
डेढ़ लाख से ज्यादा बनाए फर्जी जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, ग्राम पंचायत अधिकारी समेत पांच गिरफ्तार
हरदोई का ग्राम पंचायत अधिकारी सालों से फर्जी जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र बनाने का गिरोह चला रहा था। एसटीएफ ने शुक्रवार को ग्राम पंचायत अधिकारी को दुबग्गा और उसके चार साथियों को गोण्डा से गिरफ्तार कर लिया।
यूपी एसटीएफ को बड़ी सफलता मिली है। हरदोई का ग्राम पंचायत अधिकारी सालों से फर्जी जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र बनाने का गिरोह चला रहा था। एसटीएफ ने शुक्रवार को ग्राम पंचायत अधिकारी को दुबग्गा और उसके चार साथियों को गोण्डा से गिरफ्तार कर लिया। चार आरोपी एक ही परिवार के हैं। इनमें दो भाई, उनका पिता और परिवार का एक अन्य सदस्य है। गिरोह अब तक 1.40 लाख जन्म और 25 हजार से अधिक मृत्यु प्रमाणपत्र बना चुका था। यह प्रमाणपत्र हूबहू सरकारी जैसे ही दिखते थे। इनका प्रयोग जमीनों के बैनामे, वसीयत और धोखाधड़ी में किया जा रहा था।
एसटीएफ के डिप्टी एसपी सुधांशु शेखर के मुताबिक गिरफ्तार गिरोह का सरगना व ग्राम पंचायत अधिकारी लाल बिहारी है। वह मूल रूप से लखनऊ में कृष्णानगर भोलाखेड़ा सुभाषनगर का रहने वाला है। वह हरदोई जनपद के अहरौली में तैनात है। अन्य साथियों में गोण्डा के मोतीगंज बैरिया विशुनपुर इमिलिया बिटोरा का रहने वाला रवि वर्मा, उसका भाई सोनू वर्मा, पिता वंशराज और सत्यरोहन हैं। लाल बिहारी इन्हीं लोगों से फर्जी प्रमाणपत्र बनवाता था। बीते दिनों जानकारी हुई थी कि ये लोग फर्जी वेबसाइट, सॉफ्टवेयर एवं पोर्टल के जरिए फर्जी जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाते हैं। इसके बाद दरोगा नरेंद्र सिंह और उनकी टीम को लगाया गया। टीम को शुक्रवार को सूचना मिली कि गिरोह का सरगना हरदोई से कार से लखनऊ आ रहा है। टीम ने उसे दुबग्गा चौराहे से धर दबोचा। पूछताछ में रवि उसके भाई, पिता व अन्य के बारे में जानकारी हुई। उसके बाद गोण्डा से रवि, उसके भाई, पिता और एक अन्य को गिरफ्तार किया गया।
यह हुई बरामदगी
चार मोबाइल फोन, 14 आयुष्मान कार्ड, सात एटीएम कार्ड, 25 जन्म प्रमाणपत्र, पांच मृत्यु प्रमाणपत्र, 27,690 रुपये, ड्राइविंग लाइसेंस, हार्ड डिस्क व एक कार बरामद की गई है।





