंट चढ़ गया। रोडवेज बस अड्डे के नाम पर लगाया गया पैसा बर्बाद हो गया। जो आज सुनसान व खस्ता हाल में है। भाजपा से बुढ़ाना विधानसभा चुनाव जीते उमेश मलिक ने अपने कार्यकाल में रोडवेज बस अड्डे का संचालन कराने के लिए भरपूर प्रयास किए। मामला विधानसभा में भी उठाया और लगातार पत्राचार करते रहे। उमेश मलिक ने चुनाव हारने के बाद भी हिम्मत नही हारी ओर वह लगातार प्रयासरत रहे। उन्होंने परिवहन विभाग के अधिकारियों को बुलाकर इस बस अड्डे का निरीक्षण भी कराया। परिवहन विभाग के अधिकारियों ने नगर पंचायत को 9-10 अतिरिक्त कार्य कराने के लिए कह दिया है। जिसमें करीब 30 लाख रुपए खर्च आएगा। उसके बाद भी परिवहन विभाग इसमें रोडवेज बस अड्डे का संचालन करे, इसकी कोई गारंटी नही है। आज उस बस अड्डे के परिसर में कस्बे की गलियों से उखाड़कर लाई जाने वाली इन्टरलोक टाइल्स पड़ी है और शनिवार को लगने वाली साप्ताहिक पेंठ का हिस्सा बनकर रह गया है। बस स्टैंड की बिल्डिंग में बगड़िया लुहार के परिवार शरण लिए हुए हैं। कस्बा बुढ़ाना की आबादी लाखों में होने के बाद भी यहां जनसुविधाओं का भारी आभाव है। तहसील मुख्यालय होने के अलावा कस्बे के चारों ओर देहात के 50 से अधिक गांव जुड़ते हैं। -------- बुढ़ाना में रोडवेज अड्डा से खुलेंगे विकास के रास्ते बुढ़ाना में भरपूर रास्ते और बड़ा क्षेत्र होने के बाद भी रोडवेज बस स्टैंड स्थापित नहीं हो सका है। पिछले कई साल से कस्बेवासी बस स्टैंड की मांग कर रहे हैं। मेरठ-करनाल हाईवे के साथ कई जनपदों की सीमा यहां से जुड़ती है। क्षेत्र के नागरिकों को यातायात के लिए निजी बस सेवा और अन्य निजी वाहनों के भरोसे रहना पड़ता है। तहसील मुख्यालय से मेरठ की दूरी करीब 45 व कांधला की दूरी 20 किमी. है। जबकि मुजफ्फरनगर, शामली, बड़ौत व खतौली की दूरी करीब 30 किमी है। इसके बावजूद परिवहन की व्यवस्था नहीं है। लम्बी दूरी व दूसरे प्रदेशों में जाने के लिए क्षेत्रवासियों को कई बसें बदलनी पड़ती हैं। कस्बे में यात्री सड़कों पर खुले आसमान के नीचे खड़े होकर रोडवेज बसों का इंतजार करते हैं। कस्बावासियों ने कई बार परिवहन विभाग और जनप्रतिनिधियों से रोडवेज बस अड्डे की मांग की, लेकिन कोई समाधान नही हुआ है। बुढ़ाना में रोडवेज बस अड्डा बन जाने से यहां से प्रदेश के जनपदों के अलावा दिल्ली, हरियाणा, उत्तराखंड राज्यों में लिए बसों का संचालन शुरु हो जाएगा। जिसे व्यापारियों को लम्बी दूरी का सफर तय करना आसान हो जाएगा। व्यापारियों के कारोबार में बढ़ोतरी होगी और कस्बे के विकास विकास के रास्ते खुल जाएंगे। ------ बुढ़ाना-बड़ौत मार्ग के स्टेट हाईवे घोषित कराने के चल रहे हैं प्रयास लोक निर्माण विभाग जिला बागपत के अधिशासी अभियंता अतुल कुमार द्वारा बड़ौत से लेकर मुजफ्फरनगर तक वाया बुढ़ाना मार्ग को स्टेट हाईवे घोषित कराने के लिए प्रस्ताव तैयार कराया गया है। जिससे शासन को भेजा जाएगा। शासन से स्वीकृति मिलते ही सड़क को फोर लेन के लिए चौड़ीकरण का कार्य शुरु हो जाएगा। इस मार्ग पर लगातार बढ़ती वाहनों की संख्या ओर हादसों के चलते यह कदम उठाया गया है। मुजफ्फरनगर से बड़ौत की लंबाई करीब 64 किलोमीटर है। बुढ़ाना में रोडवेज बस अड्डा बनने के बाद इस मार्ग के बनने का लाभ भी क्षेत्रवासियों को जरुर मिलेगा। -------- शिकायतें 1-बुढ़ाना में रोडवेज बस अड्डा नही होने से बसें सड़क पर खड़ी होती हैं। जिससे अकसर सड़क पर जाम लगे रहना आम बात हो गई है। दुकानदारों को भी जाम से परेशानी होती है। 2-बुढ़ाना में राजनीति के चलते रोडवेज बस अड्डे के संचालन का मामला अधर में लटका हुआ है। बस अड्डे के संचालन का लाभ कस्बे के ही नही क्षेत्रवासियों को भी होगा। 3-बुढ़ाना क्षेत्र से प्रतिदिन सैकड़ों छात्र-छात्राएं पढ़ने के लिए मुजफ्फरनगर, बड़ौत और मेरठ के कॉलेजों में जाते हैं। रोडवेज अड्डे से बसों के संचालन का उन्हें लाभ मिलेगा। 4-व्यापारी वर्ग भी अपने कारोबार के सिलसिले में शहरों व महानगरों की यात्रा करते हैं। इन्हें निजी वाहनों वाहनों का सहारा लेना पड़ता है। जिससे व्यापारियों की जेब पर अतिरिक्त भार पड़ता है। सुझाव 1-कस्बे में रोडवेज बस अड्डा बनने से रोडवेज बसों के समय व संख्या का सही से संचालन होगा। जिससे व्यापारी निजी वाहनों के स्थान पर रोडवेज में सफर करेंगे। 2- बुढ़ाना में रोजवेज बस अड्डा बन जाए, तो व्यापारियों के साथ ही अन्य यात्रियों को भी लाभ मिलेगा। छात्र-छात्राएं समय से कालिज व नोकरी पेशा अपने दफ्तर पहुंच पाएंगे। 3- बुढ़ाना में रोडवेज बस स्टैंड के संचालन से बसें सड़क पर न खड़ी होकर बस अड्डे के अंदर खड़ी होंगी। जिससे किसी हद तक सड़क जाम से लोगों को राहत मिलेगी। 4-बुढ़ाना में रोडवेज बस स्टैंड के संचालन से जब सड़क पर जाम नही लगेगा, तो व्यापारियों के कारोबार में भी बढ़ोतरी होगी। ------------- हमारी भी सुनो- बुढ़ाना में रोडवेज बस अड्डा नही होने से बसें सड़क पर खड़ी होती हैं। जिससे अकसर सड़क पर जाम लगे रहना आम बात हो गई है। -मोनू मलिक, राष्ट्रीय निशानेबाज। बुढ़ाना से प्रतिदिन छात्र-छात्राओं को शिक्षा प्राप्त करने के लिए बाहर दूसरे शहरों में जाना पड़ता है। लेकिन रोडवेज अड्डा न होने से कई बार बसों में सही से खड़े होने के लिए भी जगह नहीं मिल पाती। -भारत ठाकुर बुढ़ाना में रोडवेज बस अड्डा नही होने से व्यापारियों को बहुत परेशानी होती है। उन्हें रोडवेज बस के स्थान पर दूसरे शहरों में निजी वाहनों से जाना पड़ता है। -कुलदीप बागड़ी। बुढ़ाना में रोडवेज बस अड्डा नही होने के कारण यातायात के साधन बेहतर नहीं हैं। ऐसे में कहीं बाहर चले जाएं, तो जल्द ही वापसी की चिता बनी रहती है। -पवनीश जावला। बुढ़ाना में रोडवेज अड्डा न होने की वजह से बुजुर्ग व महिलाओं को काफी परेशानी होती है। कस्बे से गुजरने वाली बसों में पहले ही सब सीट भरी होती हैं। -सोनू कुमार। बुढ़ाना में रोडवेज बसों के सड़क पर खड़े होने से कस्बे में जाम की स्थिति बनने के साथ ही दुर्घटनाओं का होना आम बात हो गई है। -गोलू राठी। -बुढ़ाना में रोडवेज बस अड्डे का संचालन होने तक महावीर चोक पर नहर विभाग की खाली पड़ी जमीन को अस्थाई अड्डा बना दिया जाए। -सोहनवीर। -बुढ़ाना में रोडवेज बस स्टैंड राजनीति का शिकार बन कर रह गया है। कस्बे के विकास के लिए बस स्टैंड की आवश्यकता है। -आशु राठी -बुढ़ाना में रोजवेज बस स्टैंड के संचालन में परिवहन विभाग के अधिकारी ही आनाकानी कर रहे हैं। जो उस बिल्डिंग में नगर पंचायत के लाखों रुपए लगवा चुके हैं। -नवीन कुमार। ----- इनका कहना है बुढ़ाना में रोडवेज बस अड्डे को हैंडओवर करने से पहले परिवहन विभाग के अधिकारियों ने 9/10 अतिरिक्त कार्य बताए हैं। जिसमें 25 से 30 लाख रुपए का खर्च आएगा। बोर्ड की बैठक में प्रस्ताव रखकर कार्य सम्पन्न कराए जाएंगे। -आलोक रंजन, अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत बुढ़ाना। --- परिवहन विभाग के एआरएम, आरएम, नगर पंचायत बुढ़ाना के ईओ व चेयरमैन के साथ शीघ्र बैठक की जाएगी। बस स्टैंड के आगे की दीवार व दरवाजे का काम बाकी है। जिससे तत्काल करवाकर रोडवेज बस अड्डे का शीघ्र संचालन शुरु कराया जाएगा। उमेश मलिक, पूर्व विधायक बुढ़ाना