मुंह काला कर गई तीन बच्चों की मां, पति को चेहरा दिखाने लायक नहीं रखा, पहले गांव छोड़ा अब दुनिया

Dinesh Rathour फिरोजाबाद, वरिष्ठ संवाददाता
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फिरोजाबाद जिले में तीन बच्चों की मां अपने प्रेमी के साथ फरार हो गई। पत्नी की इस हरकत के बाद पति किसी को चेहरा नहीं दिखा पाया। उसने गांव छोड़कर दूसरी जगह रहने लगा। सोमवार को शव पेड़ से लटका मिला।

मुंह काला कर गई तीन बच्चों की मां, पति को चेहरा दिखाने लायक नहीं रखा, पहले गांव छोड़ा अब दुनिया

Firozabad News: यूपी के फिरोजाबाद में एक सनसनखेज मामला सामने आया है। तहसील टूंडला के थाना नगला सिंघी क्षेत्र में एक युवक का शव सोमवार की सुबह पेड़ पर लटका मिला। चर्चा है कि उसकी पत्नी कुछ दिन पहले अपने प्रेमी के साथ मुंह काला करके फरार हो गई थी। पत्नी की इस हरकत से पति मुंह दिखाने लायक नहीं बचा था। महिला के तीन बच्चे भी थे, उनका भी उसे ख्याल नहीं आया।

पत्नी इस करतूत के चलते पति ने गांव छोड़ दिया। वह दूसरे गांव में मकान बनाकर रहने लगा। हालांकि इस बीच पति ने पत्नी की खोजबीन की लेकिन कहीं उसका पता नहीं चला। सोमवार को एक पेड़ से उसका शव मिला तो हड़कंप मच गया। परिजनों ने महिला के प्रेमी पर हत्या का आरोप लगाया और हंगामा किया। फिलहाल पुलिस हत्या और आत्महत्या के कारणों का पता लगाने में जुटी है। पुलिस ने कार्रवाई का ठोस आश्वासन मिलने के बाद शव पुलिस ने उतारकर पोस्टमार्टम को भिजवाया है।

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बच्चों को पति के पास छोड़ गई थी पत्नी

रविन्द्र (35) पुत्र भीकम सिंह निवासी गढ़ी धर्मी की पत्नी गौरी इसी माह 7 अप्रैल को अपने प्रेमी के साथ चली गई थी। महिला अपने तीन बच्चों गगन 15 साल, सुमित 10 साल और बेटी लता 7 साल को पति के पास ही छोड़कर चली गई थी। पत्नी के गायब होने के बाद से रविंद्र लगातार उसकी खोजबीन कर रहा था। गौरी का प्रेमी लांघी धीरपुरा का रहने वाला है। रविंद्र कुछ समय पहले से अपने गांव गढ़ी धर्मी से निकलकर गढ़ी भाऊ में मकान बनाकर रह रहा था। सोमवार की सुबह उसका शव खेत में लगे पेड़ पर लटका मिला। शौच को गए लोगों ने शव को लटका देखा को हड़कंप मच गया। परिवार के लोग मौके पर पहुंचे और हंगामा शुरू कर दिया। थाना नगला सिंघी पुलिस मौके पर पहुंची लेकिन परिजनों ने शव को नहीं उतारने दिया। परिवार के लोगों ने रविंद्र की पत्नी गौरी के प्रेमी पर ही हत्या कर शव को लटकाने का आरोप लगाया। कहा कि प्रेमी उसकी हत्या को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश कर रहा है।

प्रेमी की गिरफ्तारी की मांग

थानाध्यक्ष पारुल मिश्रा ने लोगों को काफी देर तक समझाया और कार्रवाई का आश्वासन देकर शव को फंदे से उतरवाने के बाद पोस्टमार्टम को भिजवाया। वहीं जांच के लिए फारेंसिक टीम को मौके पर बुलाया। घटनास्थल पर आक्रोशित परिजन आरोपी प्रेमी की गिरफ्तारी कराने की मांग कर रहे थे। पुलिस ने बताया कि मृतक चूड़ी के कारखाने में काम करता था और उसकी ससुराल फिरोजाबाद के ढोलपुरा में है। पुलिस परिजनों के आरोपों के साथ ही युवक की मौत के कारणों का पता लगा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। परिजनों द्वारा जो तहरीर दी जाएगी उसके अनुसार मुकदमा दर्ज किया जाएगा।

एसएसपी को बुलाने की थी मांग

आक्रोशित ग्रामीणों ने प्रेमी की गिरफ्तारी के साथ ही उस पर हत्या के आरोप लगाते हुए घटनास्थल पर एसएसपी को बुलाने की मांग की। थाना प्रभारी ने कहा कि पूरे मामले में निष्पक्ष और कड़ी कार्रवाई की जाएगी तब कई घंटे बाद गुस्साए लोग शांत हुए थे। शव को नहीं उतरने देने पर आसपास के थानों के पुलिस बल को भी मौके पर बुला लिया था।

Dinesh Rathour

लेखक के बारे में

Dinesh Rathour

दिनेश राठौर वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। डिजिटल और प्रिंट पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले दिनेश ने अपने करियर की शुरुआत 2010 में हरदोई से की थी। कानपुर यूनिवर्सिटी से स्नातक दिनेश ने अपने सफर में हिन्दुस्तान (कानपुर, बरेली, मुरादाबाद), दैनिक जागरण और राजस्थान पत्रिका (डिजिटल) जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। हरदोई की गलियों से शुरू हुआ पत्रकारिता का सफर आज डिजिटल मीडिया के शिखर तक पहुँच चुका है। दिनेश राठौर ने यूपी और राजस्थान के विभिन्न शहरों की नब्ज को प्रिंट और डिजिटल माध्यमों से पहचाना है।
लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में कार्यरत दिनेश दिनेश, खबरों के पीछे की राजनीति और सोशल मीडिया के ट्रेंड्स (वायरल वीडियो) को बारीकी से विश्लेषण करने के लिए जाने जाते हैं।

पत्रकारिता का सफर
हरदोई ब्यूरो से करिअर की शुरुआत करने के बाद दिनेश ने कानपुर हिंदुस्तान से जुड़े। यहां बतौर स्ट्रिंगर डेस्क पर करीब एक साल तक काम किया। इसके बाद वह कानपुर में ही दैनिक जागरण से जुड़े। 2012 में मुरादाबाद हिंदुस्तान जब लांच हुआ तो उसका हिस्सा भी बने। करीब दो साल यहां नौकरी करने के बाद दिनेश राजस्थान पत्रिका से जुड़ गए। सीकर जिले में दिनेश ने करीब तीन साल तक पत्रकारिता की। उन्होंने एक साल तक डिजिटल का काम भी किया। 2017 में दिनेश ने बरेली हिंदुस्तान में प्रिंट के डेस्क पर वापसी की। लगभग दो साल की सेवाओं के बाद डिजिटल हिंदुस्तान में काम करने का मौका मिला जिसका सफर जारी है।

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