भागवत कथा जीवन संवारने का सर्वोत्तम साधन : अचल शास्त्री
Muzaffar-nagar News - मोरना कथाव्यास अचल कृष्ण शास्त्री ने कहा कि भक्ति से जीवन प्रेरक बनता है, जैसे ध्रुव और प्रहलाद। भागवत मनुष्य के जीवन को संवारती है और पितरों के कल्याण का सबसे बड़ा साधन है। भागवत कथा में श्रद्धा और भक्ति से जीवन के वास्तविक लक्ष्य की प्राप्ति होती है।

मोरना कथाव्यास अचल कृष्ण शास्त्री ने कहा कि भक्ति आश्रित व्यक्ति का जीवन प्रेरक और एक उदाहरण बन जाता है, जैसे ध्रुव और प्रहलाद। भागवत मनुष्य के जीवन और मृत्यु को संवारती है। अपने जीवन को संवारने और पितरों के कल्याण का भागवत सबसे बड़ा साधन है।भागवत पीठ श्री शुकदेव आश्रम, शुकतीर्थ में जयश्री राय जी की पुण्य स्मृति में डा. नीलम राय वर्मा धर्मपत्नी एसएसपी संजय कुमार वर्मा के संयोजन में चल रही भागवत कथा में भक्त ध्रुव और प्रहलाद की कथाओं का मार्मिक विवेचन किया। कथा के चतुर्थ दिवस में मुख्य यजमान मऊ से पधारे अरुण शंकर राय ने कथाव्यास अचल कृष्ण शास्त्री को तिलक लगाकर व्यासपीठ और भागवत पोथी का पूजन किया।
अचल कृष्ण शास्त्री ने कहा कि भागवत कथा श्रवण एवं भगवद् चरणों में श्रद्धा और भक्ति से जीवन के वास्तविक लक्ष्य की प्राप्ति होती है। परमात्मा के चरणों में श्रद्धा भक्ति के प्रभाव से ध्रुव और प्रहलाद जन-जन के आदर्श, प्रेरक तथा भक्त शिरोमणि बन गए। भगवद् भक्ति से जीवन में दिव्यता आती है। भागवत रामायण आदि धार्मिक आध्यात्मिक ग्रंथों के आश्रय से मनुष्य को जीवन में शांति मिलती है तथा नैतिक मूल्यों का ज्ञान होता है। समस्त मनुष्यों पर करुणा करके व्यासनंदन महामुनि शुकदेव जी ने इस आध्यात्मिक दीप को प्रज्जवलित किया है, भागवत को प्रकाशित किया है। अपने जीवन को संवारने और पितरों के कल्याण का भागवत सबसे बड़ा साधन है। भागवत वैष्णव भक्त जनों का सबसे बड़ा धन है, जो परम सौभाग्य से मिलता है।
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


