
लव अफेयर में मर्डर: महामंडलेश्वर पूजा की 3 राज्यों में तलाश, मिले अहम सुराग; जल्द हो सकती है गिरफ्तार
संक्षेप: पुलिस के अनुसार पूजा और अशोक ने तीन लाख रुपये में हत्या की सुपारी दी थी। पूजा के अभिषेक से संबंध थे। वह अभिषेक को दूर नहीं होने देना चाहती थी। एसएसपी ने पूजा पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। साथ ही उसके गैर-जमानती वारंट भी जारी हो गए हैं।
यूपी के अलीगढ़ के रोरावर क्षेत्र में बाइक शोरूम मालिक अभिषेक की हत्या के मामले में फरार 25 हजार की इनामी महामंडलेश्वर अन्नपूर्णा भारती उर्फ पूजा शकुन पांडेय की तलाश में पुलिस की चार टीमें लगी हैं। उत्तर प्रदेश के अलावा राजस्थान, मध्यप्रदेश के उज्जैन में पुलिस दबिश दे रही है। सूत्रों का कहना है कि पूजा ने धार्मिक स्थल में पनाह ले रखी है। पुलिस का दावा है कि एक-दो दिन में ही उसकी गिरफ्तारी हो सकती है। 26 सितंबर की रात को हाथरस के सिकंदराराऊ क्षेत्र के गांव कचौरा निवासी 25 वर्षीय अभिषेक गुप्ता की बाइक सवार दो लोगों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने दोनों शूटरों के अलावा महामंडलेश्वर पूजा शकुन पांडेय के पति अशोक पांडेय को जेल भेज दिया।

पुलिस के अनुसार पूजा और अशोक ने तीन लाख रुपये में हत्या की सुपारी दी थी। पूजा के अभिषेक से संबंध थे। वह अभिषेक को दूर नहीं होने देना चाहती थी। जब उसने खैर में टीवीएस का शोरूम खोला तो उसमें भी पार्टनरशिप की बात कहती थी। एसएसपी ने पूजा पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। साथ ही उसके गैर-जमानती वारंट भी जारी हो गए हैं। एएसपी और सीओ प्रथम मयंक पाठक ने बताया कि पुलिस गैर राज्यों में भी पूजा को तलाश रही है।
पूजा के खिलाफ कुर्की की तैयारी
गैर जमानती वारंट लेने के साथ ही पुलिस ने पूजा की धरपकड़ तेज कर दी है। अगर पूजा पकड़ में नहीं आती या हाजिर नहीं होती तो उसके खिलाफ पहले फरारी की उद्घोषणा जारी की जाएगी। इसके बाद कुर्की की कार्रवाई भी होगी। पुलिस ने पूजा को संपत्ति को भी चिह्नित कर लिया है। बताया जा रहा है कि पूजा ने कुछ स्थानों पर कब्जा भी कर रखा था, जिसे लेकर लोगों ने शिकायतें भी की थीं। लेकिन, महामंडलेश्वर होने के चलते कोई कार्रवाई नहीं हो सकी।
घटना के दो दिन बाद भी होना था कार्यक्रम
पूजा ने 27 सितंबर को तर्पण कार्यक्रम आयोजित किया था। इसमें सियासी दिग्गज शामिल हुए थे। साथ ही कार्यक्रम में शूटरों को भी देखा गया था। इसके अलावा घटना के दो दिन बाद भी एक कार्यक्रम आयोजित होना था। इसकी तैयारी चल रही थी। अतिथियों को आमंत्रण भी दे दिया गया था।
करीबियों-रिश्तेदारों की सीडीआर खंगाली
पूजा घटना वाली रात को ही फरार हो गई थी। ऐसे में पुलिस ने उसके करीबियों और रिश्तेदारों को रडार पर ले लिया है। साथ ही उसकी सीडीआर खंगाली गई है। इसमें जो भी लोग हाल-फिलहाल में उससे अधिक संपर्क में थे। उनके भी पूछताछ की जा रही है।
अखाड़ा निरंजनी ने किया निष्कासित
श्री पंचायती अखाड़ा निरंजनी ने महामंडलेश्वर अन्नपूर्णा भारती उर्फ पूजा शकुन पांडेय को निष्कासित कर दिया है। अभिषेक हत्याकांड में मुकदमा दर्ज होने के बाद अखाड़े के पंचों ने यह निर्णय लिया है। साथ ही दूसरे महामंडलेश्वर व संतों के कृत्य की जांच कराई जा रही है।
पूजा की जमानत पर कल होगी सुनवाई
पूजा ने अधिवक्ता के माध्यम से अग्रिम जमानत के लिए सत्र न्यायालय में अर्जी डाली है। यहां उनके भाई ने कागजी प्रक्रिया पूरी कराई। इस पर सात अक्टूबर को सुनवाई होगी। उधर, अशोक पांडेय की निचली अदालत से जमानत रद्द होने के बाद सत्र न्यायालय में अर्जी की तैयारी है।
अशोक को संवेदनशील श्रेणी में रखा
जेल में अशोक व शूटरों को फिलहाल 10 दिन के लिए क्वारंटाइन बैरक में रखा है। जेल प्रशासन ने अशोक को संवेदनशील श्रेणी में रखते हुए निगरानी बढ़ा दी है। मुलाकात के लिए उससे 10 नाम लिए गए हैं। इनके अलावा किसी से मुलाकात नहीं कराई जाएगी। सप्ताह में केवल तीन मुलाकात हो सकती है।
पूजा की जमानत रद्द कराना चाहती थी पुलिस
अभिषेक हत्याकांड में आरोपी पूजा शकुन पांडेय पर पुलिस के रिकॉर्ड में अब तक पांच मुकदमे दर्ज हैं। पूजा ने कभी महात्मा गांधी के पुतले को गोली मारकर विवाद पैदा किया तो कई बार विवादित व भड़काऊ बयानों से माहौल खराब करने का प्रयास किया। पुलिस ने दो बार गिरफ्तार करके जेल भेजा। जमानत पर बाहर आकर उसने फिर से वही अपराध दोहराया। इसी के चलते तीन साल पहले पुलिस प्रशासन ने पुराने मुकदमे में पूजा की जमानत रद्द के लिए अपील डाली थी। लेकिन, न्यायालय से पूजा को राहत मिल गई।
इस बयान ने मचाया था बवाल, हुई थी गिरफ्तारी
पूजा शकुन पांडेय पर पहला मुकदमा 30 जनवरी 2019 को दर्ज हुआ था। आरोप था कि अपने कार्यालय पर शौर्य दिवस मनाते हुए महात्मा गांधी के पुतले को गोली मारी। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इसके बाद अप्रैल 2020 तक तीन और मुकदमे दर्ज हुए, जिनमें विवादित बयान देने के आरोप लगे। अप्रैल 2020 में पूजा ने तब्लीगी जमातियों को गोली मार देने का विवादित बयान दिया। इसमें मुकदमा दर्ज हुआ। जून 2022 में पूजा ने राष्ट्रपति को खून से पत्र लिखकर जुमे के दिन होने वाली भीड़ पर प्रतिबंध लगाने की मांग कर दी। इससे माहौल बिगड़ने की आशंका जताई गई। पुलिस ने मुकदमे की तैयारी कर ली और एसीएम द्वितीय की ओर से नोटिस भेजा गया। इसी के साथ लगातार मुकदमों के चलते गांधीपार्क पुलिस की ओर से न्यायालय में पूजा और अशोक के खिलाफ दर्ज 2019 के मुकदमे में जमानत निरस्तीकरण की अर्जी दी गई। तर्क दिया गया कि दोनों ने जमानत की शर्तों का उल्लंघन किया है। हालांकि बाद में न्यायालय ने अर्जी को निरस्त करते हुए पूजा और अशोक को राहत दे दी। इसके बावजूद पूजा के विवादों का सिलसिला नहीं थमा। हालांकि सभी मुकदमों में पूजा को जमानत मिल गई।
अप्रैल 2020 में पूजा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर कोरोना महामारी को देश में फैलाने का काम कर रहे तब्लीगी जमातियों को सीधे गोली मार देने की मांग की थी। जिस पर पुलिस की ओर से माहौल बिगाड़ने के प्रयास के आरोप में उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ। पुलिस ने पूजा को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया। बाद में उसे जमानत मिल गई। मुकदमा दर्ज किया गया।
अभिषेक के नाम से थी पत्रावली, नहीं बना चार्ज
महात्मा गांधी को गोली मारने के मुकदमे में 11 आरोपी नामजद किए गए। यह पत्रावली अभिषेक गुप्ता के नाम पर थी। इसमें मनोज, जयवीर, राजीव, पूजा शकुन, पांडेय, अशोक पांडेय, हरीशंकर, अनिल, कुंजबिहारी, उत्तम सिंह भी नामजद किए गए। पुलिस ने इसमें चार्जशीट दाखिल कर दी। हालांकि इसमें अभी चार्ज फ्रेम नहीं हुआ है। डिस्चार्ड एप्लीकेशन दी गई है।
छात्रा को फुसलाकर ले जाने के मुकदमे में भी नामजद
शहर के एक कॉलेज में ग्रेजुएशन की छात्रा के पिता ने भी पांच दिसंबर 2020 को पूजा व अशोक पर मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें कहा था कि छात्रा को एक युवक बहला-फुसलाकर ले गया है, जिसमें पूजा व अशोक का सहयोग है। उन्होंने अनहोनी की आशंका जताई थी। हालांकि बाद में छात्रा को बरामद किया गया। मुकदमें में पुलिस की ओर से अंतिम रिपोर्ट (एफआर) लगाई गई।
धर्म की आड़ में अपराध सबसे बड़ा पाप : गौरी पाठक
अखिल भारत हिंदू महासभा की जिलाध्यक्ष गौरी पाठक ने कहा है कि पूजा शकुन पांडेय के पास संगठन में कोई जिम्मेदारी नहीं है। कई साल पहले ही संगठन की ओर से उन्हें निष्कासित किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि किसी भी संस्था से जुड़कर अगर कोई व्यक्ति अमानवीय कृत्य करता है या अपराध में शामिल होता है तो उसे किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाना चाहिए। धर्म की आड़ में अपराध सबसे बड़ा पाप है। ऐसे लोग समाज के लिए कलंक हैं और संगठन की प्रतिष्ठा को धूमिल करते हैं। हम किसी भी ऐसे व्यक्ति का समर्थन नहीं करेंगे, जो संगठन का नाम लेकर हिंसा या अपराध को बढ़ावा दे। प्रशासन को चाहिए कि वह ऐसे दोषियों पर सख्त कार्रवाई करे।
ये है पूजा शकुन पांडेय का आपराधिक इतिहास
मुकदमा संख्या धारा थाना
37/2019, 147, 148, 149, 153ए, 295, थाना गांधीपार्क
137/2020, 153ए, 505(2), थाना गांधीपार्क
387/2022, 295, 298, 505, थाना गांधीपार्क
576/2022, 188, 295ए, 298, 505-2, 506, थाना गांधीपार्क
536/2020, 120-बी, 366, थाना क्वार्सी
ये है अशोक पांडेय का आपराधिक इतिहास
मुकदमा संख्या धारा थाना
37/2019 147, 148, 149, 153ए, 295 थाना गांधीपार्क
94/2016 427, 435 थाना गांधीपार्क
254/2017 188 थाना सिविल लाइन
1140/2020 120बी, 366 थाना क्वार्सी
86/2020 153ए, 505(2) थाना गांधीपार्क
103/2020 153ए, 505(2) थाना गांधीपार्क
133/2020 153ए, 505(2) थाना गांधीपार्क
576/2020 506, 505(2), 298, 295-ए, 188 थाना गांधीपार्क





