मुमताज हत्याकांड: हत्यारोपी ने दातून बेचकर कमाए 17 हजार रुपये, गोवा में रुका; रशियन के साथ घूमा
कानपुर के मुमताज हत्याकांड का मुख्य आरोपी रानू खान पुलिस से बचने के लिए शातिराना तरीके अपनाता रहा। वारदात के बाद वह कई राज्यों में घूमता रहा और ट्रेन में दातून बेचकर करीब 17 हजार रुपये कमाए। गोवा पहुंचने के बाद एक विदेशी से दोस्ती कर उसके खर्चे पर होटल में रुका था।

UP News: यूपी के कानपुर में मुमताज हत्याकांड का मुख्य आरोपी सोहेल उर्फ रानू खान रहने वाला भले ही गांव का हो लेकिन बड़ा शातिर दिमाग है । इस शातिरपन की वजह से ही बिना पैसों के करीब आठ दिन फरारी काटी। ट्रेन में बगैर टिकट चला, पकड़ा न जाए इसलिए रास्तेभर दातून बेचता रहा। इस काम से उसने 17 हजार रुपये कमाए। इसके बाद गोवा में एक अंग्रेज से दोस्ती गांठ ली और उसी के पैसों से होटल में मौज काटता रहा। इतना ही नहीं एक रशियन लड़की से दोस्ती कर बीच किनारे घूमता था। हालांकि पुलिस के दबाव के कारण वह कानपुर सरेंडर करने आया था लेकिन पुलिस ने मुठभेड़ में उसे गिरफ्तार कर लिया।
चचेरे भाई मुमताज के हत्यारोपी रानू ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि वारदात के बाद वह हमीरपुर में बहन के घर पहुंचा। यहां से वह चित्रकूट गया और पहचान छिपाने के लिए बाल कटवा लिए। एक बारगी पुलिस उस तक पहुंच गई और उसकी फोटो उसे ही दिखाकर पूछा, इसे कहीं देखा है। पुलिस पीछे लगी है, यह बात वह जानता था। इसलिए वह चित्रकूट जिले के मानिकपुर गया और एलटीटी सुपर फास्ट ट्रेन में बैठकर भुसावल, मुंबई, बलसाढ़, सूरत, रत्नागिरी से होते हुए गोवा पहुंच गया। रानू ने बताया कि रास्ते में जहां भी वह रुकता था, नीम तोड़कर दातून तैयार कर लेता था। इसके बाद ट्रेन में बेचते हुए आगे की यात्रा करता था। इससे उसे टिकट नहीं खरीदना पड़ता था और कमाई भी हो जाती थी। उसने बताया कि हमीरपुर से गोवा के बीच करीब 17 हजार रुपये की दातून उसने ट्रेन में बेची।
कई राज्यों में रहा बावर्ची, विदेशी भाषाएं भी जानने लगा
पुलिस को उसने बताया कि वह अंग्रेजी, रशियन, साउथ इंडियन और बुंदेलखंडी अच्छे से बोल लेता है। कोच्चि, मुंबई, गोवा में बावर्ची का काम किया है और अच्छा खाना भी बनाना जानता है। मुंबई, गोवा में काम करने की वजह से वह कई भाषाएं जानने लगा। इसी हुनर का फायदा उठा गोवा पहुंचने के बाद अंग्रेज से दोस्ती की और उसी के खर्चे पर होटल में रुका। यहां रशियन लड़की से दोस्ती हो गई थी। वह मदद करती थी। कई बार उसके साथ बीच भी घूमने गया। पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने बताया रानू शातिर होने के साथ कई भाषाएं भी जानता है। इसी के चलते फरारी के दौरान वह लोगों को बेवकूफ बनाकर ठगता रहा।
साथी के साथ मिलकर की थी मुमताज की हत्या
साढ़ के देवसढ़ गांव में 7 अगस्त को की रात पत्नी और चार महीने की मासूम बच्ची के साथ घर की बाउंड्री के भीतर सो रहे मुमताज पर परिवारिक भाई सुहैल उर्फ रानू ने एक साथी के साथ हमला बोल दिया था। दोनों ने पत्नी को दिखाकर पति की हत्या की थी। घर में घुसने से पहले दोनों ने सीसीटीवी के कैमरे मोड़ दिए थे। वारदात को अंजाम देने के बाद वह घर से बाइक, डीवीआर सहित अन्य सामान लूटकर भाग निकले थे। बीती 9 अगस्त को हाफ एनकाउंटर में आशीष को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।


