
यूपी में तोड़ी गई मस्जिद, मदरसे पर चला बुलडोजर, 20 ग्रामीणों को दिए गए जमीनों के पट्टे
संभल में रविवार को होने वाली प्रशासन की कार्रवाई से पहले ही ग्रामीणों ने मस्जिद को तोड़ डाला। प्रशासन की टीम जब मौके पर पहुंची तो नजारा देखकर दंग रह गई। इसके बाद प्रशासन ने मदरसे पर बुलडोजर चलाया।
यूपी के संभल में मस्जिद को तोड़ा गया। रविवार को गांव सलेमपुर सलार उर्फ हाजीपुर में होने वाली कार्रवाई से पहले ही ग्रामीणों ने ग्राम समाज की जमीन पर अवैध रूप से बनी मदीना मस्जिद को शनिवार रात हथौड़ा चलाकर ध्वस्त कर दिया। जो हिस्सा बचा था, उसे रविवार की सुबह गिरा दिया गया। इसके बाद प्रशासन ने वहीं पास में बने मदरसे को बुलडोजर से गिरा दिया। साथ ही प्रशासन की ओर से 20 ग्रामीणों को हाथो-हाथ जमीनों का पट्टा भी उपलब्ध करा दिया गया है। बतादें कि प्रशासन की ओर से रविवार को बुलडोजर चलाया जाना था, लेकिन उससे पहले ही लोगों ने खुद निर्माण गिरा दिया। रविवार सुबह पुलिस प्रशासन दलबल के साथ गांव पहुंचा, तो नजारा देखकर आश्चर्यचकित रह गए। मस्जिद के बचे हिस्से को ध्वस्त कराया साथ ही डीएम-एसपी ने मौके पर पहुंचकर नवीन पर्ती भूमि पर बने मदरसा दारुल उलूम कादरी नवशाही को बुलडोजर चलवाकर ध्वस्त करा दिया। अवैध कब्जा करने के मामले में 58 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
क्षेत्र के गांव सलेमपुर सलार उर्फ हाजीपुर में हाजी शमीम द्वारा सरकारी भूमि पर कब्जा कर मस्जिद निर्माण करने की बात सामने आई थी। लेखपाल की रिपोर्ट पर तहसीलदार कोर्ट में ग्राम पंचायत बनाम हाजी शमीम मुतवल्ली के नाम से वाद दायर किया था। लंबे समय तक चली सुनवाई में साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर मस्जिद को अवैध निर्माण मानते हुए हटाने के आदेश जारी किए गए। रविवार को होने वाली इस कार्रवाई के लिए प्रशासन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली थीं। रविवार सुबह को तहसीलदार धीरेंद्र कुमार दलबल के साथ गांव पहुंचे तो नजारा देखकर भौचक्के रह गए, क्योंकि सरकारी भूमि पर बनी मस्जिद को ग्रामीणों ने रात में ही गिरा दिया था। बचे हिस्से को ध्वस्त कराया गया। डीएम डॉ. राजेंद्र पैंसिया व एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई भी मौके पर पहुंचे। प्रशासन की टीम ने मस्जिद के पास ही नवीन पर्ती भूमि पर बने मदरसा दारुल उलूम कादरी नवाशाही को भी बुल्डोजर चलवाकर ध्वस्त करा दिया।
20 ग्रामीणों को कब्जामुक्त कराई गई भूमि के पट्टे आवंटित
डीएम डॉ. राजेंद्र पैंसिया और एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई रविवार सुबह हाजीपुर गांव पहुंचे और मौके का स्थलीय निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। हाजीपुर गांव में यह मस्जिद गांव की गाटा संख्या 641 की 439 वर्ग मीटर नवीन पर्ती भूमि पर बनी थी, जो राजस्व अभिलेखों में ग्राम समाज की भूमि के रूप में दर्ज थी। मामले की शिकायत मिलने पर 28 दिसंबर को नायब तहसीलदार के नेतृत्व में लेखपालों की टीम गठित की गई थी। जांच में अवैध कब्जा पाए जाने पर हाजी शमीम के खिलाफ बेदखली के आदेश जारी किए गए थे।
सरकारी भूमि पर कब्जा है तो खुद ही कर लें ध्वस्त
संभल। डीएम ने कहा कि जिले में जहां-जहां अतिक्रमण किया गया है, चाहें वह खलिहान हों, चारागाह की भूमि हो या फिर तालाब हो या रास्ता या फिर सार्वजनिक भूमि हो, उन पर जिनके भी कब्जे हैं, उन्हें सौ प्रतिशत हटाने का काम करेंगे, लोग अपने अपने कब्जे खुद ध्वस्त कर लें, अन्यथा अर्थदंड के साथ फिर ध्वस्तीकरण होगा। सरकारी कर्मचारी पर कोई हमला करेगा या मारपीट करने का प्रयास किया जाएगा, तो उससे टीरो टॉलरेंस के साथ निपटा जाएगा, और ऐसी कार्रवाई करेंगे कि भविष्य में कोई सरकारी कर्मचारी के साथ ऐसा करने की हिम्मत नहीं करेगा।
आठ थानों की पुलिस-पीएसी रही तैनात
संभल। सलेमपुर सलार गांव में सरकारी भूमि पर बनी मस्जिद के ध्वस्तीकरण के बाद प्रशासनिक टीम ने जेसीबी चलवाकर भूमि को समतल करा दिया। गांव के 20 गरीब लोगों को पट्टे आवंटित करने के बाद डीएम एसपी ने मौके पर प्रमाण पत्र भी दिए। भूमि के पट्टे मिलने पर गरीब लोगों के चेहरे भी खिल उठे। गांव में रविवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच कार्रवाई हुई। सुरक्षा की दृष्टि से आठ थानों की पुलिस, पीएसी और आरआरएफ फोर्स मौजूद रहा। पुलिस प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान ग्रामीण मौके की तरफ जा रहे थे, लेकिन गांव में तैनात भारी फोर्स के चलते ग्रामीण मस्जिद मदरसा की तरफ नहीं गए।
डीएम डॉ. राजेंद्र पैंसिया का कहना है कि सलेमपुर सलार उर्फ हाजीपुर गांव में आबादी के लिए सुरक्षित भूमि थी, जो निर्धन लोगों को पट्टे पर देनी थी। उसके ऊपर मस्जिद का निर्माण किया गया था, जिस पर धारा 67 में न्यायालय तहसीलदार के यहां मुकदमा चला। नोटिस व अपील का समय दिया गया। उसके बाद ग्रामीणों ने मस्जिद को खुद ही ध्वस्त कर लिया। जो मलबा इत्यादि बचा है, उसे हम हटवा रहे हैं। जो भूमि जिनके लिए थी, उन्हीं को दी जा रही है। 20 गरीब लोगों को जो भूमिहीन हैं, उन्हें दी जा रही है। 1339 वर्ग मीटर भूमि है। इसमें नवीन पर्ती पर मदरसा व कॉमर्शियल दुकानें बनाकर किराया बसूला जा रहा था। उसे भी ध्वस्त किया गया है। 58 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।

लेखक के बारे में
Dinesh Rathourदिनेश राठौर लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में पिछले आठ सालों से काम कर रहे हैं। वह लाइव हिन्दुस्तान में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर हैं। कानपुर यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन किया है। पत्रकारिता में 13 साल से अधिक का अनुभव रखने वाले दिनेश की डिजिटल मीडिया और प्रिंट जर्नलिज्म में अलग पहचान है। इससे पहले लंबे समय तक प्रिंट में डेस्क पर भी काम किया है। कुछ सालों तक ब्यूरो में भी रहे हैं। यूपी और राजस्थान के सीकर जिले में भी पत्रकारिता कर चुके हैं। यूपी की राजनीति के साथ सोशल, क्राइम की खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाते हैं। वायरल वीडियो की फैक्ट चेकिंग में दिनेश को महारत हासिल है।
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