
मां ने प्रेमी संग मिल नाबालिग बेटी का किया सौदा, डेढ़ लाख में बेचा
बेटी इतनी निर्दयी हो गई कि उसे अपने बच्चों से भी कोई मोह नहीं रहा। महंत ने बच्चों को उसके पति को सौंपने की बजाय खुद ही पालन-पोषण का बीड़ा उठाया। मथुरा से बेटी लौटकर आई तो उन्होंने उसे अपनाने से मना कर दिया। लेकिन, जब एक महीने पहले वह गर्भावस्था में आई तो उसके प्रति पिता की ममता फिर से जाग गई।
यूपी के अलीगढ़ के खैर थाना क्षेत्र में मां-बेटी के आत्मीय रिश्ते को शर्मसार करने का मामला सामने आया है। मथुरा में रह रही एक कलयुगी मां ने दूसरे पति (प्रेमी) के साथ मिलकर अपनी ही नाबालिग बेटी को डेढ़ लाख रुपये में अलीगढ़ में बेच दिया। बच्ची ने फोन पर जब रोते हुए यह दर्द बताया तो नाना के पैरों तले जमीन खिसक गई। उसने नाना से कहा, ‘मुझे ले जाओ, वरना मैं मर जाऊंगी।’
मूलरूप से सुल्तानपुर की रहने वाली महिला करीब 12 साल पहले मथुरा के प्रेमी के लिए बच्चों को छोड़ आई थी। एक महीने पहले फिर मायके पहुंची और अपनी गर्भावस्था का हवाला देकर नाबालिग बेटी को अपने साथ ले गई और उसका सौदा कर दिया। चार दिन पहले किशोरी ने किसी तरह अपने नाना को फोन करके आपबीती सुनाई। नाना ने यहां पहुंचकर थाने में शिकायत दी तो उनको मथुरा का मामला बताकर वहां भेज दिया गया। सुल्तानपुर में कोतवाली देहात क्षेत्र के एक गांव निवासी महंत ने बताया कि करीब 12 साल पहले उनकी बेटी भट्ठे पर काम करने वाले मथुरा जिले के नौहझील क्षेत्र के व्यक्ति के साथ भाग गई थी। उसकी तीन बेटियां व एक बेटा है, जिन्हें वह छोड़ गई थी। लंबा समय बीत जाने के बाद मथुरा में रह रही बेटी ने संपर्क किया तो पिता का दिल पसीज गया। करीब एक महीने पहले बेटी घर आई और गर्भावस्था का हवाला देकर बोली कि सबसे छोटी 14 साल की बेटी को मेरे साथ भेज दो। महंत ने भरोसा करके नाबालिग धेवती को उसके साथ भेज दिया। एक दिसंबर को धेवती ने फोन किया कि वह खैर के गांव खेड़ा सत्तू में हैं। गुरुवार रात को नाना गांव खेड़ा सत्तू में पहुंचे। किशोरी जिनके साथ रह रही थी, उन्होंने बताया कि डेढ़ लाख रुपये में सौदा किया था।
रोते हुए बोली-नाना मुझे ले जाओ वरना मर जाऊंगी...
नाना, इन लोगों ने मुझे बंधक बनाकर रखा है। मैं बहुत परेशान हूं। मैं यहां रहना नहीं चाहती। मुझे ले जाओ, वरना मैं मर जाऊंगी। एक माह पहले सकुशल अपनी मां के साथ गई धेवती ने फोन पर जब रोते हुए यह दर्द बताया तो नाना के पैरों तले जमीन खिसक गई। वे उस समय एक धार्मिक कार्यक्रम कर रहे थे। उसे एक दूसरे महंत को सौंपकर बीच में ही छोड़ दिया। यहां धेवती के बताए स्थान पर खैर में पहुंचे और रात रुककर परिवार के समक्ष उसे वापस भेजने की गुहार लगाते रहे। लेकिन, परिवार ने ये कहकर उनकी एक न सुनी कि हमने रुपये देकर किशोरी को खरीदा है। हमारे चार-पांच लाख रुपये खर्च हो गए। कोई रास्ता न नजर आने पर थाना खैर पहुंचे तो वहां से मथुरा भेज दिया। देररात वह मथुरा के नौहझील थाने में पहुंचे, जहां तहरीर देने की तैयारी थी।
सुल्तानपुर जिले के कोतवाली देहात क्षेत्र के गांव निवासी महंत ने अपनी बेटी का बड़े नाज से पालन-पोषण किया था। पास के ही गांव में अच्छे परिवार में उसकी शादी की। लेकिन, वह परिवार के भरोसे का गला घोंटकर मथुरा के प्रेमी के साथ फरार हो गई। बेटी इतनी निर्दयी हो गई कि उसे अपने बच्चों से भी कोई मोह नहीं रहा। लेकिन, महंत ने बच्चों को उसके पति को सौंपने की बजाय खुद ही पालन-पोषण का बीड़ा उठाया। इसी बीच मथुरा से बेटी लौटकर आई तो उन्होंने उसे अपनाने से मना कर दिया। डांटकर भगा दिया। लेकिन, जब एक माह पहले वह गर्भावस्था में आई तो उसके प्रति पिता की ममता व भरोसा फिर से जागने लगा। पिता के समक्ष कहा कि बेटी उसकी देखभाल कर लेगी। बेटी की खातिर उन्होंने धेवती को उसके साथ भेज दिया। उनका कहना है कि बेटी के प्रेमी ने ये पूरा खेल रचा है।
फफकते हुए बोले- नाबालिग की जिंदगी बर्बाद न की जाए...
एक दिसंबर को धेवती का फोन आते ही वह गांव के एक व्यक्ति के साथ मथुरा के लिए रवाना हो गए। वहां एक परिचित के घर पर दो दिन ठहरे। पूरी जानकारी जुटाई। इसके बाद गुरुवार रात को खैर पहुंचे। परिवार के इन्कार के बाद थाने पहुंचकर शिकायत की। फफकते हुए कहा कि लड़की नाना के साथ जाना चाहती थी। लेकिन, परिवार ने उसे नहीं भेजा। अभी उसकी शादी की भी उम्र नहीं है तो अन्यथा शादी कर देते। उन्होंने गुहार लगाई कि उसकी जिंदगी बर्बाद न की जाए।
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर भी की शिकायत
एक भाई व तीन बहनों में सबसे छोटी 14 साल की किशोरी सातवीं कक्षा में पढ़ती है। सबसे लाडली है। नाना के अनुसार धेवती की ओर से मुख्यमंत्री हेल्पलाइन (1076) पर भी शिकायत की गई है।
बेटी की शक्ल नहीं देखना चाहता
महंत ने कहा कि बेटी ने जो कृत्य किया है, अब मैं उसकी शक्ल तक देखना नहीं चाहता। उसने दो दिन पहले बच्चे को जन्म दिया है। इस हालात में महंत ने गुस्से का घूंट पी लिया।





